वैगन वाणी के ÿथम अंक का िवमोचन 2 कारखाना राजभाषा कायाªÆवयन सिमित कì ितमाही बैठक

दो श᭣द िᮧय पाठको, “वैगन वाणी” के ि᳇तीय अंक आपके समᭃ ᮧ᭭ तुत करते ᱟए मुझे अ᭜यंत हषᭅ का अनुभव हो रहा है। ᮧथम अंक को आप सभी से जो ᳩेह, ᮧो᭜साहन एवं सकारा᭜मक ᮧितᳰᮓया ᮧा᳙ ᱟई, वही इस अंक के ᮧकाशन कᳱ सबसे बड़ी ᮧेरणा रही है। राजभाषा ᳲहंदी केवल संवैधािनक दािय᭜व का िवषय नहᱭ बि᭨क ᮧभावी संवाद, ᮧशासिनक दᭃता एवं रा᳦ ीय एकता का सशᲦ मा᭟यम है। हमारा सतत ᮧयास है ᳰक कायाᭅलयीन कायᲄ मᱶ ᳲहंदी का ᮧयोग सहज, सरल और ᳞ वहाᳯरक बनᱶ। इसी उ᳎े᭫ य से इस पिᮢ का के मा᭟यम से राजभाषा संबंधी गितिविधयᲂ, उपलि᭣धयᲂ तथा कमᭅचाᳯरयᲂ कᳱ सािहि᭜यक एवं सृजना᭜मक अिभ᳞ िᲦयᲂ को एक साझा मंच ᮧदान ᳰकया जा रहा है। मुझे िव᳡ास है ᳰक “वैगन वाणी” का यह अंक न केवल ᳲहंदी के ᮧित आपकᳱ ᱧिच को और अिधक वैगन वाणी (ϒसतंबर 2026) अंक - 2 संरᭃक एम. िᮢ नाध कुमार मु᭎य कारखाना ᮧबंधक न केवल ᳲहंदी के ᮧित आपकᳱ ᱧिच को और अिधक ᮧो᭜सािहत करेगा, बि᭨क राजभाषा के ᮧभावी कायाᭅया᭠वयन मᱶ भी उपयोगी िस᳍ होगा। आप सभी से अनुरोध है ᳰक भिव᭬ य के अंकᲂ के िलए अपने बᱟमू᭨य लेख, किवताएँ, अनुभव, सुझाव एवं रचनाएँ अव᭫ य भेजᱶ, ताᳰक यह पिᮢ का िनरंतर समृ᳍ होती रहे। इस अंक के ᮧकाशन मᱶ ᮧ᭜यᭃ एवं परोᭃ ᱨप से सहयोग ᮧदान करने वाले सभी अिधकाᳯरयᲂ, कमᭅचाᳯरयᲂ, लेखकᲂ एवं सहयोिगयᲂ के ᮧित मᱹ हा᳸ दᭅक आभार ᳞ Ღ करता ᱠँ। सादर एम. अिनᱧ᳍ उप मु᭎य राजभाषा अिधकारी संपादक एम. अिनᱧ᳍ उप मु᭎य राजभाषा अिधकारी एवं कारखाना काᳶमᭅक अिधकारी सह संपादक डी. राम ᮧसाद वᳯर᳧ अनुवादक 3

80व¤ Öवतंýता िदवस समारोह का भÓय आयोजन ᳰदनांक 15.08.2026 को मालिड᭣बा कारखाना, गुंटुप᭨ली ि᭭ थत रेलवे इंि᭭ टᲷूट मᱶ मु᭎य कारखाना ᮧबंधक ᮰ी एम. िᮢ नाध कुमार कᳱ अ᭟यᭃता मᱶ 80वᱶ ᭭ वतंᮢ ता ᳰदवस समारोह का भ᳞ आयोजन ᳰकया गया है। इस समारोह मᱶ सभी िवभागᲂ के अिधकारी, पयᭅवेᭃक और कमᭅचाᳯरयᲂ ने भाग िलया था। अलावा इनके पी एम ᮰ी कᱶᮤ ीय िव᳒ ालय नं.2, गुंटुप᭨ली और जैक एंड िजल ᭭ कूल, गुंटुप᭨ली के छाᮢ -छाᮢ ाᲐ ने बढ़-चढ कर भाग िलया। इनके साथ-साथ रेल सुरᭃा बल और ᭭ काउट व गाइड के कमᭅचारी भी उपि᭭ थत थे। सवᭅᮧथम, समारोह मᱶ ᭭ काउट के बᲬᲂ ने मु᭎य अितिथ ᮰ी एम. िᮢ नाध कुमार तथा अ᭟यᭃा, दिᭃण तट रेलवे मिहला क᭨याण संगठन, मालिड᭣बा कारखाना, गुंटुप᭨ली ᮰ीमती मालती िᮢ नाध कुमार भी उपि᭭ थत थी। अ᭟यᭃ महोदय ᳇ारा ᭟वजारोहन के प᳟ ात दिᭃण तट रेलवे के महाᮧबंधक महोदय के ᭭ वतंᮢ ता ᳰदवस संदेश का पठन ᳰकया गया। प᳟ ात अ᭟यᭃ महोदय ने रेल सुरᭃा बल तथा ᭭ काउट के परेड से सलामी ली। इसके बाद जैक एंड िजल और पी एम ᮰ी कᱶᮤ ीय िव᳒ ालय नं.2 के बᲬᲂ ᳇ारा रंगारंग सां᭭ कृितक कायᭅᮓम का आयोजन ᳰकया गया।᭭ वतंᮢ ता ᳰदवस के िसलिसले मᱶ कᱶᮤ ीय िव᳒ ालय मᱶ आयोिजत िचᮢ लेखन, िनबंधलेखन, ᳲहंदी वाक और ᮧ᳤ ोᱫरी ᮧितयोिगताᲐ के िवजेताᲐ को ᮧमाण-पᮢ , ᭭ मृित िच᭮ न तथा पु᭭ तक से स᭥मािनत ᳰकया गया। उसके बाद कारखाने के कमᭅचाᳯरयᲂ को आयोिजत खेलकूद और िविभ᳖ ᮧितयोिगताᲐ के िवजेताᲐ को पुर᭭ कृत ᳰकया गया। कायᭅᮓम कᳱ समाि᳙ रा᳦ गीत – वंदेमातरम और रा᳦ गान से ᱟई। 4

वषᭅ 2026 कᳱ 12वᱶ अंतराᭅ᳦ ीय योग ᳰदवस के थीम "᭭ व᭭ थ वृ᳍ाव᭭ था के िलए योग" को बढ़ावा देने के उ᳎े᭫ य से रायनपाडु मालिड᭣बा कारखाना, गुंटुप᭨ली मᱶ 12वाँ अंतररा᳦ ीय योग ᳰदवस - 2026 ᳰदनांक 4 जून को अ᭜यंत उ᭜साहपूवᭅक मनाया गया। इस अवसर पर माननीय ᮧधानमंᮢ ी के संबोधन का कारखाने के मु᭎य ᮧवेश ᳇ार पर लाइव मᱶ ᮧसारण ᳰकया गया। कारखाने के सभी अिधकारी, पयᭅवेᭃक एवं कमᭅचाᳯरयᲂ ने इस लाइव ᮧसारण का वीᭃण ᳰकया। इसके उपरांत कारखाने के पᳯरसर मᱶ योगा᭤यास कायᭅᮓम का आयोजन ᳰकया गया। इस कायᭅᮓम के िलए ᭭ थानीय योग ᮧिशᭃक को आमंिᮢ त ᳰकया गया, िज᭠हᲂने ᮧितभािगयᲂ को िविभ᳖ योगासन कराए तथा ᮧ᭜येक योगासन के ᭭ वा᭭᭝ य संबंधी लाभᲂ कᳱ िव᭭ तार से जानकारी ᮧदान कᳱ। इस कायᭅᮓम मᱶ भाग िलए अिधकारी, पयᭅवेᭃक, िलिपक वगᱮय कमᭅचारी तथा अ᭠य कमᭅचाᳯरयᲂ ने ᭭ व᭭ थ जीवनशैली अपनाने का संक᭨प िलया। इस आयोजन के मा᭟यम से कमᭅचाᳯरयᲂ मᱶ शारीᳯरक एवं मानिसक ᭭ वा᭭᭝ य के ᮧित जागᱨकता बढ़ी तथा िनयिमत योगा᭤यास के मह᭜व का ᮧभावी संदेश ᮧसाᳯरत ᱟआ। 12वᱶ अंतररा᳦ ीय योग ᳰदवस – 2026 का आयोजन 5

समूह ᮧो᭜साहन योजना पᳯरचय: मालिड᭣बा कारखाना,रायनपाडु मैससᭅ राइ᭗स कᳱ अनुशंसाᲐ के आधार पर समूह ᮧो᭜साहन योजना को 01 जुलाई 2002 से लागू ᳰकया गया। समूह ᮧो᭜साहन योजना कᳱ ᮧमुख िवशेषताएँ: कायᭅ कᳱ ᮧकृित के आधार पर ᮧो᭜साहन के अंतगᭅत आने वाले ᭃेᮢᲂ को तीन समूहᲂ मᱶ िवभािजत ᳰकया गया है – I) उ᭜पादन शॉप: वे शॉप जहाँ उ᭜पादन को ᳰकसी मानक इकाई मᱶ मापा जा सकता है, उ᭜पादन शॉप कहलाती हᱹ। मालिड᭣बा कारखाना, रायनपाडु कᳱ उ᭜पादन शॉप: ि᭭ᮝᳲ पंग शॉप बॉडी ᳯरपेयर शॉपᮩे क िस᭭ टम ᳯरपेयर शॉप बोगी शॉप ᭪हील शॉप पᱶट शॉप II) सहायक शॉप: इन शॉपᲂ के उ᭜पादन को ᳰकसी मानक इकाई मᱶ नहᱭ मापा जा सकता,᳴ कंतु ये उ᭜पादन शॉपᲂ को रोᳲलंग ᭭ टॉक अनुभाग मशीनरी एवं संयंᮢ अनुभाग ᮧो᭜साहन सेल • भौितक उ᭜पादन के ल᭯ य भौितक उ᭜पादन के ल᭯ य राइ᭗स कᳱ अनुशंसाᲐ के आधार पर िनधाᭅᳯरत ᳰकए गए हᱹ तथा ᮧ᭜येक ᮧो᭜साहन समूह के िलए कमᭅचाᳯरयᲂ कᳱ सं᭎या भी िनधाᭅᳯरत कᳱ गई है। • ᮧो᭜साहन भुगतान का आधार कमᭅचाᳯरयᲂ को ᮧो᭜साहन रािश का भुगतान - उनके संबंिधत ᮧो᭜साहन समूह के ᮧदशᭅन, तथा उस कारखाना/संयंᮢ के समᮕ ᮧदशᭅन के आधार पर ᳰकया जाएगा, िजसका वह समूह िह᭭ सा है। • समान भागीदारी ᮧ᭜येक ᮧो᭜साहन समूह के सभी कमᭅचारी समान ᱨप से योजना मᱶ भाग लᱶगे। तथािप, ᮧ᭜येक कमᭅचारी को िमलने वाली ᮧो᭜साहन रािश उसके बोनस गुणांक तथा ᳞ िᲦगत उपि᭭ थित घंटᲂ पर िनभᭅर करेगी। • िविभ᳖ ᮰ेिणयᲂ के िलए ᮧो᭜साहन गुणांक ᮰ेणी 7वाँ वेतन आयोग, जूिनयर इंजीिनयर के िलए 30,240/-,वᳯर᳧ तकनीिशयन के िलए 6 नहᱭ मापा जा सकता,᳴ कंतु ये उ᭜पादन शॉपᲂ को िनधाᭅᳯरत ल᭯ य ᮧा᳙ करने मᱶ सहायता ᮧदान करती हᱹ। मालिड᭣बा कारखाना, रायनपाडु कᳱ सहायक शॉप: यांिᮢ क िमलराइट शॉप िव᳒ु त िमलराइट शॉप मशीन शॉप कांपोनᱶट शॉप᭭ ᮓै प एवं याडᭅ शॉप III) सहायक अनुभाग: इन िवभागᲂ के कायᭅ का उ᭜पादन ᳰकसी मानक इकाई मᱶ नहᱭ मापा जा सकता। इनका मु᭎य कायᭅ िविभ᳖ अनुभागᲂ के साथ पᮢ ाचार करना, कायᭅ कᳱ िनगरानी करना तथा िविभ᳖ सांि᭎यकᳱय िववरण तैयार करना है। मालिड᭣बा कारखाना, रायनपाडु के सहायक अनुभाग: ᮧगित अनुभाग योजना अनुभाग आईएमएस अनुभाग संरᭃा अनुभाग िलए 30,240/-,वᳯर᳧ तकनीिशयन के िलए 30,240/-, तकनीिशयन-1 के िलए 26,325/-, तकनीिशयन-2 को 23,400/-, तकनीिशयन-3 को 17,843/-, सहायक कारखाना को 15,210/- के ᱨप मᱶ िनधाᭅᳯरत कᳱ है। • लेखांकन कᳱ इकाई इस योजना मᱶ लेखांकन कᳱ इकाई "मानक उ᭜पादन इकाई“ है। पारंपᳯरक मापन इकाई "वाहन इकाई“ है। िविभ᳖ उ᭜पादन शॉपᲂ के िलए एस पी यू िन᳜ िलिखत अनुसार है - बी आर एस, ि᭭ᮝᳲ पंग, बी एस आर एस एवं पᱶट शॉप के िलए — एक BOXN वैगन बोगी शॉप के िलए — दो CASNUB बोिगयाँ ᭪हील शॉप के िलए — एक BOXN ᭪हील सेट योजना के अनुसार ᮧो᭜साहन अजᭅन उ᭜पादन शॉप - 100% सहायक शॉप — उ᭜पादन शॉपᲂ ᳇ारा अᳶजᭅत औसत ᮧो᭜साहन का 80% सहायक अनुभाग — उ᭜पादन शॉपᲂ ᳇ारा अᳶजᭅत औसत ᮧो᭜साहन का 50%

पयᭅवेᭃकᲂ के िलए ᮧो᭜साहन: ᮧो᭜साहन अनुभागᲂ के कायᭅ कᳱ देखरेख करने वाले सीिनयर से᭍शन इंजीिनयर एवं से᭍शन इंजीिनयर को ᭭ तर-7 के मूल वेतन का 15% ᮧो᭜साहन के ᱨप मᱶ िनयत दर से देय होगा। उ᭜पाद आधाᳯरत योजना: यह योजना उ᭜पाद आधाᳯरत है, जबᳰक अ᭠य ᮧो᭜साहन योजनाएँ ᳰकसी भाग ᮧणाली पर आधाᳯरत होती हᱹ। ल᭯ य एवं ᮧो᭜साहन इस योजना मᱶ ल᭯ य इस ᮧकार िनधाᭅᳯरत ᳰकया गया है ᳰक यᳰद वा᭭ तिवक उ᭜पादन SPU के िनधाᭅᳯरत ल᭯ य के बराबर हो, तो 20% ᮧो᭜साहन अᳶजᭅत ᳰकया जा सके। अिधकृत जनशिᲦ: ᮧ᭜येक समूह कᳱ अिधकृत जनशिᲦ 120R के आधार पर िनधाᭅᳯरत कᳱ गई है, िजसमᱶ सीिनयर से᭍शन इंजीिनयर से अकुशल कमᭅचारी तक सभी ᮰ेिणयाँ तथा 12.5% सुिनि᳟ त करना है ᳰक ᮧ᭜येक उ᭜पाद िनधाᭅᳯरत होᳲ᭨डंग अविध के भीतर अथवा उससे कम समय मᱶ तैयार हो। संयंᮢ मᱶ अ᭜यिधक िवलंब के कारण कटौती यो᭏य SPU जहाँ तक संभव हो, ᮧ᭜येक उ᭜पाद का िन᭬ पादन पहले आया –पहले िनकला के िस᳍ांत के अनुसार ᳰकया जाना चािहए, ताᳰक संयंᮢ मᱶ अनाव᭫ यक िवलंब न हो तथा SPU मᱶ कटौती से बचा जा सके। ᮧदशᭅन का भारांक: ᳞ िᲦगत उ᭜पादन समूह का ᮧदशᭅन 70% भारांक कारखाना/संयंᮢ का समᮕ ᮧदशᭅन — 30% भारांक गुणवᱫा कारक: योजना मᱶ गुणवᱫा कारक को भी सि᭥मिलत 7 से अकुशल कमᭅचारी तक सभी ᮰ेिणयाँ तथा 12.5% अवकाश आरिᭃत सि᭥मिलत हᱹ। िनधाᭅᳯरत अनुपि᭭ थित ᮧितशत से अिधक अनुपि᭭ थित होने पर तथा यᳰद उ᭜पादन समूह का औसत उ᭜पादन लिᭃत उ᭜पादन के बराबर नहᱭ रहता है, तो ᮧो᭜साहन अजᭅन ᮧभािवत होगा। सीमारिहत बोनस: सीमा रिहत बोनस वह ᭭ तर है, जहाँ से उ᭜पादन शॉप ᮧो᭜साहन अᳶजᭅत करना ᮧार᭥भ करती है। 120R पर सीमा रिहत बोनस, ल᭯ य का 83.3% िनधाᭅᳯरत है। अथाᭅत् ल᭯ य के 83.3% से 100% तक उ᭜पादन होने पर समूह 20% ᮧो᭜साहन अᳶजᭅत करेगा। चᮓ समय: ᮧ᭜येक उ᭜पादन शॉप के िलए ᮧित SPU चᮓ समय िनधाᭅᳯरत ᳰकया गया है। योजना का उ᳎े᭫ य यह ᳰकया गया है, िजसमᱶ िन᳜ िलिखत शािमल हᱹ—᭭ थानीय पाᳲसंग 90 ᳰदनᲂ के भीतर िसक मा᳼कᲈग पी ओ एच के 30 महीनᲂ के भीतर अनलोडेबल घोिषत मालिड᭣बा इन गुणवᱫा मानकᲂ का ᮧितकूल ᮧभाव कमᭅचाᳯरयᲂ कᳱ ᮧो᭜साहन अᳶजᭅत रािश पर पड़ेगा। बी. नागराजा सीिनयर से᭍शन इंजीिनयर 7

िबन माँगे जो वरदान िमले, वह जीवन का उपहार है, िबन कहे जो मन को समझे, वह अपना सᲬा ᭡यार है। हमने तो बस राहᱶ माँगᱭ, आपने मंिज़ल दे डाली, हमने केवल दीप जलाया, आपने रोशनी भर डाली। जब-जब मन थोड़ा घबराया, आप सहारा बनकर आए, सूनी राहᲂ मᱶ भी आपने, फूलᲂ जैसे पथ सजाए। िबन माँगे वरदान न कोई िशकवा, न कोई चाहत, बस इतना आशीष रहे – िजस ᮧेम से आपने जीवन सँवारा, वह ᮧेम सदा हमारे साथ रहे। िबन माँगे वरदान देने वाले, आपका यह उपकार रहे, मेरी हर साँस मᱶ कृत᭄ता, मेरे हर श᭣द मᱶ आपका आभार रहे। **** 8 न माँगा था नाम, न शोहरत, न ऊँचे आसमान माँगे, ᳰफर भी आपने जीवन भर मᱶ, खुिशयᲂ के अरमान बाँटे। आपकᳱ कृपा का ऋण ऐसा, श᭣दᲂ मᱶ कैसे कह पाएँ, आभार कहᱶ तो कम लगता है, चरणᲂ मᱶ बस शीश झुकाएँ। जो िमला, उसे ᮧसाद समझकर, हर पल ᳰदल से ᭭ वीकार ᳰकया, आपने िबन माँगे जो ᳰदया, उसके िलए शत-शत ध᭠यवाद ᳰकया।

मालिड᭣बᲂ के पीओएच कायᲄ तथा मालिड᭣बᲂ के घटकᲂ के िनमाᭅण कᳱ ᮧᳰᮓया मᱶ ᳞ ापक कटाई एवं तापन कायᭅ होने के कारण धातु कᳳटंग गैस कᳱ खपत काफᳱ अिधक होती है। ᮕीनहाउस गैसᲂ के उ᭜सजᭅन मᱶ कमी लाने, लागत मᱶ बचत सुिनि᳟ त करने तथा कटाई कायᭅ को अिधक सुरिᭃत बनाने के उ᳎े᭫ य से रायनपाडु मालिड᭣बा कारखाना ᳇ारा पूवᭅ मᱶ घटक (कांपोनᱶट), बोगी एवं सीबीसी अनुभागᲂ मᱶ उपयोग हेतु हाइᮟोजन ᲊधन गैस जनरेटर के 6 उपकरण खरीदे गए थे। इनमᱶ से 4 जनरेटरᲂ मᱶ दो-दो कᳳटंग नोज़ल लगाने कᳱ सुिवधा उपल᭣ध है। वतᭅमान मᱶ एलपीजी कᳱ आपूᳶतᭅ संबंधी संकट कᳱ ि᭭ थित तथा नवीकरणीय ऊजाᭅ के उपयोग को बढ़ावा देने के उ᳎े᭫ य से दो अितᳯरᲦ ऑ᭍सी-हाइᮟोजन ᲊधन गैस कᳳटंग उपकरण खरीदे एवं चालू ᳰकए गए हᱹ, िजनका उपयोग सीबीसी अनुभाग मᱶ ᳰकया जा रहा है। ऑ᭍सी-धातु कᳳटंग के ᭭ थान पर ऑ᭍सी-हाइᮟोजन ᲊधन गैस कᳳटंग उपकरण धातु कᳱ कटाई के िलए आव᭫ यक ᭔वाला उ᭜प᳖ होती है। कटाई के दौरान िपघली ᱟई धातु को हटाने के िलए संपीिडत वायु का भी उपयोग ᳰकया जाता है। यह गैस जनरेटर आव᭫ यकता के अनुसार गैस का उ᭜पादन करता है, िजससे दाबयुᲦ गैस िसलᱶडरᲂ के भंडारण एवं पᳯरवहन कᳱ आव᭫ यकता समा᳙ हो जाती है। यह ᮧणाली सुरिᭃत, पयाᭅवरण-अनुकूल तथा ᳰकफायती है। 9 कायᭅ िस᳍ांत : हाइᮟोजन ᲊधन गैस जनरेटर जल के इले᭍ᮝॉलोिसस कᳱ ᮧᳰᮓया ᳇ारा ऑ᭍सीजन एवं हाइᮟोजन गैस का उ᭜पादन करते हᱹ। इस ᮧᳰᮓया मᱶ िव᳒ु त ऊजाᭅ ᮧवािहत करने पर जल के अणु हाइᮟोजन एवं ऑ᭍सीजन गैसᲂ मᱶ िवभािजत हो जाते हᱹ। ऑ᭍सी-हाइᮟोजन टॉचᭅ (िजसे हाइᮟोजन टॉचᭅ भी कहा जाता है) मᱶ हाइᮟोजन को ᲊधन तथा ऑ᭍सीजन को ऑ᭍सीकारक के ᱨप मᱶ उपयोग ᳰकया जाता है, िजससे चूंᳰक हाइᮟोजन ᲊधन जल से उ᭜प᳖ होता है, इसिलए इसकᳱ पᳯरचालन लागत पारंपᳯरक धातु कᳳटंग गैस कᳱ तुलना मᱶ अ᭜यंत कम है। वतᭅमान मᱶ कारखाने मᱶ कुल 8 ऑ᭍सी-हाइᮟोजन जनरेटर उपल᭣ध हᱹ, िजनके मा᭟यम से 12 हᱹड टॉचᲄ का संचालन धातु कटाई एवं तापन कायᲄ के िलए ᳰकया जा रहा है। इन उपकरणᲂ ᳇ारा एलपीजी आधाᳯरत कटाई एवं तापन ᮧणाली का ᮧभावी ᮧित᭭ थापन ᳰकया गया है, िजसके पᳯरणाम᭭ वᱨप एलपीजी आपूᳶतᭅ मᱶ चल रहे संकट के बावजूद कायᭅशाला को िनधाᭅᳯरत उ᭜पादन ल᭯ य िनयिमत ᱨप से ᮧा᳙ करने मᱶ मह᭜वपूणᭅ सहायता िमल रही है।

ओवरहॉᳲलंग कायᭅ कᳱ गुणवᱫा मᱶ सुधार, कमᭅचाᳯरयᲂ कᳱ शारीᳯरक थकान को कम करने तथा बढ़े ᱟए उ᭜पादन ल᭯ य को सुचाᱧ ᱨप से पूरा करने के उ᳎े᭫ य से 200 टन ᭃमता वाले दो हाइᮟॉिलक ᮧेस काज़ीपेट कारखाने से ᮧा᳙ ᳰकए गए, जो वहाँ िनि᭬ᮓ य अव᭭ था मᱶ पड़े थे। इनमᱶ से एक हाइᮟोिलक ᮧेस सीबीसी अनुभाग मᱶ ᭭ थािपत ᳰकया गया है, िजसका उपयोग एफ – 325 जी ᮟा᭢ट िगयर को छोड़कर सभी ᮧकार के ᮟा᭢ट िगयरᲂ कᳱ ओवरहॉᳲलंग एवं पूवᭅ-संᭃेपण के िलए ᳰकया जा रहा है। 200 टन ᭃमता वाले हाइᮟोिलक ᮧेस का कमीशᳲनंग दूसरा हाइᮟोिलक ᮧेस बोगी अनुभाग मᱶ ᭭ थािपत ᳰकया गया है, िजसका उपयोग िन᳜ िलिखत कायᲄ के िलए ᳰकया जा रहा है - बीवीज़ेडआई बोिगयᲂ के एंकर ᳲलंकᲂ मᱶ साइलᱶट ᭣लॉकᲂ को ᮧेस-ᳰफट करने हेतु। बीवीज़ेडआई बोिगयᲂ के सीपी ᭭ लीव मᱶ इंजे᭍शन मो᭨डेड साइलᱶट ᭣लॉकᲂ को ᮧेस-ᳰफट करने हेतु। बोगी के ईᲤलाइᳲजंग लीवर से पुराने बुश िनकालने तथा नए बुशᲂ को ᭭ थािपत करने हेतु। इन हाइᮟोिलक ᮧेसᲂ के उपयोग से कायᭅ कᳱ गुणवᱫा एवं उ᭜पादकता मᱶ वृि᳍ ᱟई है, साथ ही कमᭅचाᳯरयᲂ के ᮰म एवं समय कᳱ भी उ᭨लेखनीय बचत हो रही है। 10

250 केवीए जनरेटर का कमीशᳲनंग आंᮥ ᮧदेश रा᭔य िव᳒ु त बोडᭅ ᳇ारा िव᳒ु त आपूᳶतᭅ बािधत होने कᳱ ि᭭ थित मᱶ कारखाने कᳱ उ᭜पादन गितिविधयᲂ का संचालन कुछ सीमा तक डीज़ल जनरेटर सेटᲂ कᳱ सहायता से ᳰकया जाता है। तथािप, कायाᭅलयीन कायᭅ तथा ᭭ टाफ कᱹटीन का कायᭅ ᮧभािवत होता है। साथ ही रािᮢ पारी के दौरान शॉप ᭢लोर कᳱ ᭭ ᮝ ीट लाइᳳटंग बािधत होती है। अत: िनयिमत कायᭅ िनबाᭅध ᱨप से संचािलत हो सके, इस उ᳎े᭫ य से कारखाने के डी – उप कᱶᮤ मᱶ 250 केवीए ᭃमता का एक जनरेटर खरीदा गया एवं कमीशन भी ᳰकया गया है। इस जनरेटर मᱶ ᭭ वचािलत ऑन/ऑफ सुिवधा उपल᭣ध है, िजसके कारण िव᳒ु त आपूᳶतᭅ बािधत होते ही जनरेटर ᭭ वतः चालू हो जाता है तथा िव᳒ु त आपूᳶतᭅ सामा᭠य होने पर ᭭ वतः बंद हो जाता है। इससे कायाᭅलयीन कायᭅ,᭭ टाफ कᱹटीन तथा 11 रािᮢ कालीन शॉप ᭢लोर ᮧकाश ᳞ व᭭ था िबना ᳰकसी ᳞ वधान के िनरंतर संचािलत रहती है।

मालिड᭣बा कारखाना, रायनपाडु कᳱ कमᭅचारी कᱹटीन का िनमाᭅण काफᳱ समय पूवᭅ ᳰकया गया था। भवन के पुराने हो जाने के कारण इसकᳱ फॉ᭨स सीᳲलंग एवं िखड़ᳰकयाँ ᭃितᮕ᭭ त हो गई थᱭ तथा भवन कᳱ ि᭭ थित जजᭅर एवं अनुपयुᲦ हो गई थी। कᱹटीन का वातावरण बेहतर बनाने तथा कमᭅचाᳯरयᲂ का मनोबल बढ़ाने के उ᳎े᭫ य से कᱹटीन के नवीनीकरण का कायᭅ ᳰकया गया तथा िन᳜ िलिखत कायᲄ के मा᭟यम से इसकᳱ सᲅदयाᭅ᭜मक एवं उपयोिगता संबंधी गुणवᱫा मᱶ सुधार ᳰकया गया। भवन मᱶ नई फॉ᭨स सीᳲलंग लगाकर उसकᳱ आंतᳯरक संरचना को उ᳖ त बनाया गया।᭭ टाफ कᱹटीन का नवीनीकरण बेहतर वायु संचार (वᱶᳯटलेशन) सुिनि᳟ त करने के िलए सभी पुरानी िखड़ᳰकयᲂ के ᭭ थान पर नई िखड़ᳰकयाँ लगाई गᲊ। पयाᭅ᳙ ᮧाकृितक एवं कृिᮢ म ᮧकाश ᳞ व᭭ था सुिनि᳟ त करने के िलए आव᭫ यक सं᭎या मᱶ ᱨफ लाइट ᭭ थािपत कᳱ गᲊ, िजससे ᮧकाश कᳱ तीᮯता मᱶ उ᭨लेखनीय सुधार ᱟआ। भवन कᳱ दीवारᲂ पर रंगाई-पुताई (कलर वॉश) कर उसे आकषᭅक एवं ᭭ व᭒छ ᭭ वᱨप ᮧदान ᳰकया गया। इन सुधारा᭜मक कायᲄ से ᭭ टाफ कᱹटीन का वातावरण अिधक ᭭ व᭒छ, सुिवधाजनक एवं आकषᭅक बन गया है, िजससे कमᭅचाᳯरयᲂ के िलए बेहतर भोजन एवं िव᮰ाम कᳱ सुिवधा उपल᭣ध ᱟई है तथा उनके मनोबल मᱶ भी वृि᳍ ᱟई है। 12

बा᳭ ᭭ टेशनᲂ से आने वाले रेल कमᭅचाᳯरयᲂ हेतु िव᮰ाम कᭃ कᳱ ᳞ व᭭ था अ᭠य रेल कारखानᲂ, मंडलᲂ एवं ᭃेᮢ ीय रेलᲂ के पयᭅवेᭃक तथा कमᭅचारी समय-समय पर रायनपाडु कारखाना मᱶ ओवरहॉᳲलंग ᮧᳰᮓया के अ᭟ययन तथा सामᮕी संबंधी तकनीकᳱ सहायता के िलए आते रहते हᱹ। कई बार उ᭠हᱶ कायᭅ कᳱ आव᭫ यकता के अनुसार एक से अिधक ᳰदन तक ठहरना पड़ता है। इसके अितᳯरᲦ, अनेक कमᭅचारी रेलगाड़ी से उतरकर सीधे कारखाने मᱶ पᱟँचते हᱹ, िज᭠हᱶ नहा धोकर तैयार होने कᳱ जᱨरत होती है। इ᭠हᱭ आव᭫ यकताᲐ को ᭟यान मᱶ रखते ᱟए बा᳭ ᭭ टेशनᲂ से आने वाले रेल कमᭅचाᳯरयᲂ कᳱ सुिवधा हेतु कारखाने मᱶ एक सुसिᲯत िव᮰ाम कᭃ िवकिसत ᳰकया गया है। यह िव᮰ाम कᭃ आगंतुक कमᭅचाᳯरयᲂ को आराम करने तथा आव᭫ यक सुिवधाएँ उपल᭣ध कराता है, िजससे उ᭠हᱶ अिधक सुिवधा ᮧा᳙ होती है और कायᭅ िन᭬ पादन मᱶ भीसुिवधा ᮧा᳙ होती है और कायᭅ िन᭬ पादन मᱶ भी सकारा᭜मक ᮧभाव पड़ता है। 13

िव᳡ रᲦदाता ᳰदवस–2026 के उपल᭯ य मᱶ 17.06.2026 को मालिड᭣बा कारखाना, गुंटुप᭨ली ि᭭ थत बुिनयादी ᮧिशᭃण कᱶᮤ मᱶ ᮧजािपता ᮩ ᳬ ाकुमारी ई᳡रीय सं᭭ था के सहयोग से रᲦदान िशिवर का आयोजन ᳰकया गया। यह िशिवर "मानवता कᳱ एक बूंद रᲦदान करᱶ, जीवन बचाएँ" थीम के साथ आयोिजत ᳰकया गया। इस रᲦदान िशिवर मᱶ कारखाने के लगभग 20 कमᭅचाᳯरयᲂ ने ᭭ वे᭒छा से रᲦदान कर मानव सेवा एवं सामािजक उᱫरदािय᭜व का उ᭜कृ᳥ उदाहरण ᮧ᭭ तुत ᳰकया। िव᳡ रᲦदाता ᳰदवस - 2026 रᲦदान करने वाले सभी कमᭅचाᳯरयᲂ को उनके इस सराहनीय योगदान के िलए रᲦदान ᮧमाण-पᮢ ᮧदान कर स᭥मािनत ᳰकया गया। इस ᮧकार के आयोजन कमᭅचाᳯरयᲂ मᱶ सामािजक जागᱨकता, मानवीय संवेदनाᲐ तथा सेवा-भावना को ᮧो᭜सािहत करने के साथ-साथ समाज मᱶ ᭭ वैि᭒छक रᲦदान के ᮧित सकारा᭜मक संदेश ᮧसाᳯरत करते हᱹ। साथ ही सामािजक िज᭥मेदारी बढाकर वसुधैव कुटु᭥बकम कᳱ भावना जागृत करती है। 14 ᮰ीमती शेक ᱧ᭍साना, तकनीिशयन, बुिनयादी ᮧिशᭃण कᱶᮤ , मा िड का, गुंटुप᭨ली

वडलपुडी कारखाने मᱶ मालिड᭣बᲂ के पीओएच अनुरᭃण प᳍ितयᲂ से संबंिधत लेखा- परीᭃण ᮧितवेदन पर ᳰदनांक 16.05.2026 को मु᭎य कारखाना ᮧबंधक महोदय कᳱ अ᭟यᭃता मᱶ एक तकनीकᳱ संगो᳧ ी का आयोजन ᳰकया गया था। हाल ही मᱶ, वडलपूडी कारखाने मᱶ आयोिजत लेखा- परीᭃण के दौरान उप मु᭎य यांिᮢ क इंजीिनयर (मालभाडा)/पूवᭅ रेलवे एवं िनदेशक/एनसीओ से गᳯठत लेखा-परीᭃण दल ᳇ारा कᳱ गई ᳲबंदुवार ᳯट᭡पिणयᲂ पर िव᭭ तृत चचाᭅ कᳱ गई। इस संगो᳧ ी का उ᳎े᭫ य सीिनयर से᭍शन इंजीिनयरᲂ एवं जूिनयर इंजीिनयरᲂ को इन ᳯट᭡पिणयᲂ से अवगत कराना तथा अनुरᭃण प᳍ितयᲂ के संबंध मᱶ आव᭫ यक मागᭅदशᭅन ᮧदान करना था। तकनीकᳱ संगो᳧ ी का आयोजन संगो᳧ ी के दौरान अनुसंधान अिभक᭨प एवं मानक संगठन (RDSO) ᳇ारा जारी वैगन पीओएच अनुरᭃण प᳍ितयᲂ तथा उनके ᮧभावी अनुपालन पर िव᭭ तार से चचाᭅ कᳱ गई। साथ ही लेखा-परीᭃण मᱶ इंिगत ᳲबंदुᲐ के आलोक मᱶ अनुरᭃण कायᲄ मᱶ गुणवᱫा, मानकᳱकरण एवं सुधारा᭜मक उपायᲂ पर भी िवचार-िवमशᭅ ᳰकया गया। इस संगो᳧ ी मᱶ सभी संबंिधत ᮧभारी सीिनयर से᭍शन इंजीिनयर, जूिनयर इंजीिनयर, यांिᮢ क िवभाग के अिधकारी तथा रसायनी व धातुिव᭄ानी ने सᳰᮓय ᱨप से भाग िलया तथा अपने िवचार एवं अनुभव साझा ᳰकए। इस ᮧकार कᳱ संगोि᳧ यᲂ से अनुरᭃण प᳍ितयᲂ के ᮧभावी ᳰᮓया᭠वयन, गुणवᱫा मᱶ सुधार तथा कायᭅकुशलता बढ़ाने मᱶ मह᭜वपूणᭅ सहायता िमलती है। 15

भारतीय रेल दुिनया के सबसे बड़े रेल नेटवकᲄ मᱶ से एक है। हर ᳰदन करोड़ᲂ याᮢ ी रेल से याᮢ ा करते हᱹ और लाखᲂ टन माल देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पᱟँचाया जाता है। इतने बड़े नेटवकᭅ को संरिᭃत, समयब᳍ और कुशल तरीके से चलाना एक बᱟत बड़ी िज᭥मेदारी है। इसके िलए सही योजना, बेहतर रखरखाव, तेज़ िनणᭅय और उᲬ ᭭ तर कᳱ संरᭃा कᳱ आव᭫ यकता होती है। आज पूरी दुिनया तेजी से नई तकनीकᲂ को अपना रही है। ऐसे समय मᱶ भारतीय रेल के िलए भी कृिᮢ म मेधा अथाᭅत आ᳷टᭅᳰफिशयल इंटेिलजᱶस को अपनाना समय कᳱ आव᭫ यकता बन गया है। AI का मतलब इंसानᲂ कᳱ जगह मशीनᲂ को बैठाना नहᱭ है। इसका उ᳎े᭫ य कमᭅचाᳯरयᲂ कᳱ मदद करना, उनके काम को आसान बनाना और गलितयᲂ को कम करना है। जब रेल कमᭅचाᳯरयᲂ का अनुभव और AI भारतीय रेल मᱶ कृिᮢ म मेधा ᭍यᲂ अपनाना चािहए? यᳰद ᳰकसी मशीन मᱶ खराबी आने कᳱ संभावना हो, तो AI पहले ही चेतावनी दे सकता है। इससे मशीन खराब होने से पहले ही उसकᳱ मर᭥मत कᳱ जा सकती है। इसे पूवाᭅनुमािनत रखरखाव (Predictive Maintenance) कहा जाता है। कंᮝोल ᱨम मᱶ भी AI अलग-अलग ᮲ोतᲂ से िमली जानकारी का तुरंत िव᳣े षण करके अिधकाᳯरयᲂ को समय पर अलटᭅ दे सकता है, िजससे आपातकालीन 16 कम करना है। जब रेल कमᭅचाᳯरयᲂ का अनुभव और AI कᳱ तकनीक साथ िमलकर काम करᱶगे, तब भारतीय रेल और अिधक संरिᭃत, तेज़, आधुिनक और यािᮢ यᲂ के िलए बेहतर बन सकेगी। सुरᭃा को और मजबूत बनाना भारतीय रेल मᱶ सुरᭃा हमेशा सबसे पहली ᮧाथिमकता रही है। छोटी-सी गलती भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। AI कᳱ मदद से रेलवे ᮝैक, पुल, िसगनल और अ᭠य मह᭜वपूणᭅ उपकरणᲂ कᳱ लगातार िनगरानी कᳱ जा सकती है। कैमरे, सᱶसर और ᮟोन कᳱ सहायता से AI समय रहते ᮝैक मᱶ दरार, ढीले कल पुजᲄ या ᳰकसी भी खराबी का पता लगा सकता है। इससे मर᭥मत समय पर हो जाती है और दुघᭅटनाᲐ कᳱ संभावना काफᳱ कम हो जाती है। इसी तरह AI इंजन, कोच,ᮩे क, पिहयᲂ और अ᭠य मशीनᲂ कᳱ ि᭭ थित पर भी लगातार नजर रख सकता है। को समय पर अलटᭅ दे सकता है, िजससे आपातकालीन पᳯरि᭭ थितयᲂ मᱶ ज᭨दी िनणᭅय िलया जा सकता है। बेहतर रखरखाव और कम खरािबयाँ: आज भी कई जगहᲂ पर मशीनᲂ का रखरखाव िनि᳟ त समय के अनुसार ᳰकया जाता है। कभी-कभी अ᭒छी ि᭭ थित वाली मशीनᲂ कᳱ भी सᳶवᭅस कर दी जाती है, जबᳰक कुछ मशीनᱶ िनधाᭅᳯरत समय से पहले ही खराब हो जाती हᱹ। AI इस ᳞ व᭭ था को और बेहतर बना सकता है। यह वा᭭ तिवक समय (Real-Time) के डेटा का िव᳣े षण करके बताएगा ᳰक ᳰकस मशीन को वा᭭ तव मᱶ मर᭥मत कᳱ जᱨरत है। इससे अनाव᭫ यक खचᭅ कम होगा, मशीनᲂ कᳱ आयु बढ़ेगी और अचानक होने वाली खरािबयाँ भी कम हᲂगी। कम खरािबयाँ होने का मतलब है ᳰक गािड़यां समय पर चलᱶगी और यािᮢ यᲂ को बेहतर सेवा िमलेगी।

गाड़ी संचालन को अिधक कुशल बनाना: हर ᳰदन हजारᲂ गािड़यᲂ का संचालन आसान काम नहᱭ है। AI यािᮢ यᲂ कᳱ सं᭎या, मौसम, यातायात, रखरखाव और अ᭠य जानकाᳯरयᲂ का िव᳣े षण करके बेहतर समय-सारणी बनाने मᱶ मदद कर सकता है। यह ᭡लेटफॉमᭅ आवंटन, ᮝेन ᱨट और ᮝैᳰफक ᮧबंधन को भी अिधक ᮧभावी बना सकता है। इससे ᮝेनᲂ कᳱ देरी कम होगी और समय कᳱ बचत होगी। मालगािड़यᲂ के संचालन मᱶ भी AI वैगनᲂ का बेहतर उपयोग, सही ᱨट का चयन और तेज़ लोᳲडंग - अनलोᳲडंग मᱶ मदद करेगा। इससे रेलवे कᳱ आय भी बढ़ सकती है। रेल कमᭅचाᳯरयᲂ कᳱ सहायता: बᱟत से लोगᲂ को डर है ᳰक AI आने से नौकᳯरयाँ ख᭜म हो जाएँगी। लेᳰकन वा᭭ तव मᱶ AI कमᭅचाᳯरयᲂ कᳱ जगह लेने के िलए नहᱭ, बि᭨क उनकᳱ मदद करने के िलए है। भारतीय रेल के कमᭅचाᳯरयᲂ के पास वषᲄ का अनुभव और ᳞ ावहाᳯरक ᭄ान है। AI इस अनुभव का िवक᭨प नहᱭ बन सकता। AI केवल बार-बार होने वाले कायᲄ को आसान बनाएगा। उदाहरण के िलए, हजारᲂ ᳯरपोटᲄ कᳱ जाँच करने के बजाय AI केवल उन जगहᲂ कᳱ जानकारी देगा जहाँ वा᭭ तव मᱶ सम᭭ या है। इससे इंजीिनयर और अिधकारी अपना अिधक समय समाधान िनकालने मᱶ लगा सकᱶगे। 17 यािᮢ यᲂ को बेहतर सुिवधाएँ: आज का याᮢ ी तेज़, सुरिᭃत और सुिवधाजनक याᮢ ा चाहता है। AI आधाᳯरत चैटबॉट 24 घंटे यािᮢ यᲂ के ᮧ᳤ᲂ का उᱫर दे सकते हᱹ, जैसे ᳯटकट बु᳴ कंग, ᮝेन का समय, ᭡लेटफॉमᭅ नंबर, ᳯरफंड और अ᭠य जानकारी। ᭜योहारᲂ और छुᳯᲵयᲂ के समय AI यािᮢ यᲂ कᳱ संभािवत सं᭎या का अनुमान लगाकर पहले से अितᳯरᲦ गािड़यᲂ या अितᳯरᲦ कोच चलाने कᳱ योजना बनाने मᱶ मदद कर सकता है। रेलवे ᭭ टेशनᲂ पर AI आधाᳯरत कैमरे संᳰद᭏ध गितिविधयᲂ, िबना मािलक के सामान, अिधक भीड़ या ᳰकसी आपात ि᭭ थित कᳱ पहचान कर सकते हᱹ। इससे यािᮢ यᲂ कᳱ सुरᭃा और मजबूत होगी। ᭍या AI अपनाना खचᱮला है? शुᱧआत मᱶ AI लागू करने के िलए सᱶसर, कं᭡यूटर, सॉ᭢टवेयर, डेटा नेटवकᭅ और कमᭅचाᳯरयᲂ के ᮧिशᭃण पर िनवेश करना पड़ेगा। लेᳰकन लंबे समय मᱶ यह िनवेश लाभदायक सािबत होगा। AI दुघᭅटनाᲐ को कम करेगा, मशीनᲂ कᳱ आयु बढ़ाएगा, रखरखाव का खचᭅ घटाएगा, गािड़यᲂ कᳱ समयपालन ᭃमता बढ़ाएगा और ऊजाᭅ कᳱ भी बचत करेगा।

AI लागू करने कᳱ चुनौितयाँ: AI को सफल बनाने के िलए कमᭅचाᳯरयᲂ को उिचत ᮧिशᭃण देना आव᭫ यक है। साथ ही रेलवे के िडिजटल िस᭭ टम और डेटा कᳱ सुरᭃा भी बᱟत मह᭜वपूणᭅ होगी। मजबूत साइबर सुरᭃा ᳞ व᭭ था के िबना AI का पूरा लाभ नहᱭ िमल सकता। AI हमेशा इंसानᲂ कᳱ िनगरानी मᱶ काम करना चािहए। सुरᭃा और संचालन से जुड़े अंितम िनणᭅय ᮧिशिᭃत रेलवे अिधकाᳯरयᲂ ᳇ारा ही िलए जाने चािहए। बेहतर सेवाᲐ के कारण अिधक याᮢ ी और माल पᳯरवहन रेलवे को िमलᱶगे, िजससे उसकᳱ आय भी बढ़ेगी। इसिलए लंबे समय मᱶ AI एक खचᭅ नहᱭ, बि᭨क एक लाभदायक िनवेश है। पयाᭅवरण के िलए भी लाभदायक: AI केवल रेलवे कᳱ कायᭅᭃमता ही नहᱭ बढ़ाता, बि᭨क पयाᭅवरण कᳱ भी रᭃा करता है। बेहतर ᮝेन 18 ᭍या AI से रोजगार पर असर पड़ेगा? यह सबसे बड़ा सवाल है। संभव है ᳰक कुछ सामा᭠य और दोहराए जाने वाले कायᭅ भिव᭬ य मᱶ ᭭ वचािलत हो जाएँ। लेᳰकन दूसरी ओर AI, डेटा िव᳣े षण, साइबर सुरᭃा, रोबोᳯट᭍स, सॉ᭢टवेयर ᮧबंधन और िडिजटल रखरखाव जैसे नए ᭃेᮢᲂ मᱶ रोजगार के अवसर भी बढ़ᱶगे। यᳰद कमᭅचाᳯरयᲂ को समय-समय पर नई तकनीकᲂ का ᮧिशᭃण ᳰदया जाए, तो वे आसानी से इन नई िज᭥मेदाᳯरयᲂ को िनभा सकते हᱹ। बि᭨क पयाᭅवरण कᳱ भी रᭃा करता है। बेहतर ᮝेन संचालन से ᲊधन और िबजली कᳱ बचत होती है। मशीनᲂ का सही रखरखाव ऊजाᭅ कᳱ खपत कम करता है। AI ऊजाᭅ के उपयोग कᳱ िनगरानी करके अनाव᭫ यक बबाᭅदी को भी रोक सकता है। इस ᮧकार भारतीय रेल अिधक पयाᭅवरण-अनुकूल और हᳯरत पᳯरवहन ᮧणाली बन सकती है।

इितहास बताता है ᳰक नई तकनीकᱶ नौकᳯरयाँ पूरी तरह ख᭜म नहᱭ करतᱭ, बि᭨क काम करने का तरीका बदल देती हᱹ। ᭍या भारतीय रेल को पारंपᳯरक ᳞ व᭭ था से AI कᳱ ओर बढ़ना चािहए? इसका उᱫर है — हाँ, लेᳰकन धीरे-धीरे और सोच- समझकर। पारंपᳯरक कायᭅ ᮧणाली ने भारतीय रेल को आज इस मुकाम तक पᱟँचाया है। इसिलए उसे पूरी तरह छोड़ना सही नहᱭ होगा। सबसे अ᭒छा तरीका यह होगा ᳰक रेलवे कमᭅचाᳯरयᲂ का अनुभव और AI कᳱ तकनीक साथ िमलकर काम करᱶ। जहाँ इंसान अनुभव, समझ और िज᭥मेदारी िनभाएँ, वहᱭ AI तेज़ िव᳣े षण, भिव᭬ यवाणी और िनगरानी का कायᭅ करे। यही संतुलन भारतीय रेल को भिव᭬ य के िलए और अिधक मजबूत बनाएगा। िन᭬ कषᭅ: कृिᮢ म मेधा (आ᳷टᭅᳰफिशयल इंटेिलजᱶस) बॉडी शॉप मᱶ सफ़र लोहे कᳱ खनक, हथौड़े कᳱ चोट, वेᳲ᭨डंग कᳱ ᳲचंगारी, मेहनत कᳱ ओट। गुंटुप᭨ली के बॉडी शॉप मᱶ, हर ᳰदन िलखी जाती नई कहानी। सुबह कᳱ सीटी, काम कᳱ पुकार, हर हाथ मᱶ ᱟनर, हर ᳰदल मᱶ ᭡यार। टूटी बॉडी हो या सᱶटर िसल का काम, हर मुि᭫ कल को देते हᱹ अंजाम। गमᱮ हो तेज़ या काम हो भारी, पीछे नहᱭ हटती हमारी तैयारी। पसीने कᳱ बूंदᱶ बनती हᱹ शान, रेलवे कᳱ सेवा ही हमारी पहचान। अफ़सर, सुपरवाइजर और कारीगर, िमलकर बनाते हᱹ टीम का सफर। ᳰफᳳटंग हो, वेᳲ᭨डंग या ᳯरवेᳳटंग का काम, गुणवᱫा और सुरᭃा—सबसे पहले नाम। 19 भारतीय रेल के आधुिनकᳱकरण कᳱ ᳰदशा मᱶ एक मह᭜वपूणᭅ कदम है। AI कᳱ मदद से सुरᭃा बेहतर होगी, रखरखाव आसान होगा, ᮝेनᲂ का संचालन अिधक कुशल बनेगा, यािᮢ यᲂ को बेहतर सुिवधाएँ िमलᱶगी और कमᭅचाᳯरयᲂ का कायᭅ भी अिधक ᮧभावी होगा। AI का उ᳎े᭫ य इंसानᲂ कᳱ जगह लेना नहᱭ, बि᭨क उनकᳱ ᭃमता को बढ़ाना है। यᳰद भारतीय रेल चरणब᳍ तरीके से, उिचत ᮧिशᭃण और मजबूत साइबर सुरᭃा के साथ AI को अपनाती है, तो यह आने वाले वषᲄ मᱶ दुिनया कᳱ सबसे आधुिनक, सुरिᭃत और ᭭ माटᭅ रेलवे ᮧणािलयᲂ मᱶ शािमल हो सकती है। भारतीय रेल का भिव᭬ य इंसानᲂ और AI के बीच ᮧित᭭ पधाᭅ मᱶ नहᱭ, बि᭨क दोनᲂ के सफल सहयोग मᱶ िछपा है। यही सहयोग भारतीय रेल को नई ऊँचाइयᲂ तक ले जाएगा। पी.वी.एस. राम ᮧसाद तकनीिशयन – I कांपोनᱶट शॉप गुणवᱫा और सुरᭃा—सबसे पहले नाम। जो वैगन आता है थका-हारा, मर᭥मत के बाद बनता ᳰफर से हमारा। पटरी पर जब दौड़ता वह शान से, ᳰदल खुश होता है अपने काम के स᭥मान से। ये िसफ़ᭅ नौकरी नहᱭ, एक जुनून है, हर काम मᱶ देशसेवा का सुकून है। लोहे को जीवन, वैगन को र᭢तार, यही है बॉडी शॉप — हमारा पᳯरवार। गुंटुप᭨ली का बॉडी शॉप हमारी पहचान, मेहनत, ᱟनर और एकता हमारी शान। रेल कᳱ र᭢तार को देते हᱹ नया दम, देश कᳱ सेवा मᱶ लगे हᱹ हम! आशीष कुमार सेना सीिनयर से᭍शन इंजीिनयर बे - 2 शॉप

सुबह के पाँच बज रहे थे। अलामᭅ बजने से कुछ ᭃण पहले ही रमेश बाबू कᳱ आँख खुल गई। िपछले चालीस वषᲄ से उनकᳱ सुबह लगभग इसी समय होती थी। अलामᭅ कᳱ आव᭫ यकता उ᭠हᱶ कभी नहᱭ पड़ी थी। नौकरी ने उनके भीतर समय कᳱ ऐसी पाबंदी बसा दी थी ᳰक शरीर ᭭ वयं घड़ी बन गया था। उ᭠हᲂने उठकर िखड़कᳱ खोली। बाहर ह᭨कᳱ रोशनी फैल रही थी। पेड़ᲂ पर बैठे पᭃी चहचहा रहे थे। सड़क पर दूधवाला अपनी साइᳰकल से िनकल रहा था। सब कुछ वैसा ही था, जैसा रोज होता था। लेᳰकन आज कुछ अलग था। आज रमेश बाबू कᳱ नौकरी का आिखरी ᳰदन था। उ᭠हᲂने आईने मᱶ खुद को देखा। सफेद होते बाल, आँखᲂ के ᳰकनारे झु᳷रᭅयाँ और चेहरे पर वषᲄ कᳱ मेहनत कᳱ लकᳱरᱶ। उ᭠हᱶ अचानक लगा जैसे आईने मᱶ ᳰदखाई देने वाला ᳞ िᲦ वह नहᱭ है, जो कल तक द᭢तर कᳱ फाइलᲂ, मीᳳटंगᲂ, कमᭅचाᳯरयᲂ और रमेश बाबू मु᭭ कुराते रहे, लेᳰकन भीतर कहᱭ एक खालीपन ज᭠म ले चुका था। अंत मᱶ उ᭠हᱶ बोलने के िलए बुलाया गया। उ᭠हᲂने माइक संभाला। “आज मᱹ बᱟत कुछ कहना चाहता ᱠँ, लेᳰकन श᭣द साथ नहᱭ दे रहे। चालीस साल पहले जब मᱹने यहाँ कदम रखा था, तब मेरे बाल काले थे और सपने बᱟत बड़े थे। आज बाल सफेद हᱹ, सपनᲂ का ᱨप बदल गया है… लेᳰकन इस सं᭭ था से मेरा ᳯर᭫ ता अभी भी वैसा ही है।” ............. कुछ ᭃण वे ᱧके। “लोग कहते हᱹ ᳰक आज मᱹ सेवािनवृᱫ हो रहा ᱠँ। मुझे लगता है, मᱹ नौकरी से सेवािनवृᱫ हो रहा ᱠँ, जीवन से नहᱭ।” तािलयाँ गूँज उठᱭ। शाम को घर लौटते समय उनके हाथ मᱶ एक छोटा-सा उपहार था और मन मᱶ ढेर सारी यादᱶ। अगली सुबह पहली बार अलामᭅ नहᱭ बजा। लेᳰकन पाँच बजे ही उनकᳱ आँख खुल गई। उ᭠हᲂने घड़ी देखी और ᳰफर करवट बदलकर सोने कᳱ कोिशश कᳱ। नᱭद समय 20 िज᭥मेदाᳯरयᲂ के बीच ᳞᭭ त रहता था। प᳀ी सािवᮢ ी ने चाय का कप रखते ᱟए कहा, “आज ज᭨दी मत जाइएगा। आिखरी ᳰदन है।” रमेश बाबू मु᭭ कुराए, “ज᭨दी कैसे नहᱭ जाऊँगा? द᭢तर तो वही है, समय भी वही है।” सािवᮢ ी कुछ पल चुप रहᱭ। ᳰफर धीरे से बोलᱭ, “द᭢तर वही है… लेᳰकन आज के बाद आपके िलए सब कुछ बदल जाएगा।” रमेश बाबू ने कोई उᱫर नहᱭ ᳰदया। द᭢तर पᱟँचे तो माहौल कुछ अलग था। सहकᳶमᭅयᲂ ने फूलᲂ का गुलद᭭ ता ᳰदया। छोटे से सभागार मᱶ िवदाई समारोह रखा गया था। उनके स᭥मान मᱶ भाषण ᱟए। “रमेश जी हमारे िलए केवल अिधकारी नहᱭ, मागᭅदशᭅक रहे हᱹ।” “इ᭠हᲂने अपने जीवन के चालीस वषᭅ सं᭭ था को ᳰदए हᱹ।” “इनकᳱ ईमानदारी और समय कᳱ पाबंदी हम सबके िलए िमसाल है।” तािलयाँ बजती रहᱭ। नहᱭ आई। छह बजे उठे। चाय पी। अखबार खोला। कुछ देर पढ़ा। ᳰफर अखबार मोड़कर रख ᳰदया। आठ बजे तक वे तीन बार घड़ी देख चुके थे। सािवᮢ ी ने पूछा, “आज ᭍या करने का िवचार है?” “कुछ नहᱭ।” “तो ᳰफर?” “बस… घर पर रᱠँगा।” यही “कुछ नहᱭ” धीरे-धीरे उनके जीवन का सबसे बड़ा काम बन गया। कुछ ᳰदन तक तो उ᭠हᱶ अ᭒छा लगा। देर से उठना, टीवी देखना, पाकᭅ मᱶ जाना, पुराने िमᮢᲂ से िमलना। लेᳰकन धीरे-धीरे उ᭠हᱶ महसूस ᱟआ ᳰक लोग अपने-अपने काम मᱶ ᳞᭭ त हᱹ। बेटा िनिखल सुबह ऑᳰफस चला जाता। बᱠ घर और बᲬᲂ मᱶ ᳞᭭ त रहती। पोती अन᭠या ᭭ कूल चली जाती।

घर मᱶ सब थे, लेᳰकन रमेश बाबू के िलए समय नहᱭ था। एक ᳰदन उ᭠हᲂने बेटे से कहा, “िनिखल, अगर तु᭥हᱶ समय िमले तो मेरे साथ बᱹक चलना है।” िनिखल लैपटॉप से नजर हटाए िबना बोला, “पापा, आज बᱟत जᱨरी काम है। आप कल चले जाइएगा।” रमेश बाबू चुप हो गए। अगले ᳰदन बᱹक जाने कᳱ जᱨरत ही नहᱭ रही। उस शाम उ᭠हᲂने सािवᮢ ी से कहा, “नौकरी मᱶ आदमी थक जाता है, लेᳰकन खाली बैठने पर आदमी अपने आप से थक जाता है।” सािवᮢ ी ने उनकᳱ ओर देखा। “तो कुछ कᳱिजए।” “᭍या?” “जो मन करे।” “मन ही तो समझ नहᱭ आ रहा ᳰक चाहता ᭍या है।” एक ᳰदन पाकᭅ मᱶ उनकᳱ मुलाकात अपने पुराने सहकमᱮ वमाᭅ जी से ᱟई। वमाᭅ जी भी दो वषᭅ पहले सेवािनवृᱫ ᱟए थे। उ᭠हᲂने पूछा, “कैसा चल रहा है?” शमाᭅ जी बोले, “बᲬᲂ को ᳰकताबᲂ से ᭔यादा जीवन पढ़ाने वाले लोगᲂ कᳱ जᱨरत है।” यह बात रमेश बाबू के मन मᱶ उतर गई। अगले सोमवार वे पाँच बᲬᲂ के साथ बैठे। उ᭠हᲂने पूछा, “कौन-कौन पढ़ना चाहता है?” एक बᲬी ने हाथ उठाया। “मेरा नाम पूजा है। मᱹ बड़ी होकर अफसर बनना चाहती ᱠँ।” रमेश बाबू मु᭭ कुराए। “तो ᳰफर आज से हम दोनᲂ कᳱ नौकरी शुᱨ।” “आपकᳱ भी?” “हाँ। मेरी दूसरी पारी कᳱ।” धीरे-धीरे बᲬᲂ कᳱ सं᭎या बढ़ती गई। पाँच से दस, दस से पंᮤ ह और ᳰफर पᲬीस। रमेश बाबू ने उ᭠हᱶ केवल गिणत और ᳲहंदी नहᱭ पढ़ाई। वे उ᭠हᱶ समय कᳱ कᳱमत, ईमानदारी, अनुशासन और सपनᲂ कᳱ ताकत के बारे मᱶ भी बताते। एक ᳰदन पूजा ने पूछा, “दादाजी, आप रोज यहाँ ᭍यᲂ आते हᱹ?” 21 उ᭠हᲂने पूछा, “कैसा चल रहा है?” रमेश बाबू हँस पड़े, “चल कहाँ रहा है? बस समय कट रहा है।” वमाᭅ जी गंभीर हो गए। “यही गलती मत कᳱिजए। सेवािनवृिᱫ के बाद समय काटना नहᱭ होता, समय बनाना होता है।” “लेᳰकन करᱶ ᭍या?” वमाᭅ जी ने पाकᭅ के कोने कᳱ ओर इशारा ᳰकया। वहाँ कुछ बᲬे बैठे थे और एक वृ᳍ ᳞ िᲦ उ᭠हᱶ पढ़ा रहा था। “देिखए, वह शमाᭅ जी हᱹ। ᳯरटायर होने के बाद उ᭠हᲂने झु᭏गी (᭭ लम) के बᲬᲂ को पढ़ाना शुᱨ ᳰकया। अब रोज बीस बᲬे आते हᱹ।” रमेश बाबू कुछ देर बᲬᲂ को देखते रहे। अगले ᳰदन वे ᳰफर वहाँ गए। शमाᭅ जी ने पूछा, “आप भी पढ़ाएँगे?” रमेश बाबू ने हँसकर कहा, “मᱹने चालीस साल द᭢तर मᱶ फाइलᱶ पढ़ᱭ और िलखᱭ। बᲬᲂ को ᭍या पढ़ाऊँगा?” आते हᱹ?” रमेश बाबू ने कहा, “᭍यᲂᳰक मुझे यहाँ आने के बाद लगता है ᳰक मᱹ अभी भी जᱨरी ᱠँ।” पूजा ने मासूिमयत से कहा, “आप जᱨरी हᱹ। आप नहᱭ आएँगे तो हमᱶ कौन पढ़ाएगा?” उस रात रमेश बाबू बᱟत देर तक सो नहᱭ पाए। लेᳰकन इस बार वजह अलग थी। उनके भीतर खालीपन नहᱭ, संतोष था। कुछ महीनᲂ बाद उ᭠हᲂने अपने पुराने द᭢तर के कमᭅचाᳯरयᲂ से संपकᭅ ᳰकया। ᳰकसी से पुराने कं᭡यूटर मँगवाए, ᳰकसी से ᳰकताबᱶ, ᳰकसी से ᭭ टेशनरी। उ᭠हᲂने बᲬᲂ के िलए एक छोटा-सा अ᭟ययन कᱶᮤ शुᱨ कर ᳰदया। अब उनकᳱ सुबह ᳰफर पाँच बजे होती थी। लेᳰकन अब पाँच बजे उठने कᳱ वजह नौकरी नहᱭ, उ᳎े᭫ य था। एक ᳰदन िनिखल ने उ᭠हᱶ बᲬᲂ के बीच पढ़ाते ᱟए देखा। घर लौटकर उसने पूछा, “पापा, आपने हमᱶ कभी बताया ᭍यᲂ नहᱭ ᳰक आप इतना सब कर रहे हᱹ?” रमेश बाबू मु᭭ कुराए।

“तुमने पूछा नहᱭ।” िनिखल कुछ ᭃण चुप रहा। “पापा, मुझे लगता था ᳯरटायरमᱶट के बाद आपको आराम चािहए।” “आराम भी जᱨरी है बेटा। लेᳰकन केवल आराम जीवन नहᱭ है।” उ᭠हᲂने बेटे के कंधे पर हाथ रखा। “नौकरी ने मुझे पहचान दी थी, लेᳰकन बᲬᲂ ने मुझे ᳰफर से उ᳎े᭫ य ᳰदया।” िनिखल कᳱ आँखᱶ नम हो गᲊ। “पापा, हमᱶ आप पर गवᭅ है।” रमेश बाबू ने पहली बार महसूस ᳰकया ᳰक उनका बेटा उ᭠हᱶ केवल िपता के ᱨप मᱶ नहᱭ, एक ᳞ िᲦ के ᱨप मᱶ भी देख रहा है। समय बीतता गया। एक वषᭅ बाद उसी पाकᭅ मᱶ एक छोटा-सा समारोह ᱟआ। पूजा ने शहर कᳱ छाᮢ वृिᱫ परीᭃा मᱶ ᮧथम ᭭ थान ᮧा᳙ ᳰकया था। मंच पर उसने रमेश बाबू के पैर छुए। कभी यही घड़ी उ᭠हᱶ बताती थी ᳰक कब द᭢तर जाना है, कब बैठक है और कब घर लौटना है। आज वही घड़ी उ᭠हᱶ कुछ और बता रही थी— समय कभी ᱧकता नहᱭ। सेवािनवृिᱫ ᳰकसी जीवन का अंत नहᱭ, एक नई शुᱧआत है। नौकरी से िमली पहचान एक ᳰदन िछन सकती है, पद और अिधकार भी समा᳙ हो सकते हᱹ, लेᳰकन मनु᭬ य कᳱ उपयोिगता कभी समा᳙ नहᱭ होती। बस उसे अपनी उपयोिगता का नया रा᭭ ता खोजना पड़ता है। रमेश बाबू उठे। घर कᳱ ओर चल पड़े। रा᭭ ते मᱶ बᲬᲂ कᳱ आवाजᱶ सुनाई दे रही थᱭ— “दादाजी, कल ᳰकतने बजे आएँगे?” उ᭠हᲂने पीछे मुड़कर कहा— “कल भी पाँच बजे!” और उनके चेहरे पर वही मु᭭ कान थी, जो चालीस वषᭅ पहले पहली नौकरी के ᳰदन थी। 22 मंच पर उसने रमेश बाबू के पैर छुए। “दादाजी, मᱹ अफसर बनने कᳱ ᳰदशा मᱶ पहला कदम उठा चुकᳱ ᱠँ।” रमेश बाबू कᳱ आँखᲂ मᱶ आँसू आ गए। उ᭠हᲂने कहा, “मुझे तुमसे एक वादा चािहए।” “᭍या?” “जब तुम बड़ी होकर सफल हो जाओ, तब ᳰकसी ऐसे बᲬे का हाथ पकड़ना िजसे तु᭥हारी जᱨरत हो।” पूजा ने िसर िहलाया। “वादा।” समारोह समा᳙ होने के बाद रमेश बाबू अकेले पाकᭅ कᳱ उसी बᱶच पर बैठ गए। सूरज ढल रहा था। उ᭠हᲂने जेब से अपनी पुरानी घड़ी िनकाली। वही घड़ी जो उ᭠हᱶ सेवािनवृिᱫ के ᳰदन सहकᳶमᭅयᲂ ने दी थी। उ᭠हᲂने घड़ी कᳱ ओर देखा और मु᭭ कुराए। फकᭅ िसफᭅ इतना था ᳰक तब वे नौकरी करने जा रहे थे…और अब वे जीवन जीने जा रहे थे। पी. कोटे᳡र राव कायाᭅलय अधीᭃक, काᳶमᭅक िवभाग मालिड᭣बा कारखाना गुंटुप᭨ली

आज का युग तकनीकᳱ िवकास का युग है। मानव जीवन का शायद ही कोई ऐसा ᭃेᮢ हो, जो तकनीक के ᮧभाव से अछूता हो। िशᭃा, िचᳰक᭜सा, बᱹ᳴ कंग, पᳯरवहन, उ᳒ ोग, ᳞ ापार और संचार के साथ-साथ कायाᭅलयीन कायᭅᮧणाली मᱶ भी तकनीक ने ᳞ ापक पᳯरवतᭅन ᳰकया है। िजस कायᭅ को पूरा करने मᱶ पहले कई ᳰदन लग जाते थे, वही कायᭅ अब कुछ िमनटᲂ या कुछ सेकंडᲂ मᱶ पूरा हो जाता है। फाइलᲂ के ढेर, लंबी पᮢ ाचार ᮧᳰᮓया और कागजᲂ कᳱ खोज के ᭭ थान पर अब कं᭡यूटर, इंटरनेट, ई-मेल, िडिजटल फाइल और ऑनलाइन ᮧणािलयᲂ ने अपना ᭭ थान बना िलया है। तकनीकᳱ िवकास ने कायाᭅलय को केवल आधुिनक ही नहᱭ बनाया है, बि᭨क कायᭅ करने कᳱ हमारी सोच और कायᭅ-सं᭭ कृित को भी बदल ᳰदया है। आज कमᭅचारी से केवल मेहनत कᳱ अपेᭃा नहᱭ कᳱ जाती, बि᭨क तकनीकᳱ दᭃता, समयब᳍ता, ᳯट᭡पणी कर सकता है और आव᭫ यक िनणᭅय ᮧᳰᮓया को आगे बढ़ा सकता है। दूर बैठे कमᭅचारी भी वीिडयो कॉ᭠ᮨᱶᳲ संग के मा᭟यम से बैठक मᱶ भाग ले सकते हᱹ। इससे समय और संसाधनᲂ दोनᲂ कᳱ बचत होती है। तकनीक ने बढ़ाई कायᭅ कᳱ गित कायाᭅलयीन कायᭅ मᱶ तकनीक का सबसे बड़ा लाभ गित है। पहले ᳰकसी सूचना को एक कायाᭅलय से दूसरे कायाᭅलय तक पᱟँचाने मᱶ कई ᳰदन लग सकते थे। अब ई-मेल और िडिजटल संचार के मा᭟यम से वही सूचना कुछ ही ᭃणᲂ मᱶ पᱟँच जाती है। इसी ᮧकार, डेटा तैयार करना, ᳯरपोटᭅ बनाना, गणना करना, पᮢᲂ का ᮧाᱨप तैयार करना और ᳯरकॉडᭅ ᳞ वि᭭ थत करना भी आसान ᱟआ है। ᭭ ᮧे डशीट और अ᭠य सॉ᭢टवेयर के मा᭟यम से बड़ी माᮢ ा मᱶ आंकड़ᲂ का िव᳣े षण कम समय मᱶ ᳰकया जा सकता है। रेलवे जैसे िवशाल संगठन मᱶ तकनीक कᳱ भूिमका और भी मह᭜वपूणᭅ हो जाती है। हजारᲂ बढ़ती ᱟई तकनीकᳱ और कायाᭅलयीन कायᭅ 23 कᳱ जाती, बि᭨क तकनीकᳱ दᭃता, समयब᳍ता, सटीकता और बदलती पᳯरि᭭ थितयᲂ के अनुᱨप ᭭ वयं को ढालने कᳱ ᭃमता भी अपेिᭃत है। कागज से िडिजटल युग तक एक समय था जब कायाᭅलयीन कायᭅ का अथᭅ फाइल, रिज᭭ टर, डाक, नोटशीट और पᮢᲂ से होता था। ᳰकसी पᮢ को तैयार करने, टंᳰकत कराने, ह᭭ ताᭃर कराने और संबंिधत शाखा तक पᱟँचाने मᱶ पयाᭅ᳙ समय लगता था। पुरानी फाइलᲂ को ढूँढ़ना भी एक चुनौती होती थी। आज ि᭭ थित काफᳱ बदल गई है। कं᭡यूटर और िडिजटल ᮧणािलयᲂ ने कायाᭅलयीन कायᭅ को नई ᳰदशा दी है। ई-मेल, ई-ऑᳰफस, िडिजटल ह᭭ ताᭃर, ऑनलाइन फाइल ᮝै᳴ कंग, इले᭍ᮝॉिनक ᳯरकॉडᭅ, वीिडयो कॉ᭠ᮨᱶᳲ संग और ᭍लाउड आधाᳯरत सेवाᲐ ने कायᭅ को तेज और ᳞ वि᭭ थत बनाया है। अब एक अिधकारी कायाᭅलय मᱶ उपि᭭ थत न होते ᱟए भी ᳰकसी मह᭜वपूणᭅ द᭭ तावेज को देख सकता है, भूिमका और भी मह᭜वपूणᭅ हो जाती है। हजारᲂ कमᭅचाᳯरयᲂ से संबंिधत सेवा अिभलेख, वेतन, छुᲵी, ᭭ थानांतरण, पदो᳖ ित और अ᭠य ᮧशासिनक कायᲄ मᱶ िडिजटल ᮧणािलयᲂ का ᮧयोग कायᭅ को अिधक ᳞ वि᭭ थत और पारदशᱮ बनाने मᱶ सहायता करता है। ई-ऑᳰफस और िडिजटल कायᭅ सं᭭ कृित आधुिनक कायाᭅलयीन ᳞ व᭭ था मᱶ ई-ऑᳰफस एक मह᭜वपूणᭅ पᳯरवतᭅन है। ई-ऑᳰफस का उ᳎े᭫ य केवल कागज कम करना नहᱭ है, बि᭨क कायाᭅलयीन कायᭅ को अिधक पारदशᱮ, उᱫरदायी, तेज और ᳞ वि᭭ थत बनाना है। िडिजटल फाइलᲂ के मा᭟यम से यह पता लगाना आसान होता है ᳰक कोई मामला ᳰकस ᭭ तर पर लंिबत है। इससे जवाबदेही बढ़ती है और अनाव᭫ यक िवलंब को कम करने मᱶ सहायता िमलती है। िडिजटल ᳯरकॉडᭅ का एक अ᭠य लाभ यह है ᳰक आव᭫ यक द᭭ तावेजᲂ को आसानी से खोजा जा सकता है। इससे कायाᭅलय मᱶ ᳯरकॉडᭅ रखने के िलए आव᭫ यक भौितक ᭭ थान भी कम होता है।

कृिᮢ म बुि᳍मᱫा का बढ़ता ᮧभाव तकनीकᳱ िवकास का वतᭅमान चरण कृिᮢ म बुि᳍मᱫा अथाᭅत Artificial Intelligence (AI) के कारण और भी मह᭜वपूणᭅ हो गया है। AI अब केवल वै᭄ािनक ᮧयोगशालाᲐ तक सीिमत नहᱭ है। यह लेखन, अनुवाद, डेटा िव᳣े षण, द᭭ तावेजᲂ कᳱ समीᭃा, सूचना खोजने और अनेक कायाᭅलयीन कायᲄ मᱶ सहायक बन रहा है। राजभाषा के ᭃेᮢ मᱶ भी AI आधाᳯरत उपकरण उपयोगी िस᳍ हो सकते हᱹ। ᳲहंदी से अंᮕेजी तथा अ᭠य भारतीय भाषाᲐ मᱶ अनुवाद, भाषा कᳱ शु᳍ता कᳱ जाँच, ᮧाᱨप तैयार करना, श᭣दावली तैयार करना और बड़े द᭭ तावेजᲂ का सारांश बनाना जैसे कायᭅ तकनीकᳱ साधनᲂ से अिधक सरल हो रहे हᱹ। लेᳰकन यहाँ एक मह᭜वपूणᭅ बात समझना आव᭫ यक है—तकनीक सहायक है, मानव का िवक᭨प नहᱭ। ᳰकसी भी AI उपकरण ᳇ारा तैयार सामᮕी को िबना जाँच के आिधकाᳯरक द᭭ तावेज मᱶ उपयोग करना उिचत नहᱭ है। िवशेषकर सरकारी कमᭅचाᳯरयᲂ के कौशल मᱶ पᳯरवतᭅन तकनीक के बढ़ते ᮧयोग ने कमᭅचाᳯरयᲂ कᳱ कायᭅᭃमता कᳱ पᳯरभाषा भी बदल दी है। पहले ᳰकसी कमᭅचारी कᳱ दᭃता मु᭎यतः उसके िवषय- ᭄ान और अनुभव से आँकᳱ जाती थी। आज उसके साथ िडिजटल दᭃता भी आव᭫ यक है। एक आधुिनक कमᭅचारी को कं᭡यूटर का सामा᭠य ᭄ान, ई-मेल का उिचत ᮧयोग, िडिजटल फाइᳲलंग, ऑनलाइन पोटᭅल, डेटा सुरᭃा और आव᭫ यक सॉ᭢टवेयर का उपयोग आना चािहए। इसका अथᭅ यह नहᱭ है ᳰक पुराने अनुभव का मह᭜व समा᳙ हो गया है। वा᭭ तव मᱶ सबसे अ᭒छा पᳯरणाम तब िमलता है जब अनुभव और तकनीक का मेल होता है। वᳯर᳧ कमᭅचारी के पास वषᲄ का ᳞ ावहाᳯरक ᭄ान होता है और युवा कमᭅचारी तकनीक के साथ अिधक सहज हो सकता है। यᳰद दोनᲂ एक-दूसरे से 24 और रेलवे कायाᭅलयᲂ मᱶ त᭝य, भाषा, िनयम और संदभᭅ कᳱ मानव ᭭ तर पर जाँच आव᭫ यक है। राजभाषा और तकनीक का संबंध तकनीकᳱ िवकास ने राजभाषा ᳲहंदी के ᮧयोग के िलए भी नए अवसर पैदा ᳰकए हᱹ। पहले ᳲहंदी मᱶ पᮢ तैयार करने के िलए िवशेष टंकण ᳞ व᭭ था और ᮧिशिᭃत कमᭅचाᳯरयᲂ कᳱ आव᭫ यकता अिधक होती थी। आज यूिनकोड, ᳲहंदी टाइᳲपंग, वॉइस टाइᳲपंग और िविभ᳖ िडिजटल उपकरणᲂ के कारण ᳲहंदी मᱶ कायᭅ करना काफᳱ आसान हो गया है। मोबाइल और कं᭡यूटर मᱶ ᳲहंदी टाइᳲपंग कᳱ सुिवधा उपल᭣ध है। ᳲहंदी मᱶ ई-मेल भेजना, िडिजटल नोटशीट तैयार करना, ᮧ᭭ तुतीकरण बनाना और ऑनलाइन संवाद करना अब सामा᭠य बात बनती जा रही है। इसिलए तकनीक को ᳲहंदी के िलए चुनौती के ᱨप मᱶ देखने के बजाय ᳲहंदी के िव᭭ तार का मा᭟यम माना जाना चािहए। अिधक सहज हो सकता है। यᳰद दोनᲂ एक-दूसरे से सीखᱶ, तो संगठन को बᱟत लाभ हो सकता है। तकनीक के साथ आने वाली चुनौितयाँ तकनीक के अनेक लाभ हᱹ, लेᳰकन इसके साथ कुछ चुनौितयाँ भी हᱹ। सबसे बड़ी चुनौती है—साइबर सुरᭃा। िडिजटल द᭭ तावेजᲂ और ऑनलाइन ᮧणािलयᲂ के बढ़ते उपयोग के साथ गोपनीय जानकारी कᳱ सुरᭃा अ᭜यंत मह᭜वपूणᭅ हो गई है। पासवडᭅ कᳱ सुरᭃा, संᳰद᭏ध ई-मेल से सावधानी, अनिधकृत ᳲलंक पर ि᭍लक न करना और संवेदनशील द᭭ तावेजᲂ को सुरिᭃत रखना ᮧ᭜येक कमᭅचारी कᳱ िज᭥मेदारी है। दूसरी चुनौती है तकनीकᳱ िनभᭅरता। यᳰद कमᭅचारी हर छोटे कायᭅ के िलए तकनीक पर िनभᭅर हो जाएँ और मूल ᮧᳰᮓया का ᭄ान खो दᱶ, तो ᳰकसी तकनीकᳱ सम᭭ या कᳱ ि᭭ थित मᱶ कायᭅ ᮧभािवत हो सकता है।

तीसरी चुनौती है लगातार बदलती तकनीक। आज जो सॉ᭢टवेयर नया है, संभव है कुछ वषᲄ बाद उसका ᭭ थान कोई दूसरा उपकरण ले ले। इसिलए कमᭅचाᳯरयᲂ को िनरंतर सीखने कᳱ आदत िवकिसत करनी होगी। मानवीय संवेदनाᲐ का मह᭜व तकनीक चाहे ᳰकतनी भी िवकिसत ᭍यᲂ न हो जाए, कायाᭅलय अंततः मनु᭬ यᲂ से ही चलता है। कं᭡यूटर फाइल को आगे बढ़ा सकता है, लेᳰकन कमᭅचारी कᳱ संवेदनशीलता का ᭭ थान नहᱭ ले सकता। एक कमᭅचारी कᳱ सम᭭ या को समझना, ᳰकसी सहकमᱮ कᳱ सहायता करना, वᳯर᳧ का मागᭅदशᭅन करना, अधीन᭭ थ का उ᭜साह बढ़ाना और जनता के साथ िवन᮫ ᳞ वहार करना—ये सभी मानवीय गुण हᱹ। इसिलए तकनीकᳱ दᭃता के साथ मानवीय संवेदना और नैितकता भी आव᭫ यक है। हमᱶ यह याद रखना चािहए ᳰक तकनीक कायᭅ को आसान बनाने के िलए है, मनु᭬ य को मशीन बनाने के िलए नहᱭ। िन᭬ कषᭅ बढ़ती ᱟई तकनीक ने कायाᭅलयीन कायᭅ को तेज, सरल, पारदशᱮ और अिधक ᮧभावी बनाया है। कागज आधाᳯरत ᳞ व᭭ था से िडिजटल ᳞ व᭭ था तक कᳱ याᮢ ा केवल तकनीकᳱ पᳯरवतᭅन नहᱭ है, बि᭨क यह हमारी कायᭅशैली मᱶ आया एक बड़ा पᳯरवतᭅन है। आज आव᭫ यकता इस बात कᳱ है ᳰक हम तकनीक से भयभीत न हᲂ और न ही उसके ᮧित अंधिनभᭅर बनᱶ। हमᱶ तकनीक को अपने ᭄ान और अनुभव के साथ जोड़ना चािहए। िवशेष ᱨप से राजभाषा के ᭃेᮢ मᱶ तकनीक ᳲहंदी के ᮧयोग को नई ऊँचाइयᲂ तक ले जा सकती है। यूिनकोड, ᳲहंदी टाइᳲपंग, िडिजटल संचार, मशीन अनुवाद और कृिᮢ म बुि᳍मᱫा जैसे साधनᲂ का िववेकपूणᭅ उपयोग ᳲहंदी को कायाᭅलयीन कायᭅ कᳱ ᮧभावी भाषा बनाने मᱶ मह᭜वपूणᭅ भूिमका िनभा सकता है। 25 भिव᭬ य का कायाᭅलय भिव᭬ य का कायाᭅलय और अिधक िडिजटल होगा। कृिᮢ म बुि᳍मᱫा, ᭭ वचालन, िडिजटल द᭭ तावेज, डेटा िव᳣े षण और ᭭ माटᭅ ᮧणािलयाँ कायाᭅलयीन कायᭅ का मह᭜वपूणᭅ िह᭭ सा बनᱶगी। कई िनयिमत कायᭅ ᭭ वचािलत हो सकते हᱹ। इससे कमᭅचाᳯरयᲂ को अिधक मह᭜वपूणᭅ और रचना᭜मक कायᲄ के िलए समय िमलेगा। भिव᭬ य मᱶ सफल वही संगठन हᲂगे जो तकनीक को केवल मशीन या सॉ᭢टवेयर के ᱨप मᱶ नहᱭ, बि᭨क कायᭅ-सं᭭ कृित मᱶ पᳯरवतᭅन के साधन के ᱨप मᱶ अपनाएँगे। इसके िलए तीन बातᱶ आव᭫ यक हᱹ— सीखना, अपनाना और िनरंतर सुधार करना। अंततः तकनीक का उ᳎े᭫ य मनु᭬ य को पीछे छोड़ना नहᱭ, बि᭨क मनु᭬ य कᳱ ᭃमता को और अिधक ᮧभावशाली बनाना है। कायाᭅलय बदल रहा है, कायᭅशैली बदल रही है और तकनीक के साथ भिव᭬ य भी बदल रहा है। ऐसे मᱶ हमारा सबसे बड़ा मंᮢ होना चािहए— “तकनीक को अपनाएँ, अनुभव को सँजोएँ और कायᭅ-सं᭭ कृित को बेहतर बनाएँ।” यही आधुिनक कायाᭅलय कᳱ पहचान है और यही आने वाले समय कᳱ आव᭫ यकता भी।

कभी हमारा समाज ᳯर᭫ तᲂ कᳱ गमाᭅहट के िलए जाना जाता था। घर छोटा होता था, मगर ᳰदल बड़े होते थे। साधन सीिमत होते थे, मगर अपनापन असीिमत होता था। एक घर मᱶ कई पीᳰढ़याँ रहती थᱭ, तो जीवन केवल दीवारᲂ से नहᱭ, बि᭨क भावनाᲐ से जुड़ा होता था। ᳰकसी के घर मᱶ खुशी होती थी तो पूरा मोह᭨ला खुश होता था और ᳰकसी के घर मᱶ दुःख आता था तो कई घरᲂ के चू᭨हे तक धीमे पड़ जाते थे। आज हमारे पास बड़े - बड़े मकान हᱹ, आधुिनक सुिवधाएँ हᱹ, तेज इंटरनेट है, ᭭ माटᭅ फोन हᱹ, वीिडयो कॉल हᱹ, सोशल मीिडया है और दुिनया के ᳰकसी भी कोने मᱶ बैठे ᳞ िᲦ से कुछ ही सेकंड मᱶ संपकᭅ ᳰकया जा सकता है। लेᳰकन इस सारी तकनीकᳱ िनकटता के बीच एक अजीब - सी भावना᭜मक दूरी बढ़ती जा रही है। हम जुड़े ᱟए ᳰदखाई देते हᱹ, लेᳰकन भीतर से अलग होते जा रहे हᱹ। हमारे मोबाइल मᱶ सैकड़ᲂ संपकᭅ हᱹ, सोशल मीिडया पर हजारᲂ िमᮢ हᱹ, भाई है, लेᳰकन बातचीत नहᱭ। बहन है, लेᳰकन समय नहᱭ। माता-िपता हᱹ, लेᳰकन उनके िलए धैयᭅ नहᱭ। बᲬे हᱹ, लेᳰकन उनके साथ बैठने का समय नहᱭ। दो᭭ त हᱹ, लेᳰकन दो᭭ ती मᱶ िव᳡ास नहᱭ। पित-प᳀ी साथ हᱹ, लेᳰकन संवाद नहᱭ। ᳯर᭫ तेदार हᱹ, लेᳰकन िमलने कᳱ इ᭒छा नहᱭ। कई बार तो एक ही घर मᱶ रहने वाले लोग भी एक - दूसरे के जीवन से अनजान होते हᱹ। सबके हाथ मᱶ मोबाइल है, सब अपनी-अपनी ᭭ ᮓᳱ न मᱶ ᳞᭭ त हᱹ और घर के बीचᲂबीच बैठा पᳯरवार धीरे-धीरे एक- दूसरे से दूर होता जा रहा है। एक समय था जब घर मᱶ शाम होते ही बातचीत शुᱨ होती थी। ᳰदनभर कᳱ बातᱶ साझा कᳱ जाती थᱭ। बुजुगᭅ अपने अनुभव सुनाते थे, बᲬे अपनी छोटी-छोटी उपलि᭣धयाँ बताते थे और पᳯरवार के लोग एक- दूसरे कᳱ सम᭭ याएँ सुनते थे। आज वही शाम कई लोग ᳲज़ंदा हᱹ, ᳯर᭫ ते मर गए..!! 26 सैकड़ᲂ संपकᭅ हᱹ, सोशल मीिडया पर हजारᲂ िमᮢ हᱹ, लेᳰकन जब मन उदास होता है तो सचमुच अपना कहकर ᳰकसे फोन करᱶ - इस ᮧ᳤ का उᱫर धीरे-धीरे कᳯठन होता जा रहा है। शायद इसी िवडंबना को देखकर मन कह उठता है — “लोग ᳲज़ंदा हᱹ, ᳯर᭫ ते मर गए..!!” यह केवल एक भावुक वा᭍य नहᱭ है। यह हमारे समय कᳱ उस सᲬाई कᳱ ओर संकेत करता है, िजसमᱶ मनु᭬ य तो जीिवत है, लेᳰकन ᳯर᭫ तᲂ को जीिवत रखने वाली संवेदनाएँ कमजोर पड़ती जा रही हᱹ। ᳯर᭫ ते केवल नाम नहᱭ होते ᳯर᭫ ता केवल खून का संबंध नहᱭ होता। ᳯर᭫ ता एक भावना है। ᳰकसी कᳱ ᳲचंता करना, िबना कहे उसकᳱ परेशानी समझ लेना, उसके सुख मᱶ ᮧस᳖ होना, उसके दुःख मᱶ उसके साथ खड़े रहना— यही ᳯर᭫ ते कᳱ असली पहचान है। आज हम ᳯर᭫ तᲂ को नाम से तो पहचानते हᱹ, लेᳰकन उनकᳱ आ᭜मा को भूलते जा रहे हᱹ। दूसरे कᳱ सम᭭ याएँ सुनते थे। आज वही शाम कई बार अलग-अलग कमरᲂ, अलग-अलग ᭭ ᮓᳱ न और अलग-अलग दुिनया मᱶ बीत जाती है। पहले ᳯर᭫ ते थे, अब संपकᭅ हᱹ। आज हमारे पास संपकᲄ कᳱ कमी नहᱭ है, लेᳰकन संबंधᲂ कᳱ कमी है। मोबाइल मᱶ ᳰकसी का नंबर होना और ᳰकसी के ᳰदल मᱶ जगह होना-इन दोनᲂ मᱶ बᱟत अंतर है। ᳰकसी कᳱ पो᭭ ट पर “बᱟत सुंदर”, “शानदार”, “बधाई” िलख देना आसान है। लेᳰकन उसी ᳞ िᲦ के घर जाकर पाँच िमनट बैठना कᳯठन हो गया है। ᳰकसी के ज᭠मᳰदन पर सोशल मीिडया पर संदेश िलखना आसान है, लेᳰकन उसकᳱ आँखᲂ मᱶ देखकर यह पूछना ᳰक “तुम सच मᱶ कैसे हो?” कᳯठन हो गया है। हमने शुभकामनाᲐ को औपचाᳯरक बना ᳰदया है और संवेदनाᲐ को िडिजटल। कभी-कभी लगता है ᳰक हम लोगᲂ कᳱ ᳲजंदगी मᱶ उपि᭭ थत नहᱭ हᱹ, केवल उनकᳱ ऑनलाइन गितिविधयᲂ मᱶ उपि᭭ थत हᱹ।

हमᱶ पता होता है ᳰक ᳰकसने कहाँ याᮢ ा कᳱ, ᳰकसने ᭍या खाया, ᳰकसने कौन-सी त᭭ वीर डाली, ᳰकसने कौन-सा पुर᭭ कार पाया — लेᳰकन यह पता नहᱭ होता ᳰक हमारे अपने घर का ᳞ िᲦ भीतर से ᳰकस ददᭅ से गुजर रहा है। यही ᳯर᭫ तᲂ कᳱ सबसे बड़ी ᮢ ासदी है।᭭ वाथᭅ ने ᳯर᭫ तᲂ कᳱ जड़ᲂ को कमजोर ᳰकया है। ᳯर᭫ तᲂ के कमजोर होने का एक बड़ा कारण बढ़ता ᱟआ ᭭ वाथᭅ भी है। आज कई ᳯर᭫ ते इस ᮧ᳤ पर ᳯटके ᳰदखाई देते हᱹ —“इस ᳯर᭫ ते से मुझे ᭍या िमलेगा?” जहाँ लाभ ᳰदखाई देता है, वहाँ अपनापन ᳰदखाई देता है। जहाँ आव᭫ यकता समा᳙ होती है, वहाँ ᳯर᭫ ता भी धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाता है। जब ᳞ िᲦ आᳶथᭅक ᱨप से मजबूत होता है, तब उसके आसपास लोगᲂ कᳱ भीड़ रहती है। लेᳰकन जब वही ᳞ िᲦ कᳯठनाई मᱶ पड़ता है, तब कई पᳯरिचत अचानक ᳞᭭ त हो जाते हᱹ। सुख मᱶ साथ देने वाले बᱟत िमल जाते हᱹ, लेᳰकन दुःख मᱶ हाथ पकड़ने वाले माता-िपता ने बᲬᲂ को सुिवधाएँ देने मᱶ अपना जीवन लगा ᳰदया। बᲬᲂ ने सुिवधाएँ तो ᮧा᳙ कर लᱭ, लेᳰकन कई बार वे उस ᮧेम कᳱ कᳱमत समझ नहᱭ पाए िजसके पीछे माता-िपता का पूरा जीवन लगा था। माता-िपता ने बᲬᲂ को अ᭒छे ᭭ कूल, अ᭒छे कपड़े, अ᭒छा भोजन और बेहतर भिव᭬ य देने कᳱ कोिशश कᳱ। लेᳰकन ᭍या हमने उ᭠हᱶ यह भी िसखाया ᳰक जीवन मᱶ ᳯर᭫ तᲂ कᳱ कᳱमत ᭍या होती है? आज कई बुजुगᭅ माता-िपता अपने ही घर मᱶ अकेलेपन का अनुभव करते हᱹ। उनके पास रहने के िलए कमरा है, खाने के िलए भोजन है, िचᳰक᭜सा कᳱ सुिवधा है, लेᳰकन बातचीत करने वाला कोई नहᱭ। भौितक सुिवधाएँ अकेलेपन का इलाज नहᱭ कर सकतᱭ। एक वृ᳍ िपता को शायद अपने बेटे से महँगा उपहार नहᱭ चािहए। वह केवल चाहता है ᳰक बेटा कभी उसके पास बैठकर पूछे — “िपताजी, आज आपका ᳰदन कैसा रहा?” एक माँ को शायद हजारᲂ ᱧपये कᳱ व᭭ तु नहᱭ चािहए। उसे केवल यह चािहए ᳰक उसकᳱ संतान कुछ देर उसके 27 बᱟत कम होते हᱹ। यही कारण है ᳰक आज ᳰकसी ᳞ िᲦ कᳱ सफलता पर बधाई देने वालᲂ कᳱ सं᭎या बᱟत होती है, लेᳰकन उसकᳱ असफलता के समय उसके पास बैठने वाले बᱟत कम। ᳯर᭫ ता वही नहᱭ जो आपकᳱ सफलता मᱶ तािलयाँ बजाए। ᳯर᭫ ता वह है जो आपकᳱ असफलता मᱶ भी आपका हाथ न छोड़े। ᳯर᭫ ता वही नहᱭ जो आपकᳱ खुिशयᲂ कᳱ त᭭ वीरᱶ खᱭचे। ᳯर᭫ ता वह है जो आपके आँसू देखकर कैमरा नहᱭ, अपना कंधा आगे करे। माता-िपता और बᲬᲂ के ᳯर᭫ ते आज सबसे अिधक चचाᭅ िजस िवषय पर होती है, वह है पीᳰढ़यᲂ के बीच बढ़ती दूरी। माता - िपता कहते हᱹ - “हमने बᲬᲂ के िलए अपना पूरा जीवन लगा ᳰदया। ”बᲬे कहते हᱹ — “माता-िपता हमᱶ समझते ही नहᱭ। ”दोनᲂ अपनी जगह सही हो सकते हᱹ, लेᳰकन सम᭭ या संवाद कᳱ कमी मᱶ है। केवल यह चािहए ᳰक उसकᳱ संतान कुछ देर उसके पास बैठकर उसके हाथ पकड़ ले। कई बार ᳯर᭫ तᲂ को बचाने के िलए पैसे नहᱭ, केवल समय चािहए। संयुᲦ पᳯरवार से एकल पᳯरवार तक हमारी जीवन - शैली मᱶ बड़ा पᳯरवतᭅन आया है। संयुᲦ पᳯरवार धीरे-धीरे छोटे पᳯरवारᲂ मᱶ बदल गए। इसके पीछे अनेक सामािजक और आᳶथᭅक कारण हᱹ। ᭭ वतंᮢ जीवन, नौकरी, िशᭃा, ᭭ थानांतरण और ᳞ िᲦगत आकांᭃाएँ - इन सबने पᳯरवार कᳱ संरचना बदली है। छोटा पᳯरवार अपने आप मᱶ गलत नहᱭ है। सम᭭ या तब पैदा होती है जब छोटा पᳯरवार छोटी सोच का पᳯरवार बन जाता है। पᳯरवार छोटा हो सकता है, लेᳰकन ᳰदल छोटा नहᱭ होना चािहए। दूरी भौगोिलक हो सकती है, भावना᭜मक नहᱭ। बेटा दूसरे शहर मᱶ रहता है तो भी माता-िपता से िनयिमत बातचीत कर सकता है।

भाई-बहन अलग-अलग रा᭔यᲂ मᱶ रहते हᱹ तो भी एक - दूसरे के सुख-दुःख मᱶ शािमल हो सकते हᱹ। तकनीक ने दूरी कम करने का साधन ᳰदया है। ᮧ᳤ यह है ᳰक हम उसका उपयोग संबंधᲂ को मजबूत करने मᱶ कर रहे हᱹ या केवल मनोरंजन मᱶ? सोशल मीिडया कᳱ दो᭭ ती और वा᭭ तिवक अकेलापन सोशल मीिडया ने हमᱶ एक िविचᮢ दुिनया दी है। हमारे पास “ᮨᱶ᭙ स” कᳱ सं᭎या बढ़ती जाती है, लेᳰकन वा᭭ तिवक िमᮢᲂ कᳱ सं᭎या कम हो सकती है। हम हर ᳰदन अनेक लोगᲂ से बातचीत करते हᱹ, ᳰफर भी भीतर से अकेलापन महसूस करते हᱹ। ᭍यᲂ? ᭍यᲂᳰक िडिजटल संवाद और मानवीय संवाद मᱶ अंतर है। इमोजी आँसू कᳱ जगह नहᱭ ले सकता। “Take care” ᳰकसी के साथ बैठने कᳱ जगह नहᱭ ले सकता। “Happy Birthday” गले िमलने कᳱ गमाᭅहट नहᱭ दे सकता। “Like” ᳰकसी उपलि᭣ध पर गवᭅ कᳱ वा᭭ तिवक अनुभूित नहᱭ दे सकता। तकनीक बुरी नहᱭ है। सम᭭ या तब होती है जब तकनीक ᳯर᭫ तᲂ का मा᭟यम न रहकर ᳯर᭫ तᲂ का िवक᭨प बन जाती है। हम वीिडयो कॉल कर सकते हᱹ, कई िमᮢ केवल एक गलतफहमी के कारण अलग हो गए। कई माता-िपता और बᲬे एक-दूसरे से ᮧेम करते हᱹ, लेᳰकन अहंकार उ᭠हᱶ संवाद नहᱭ करने देता। कभी-कभी ᳯर᭫ ते इसिलए नहᱭ टूटते ᳰक ᮧेम ख᭜म हो गया, बि᭨क इसिलए टूटते हᱹ ᳰक ᳰकसी ने “पहले मᱹ ᭍यᲂ बोलूँ?” का अहंकार नहᱭ छोड़ा। अहंकार — ᳯर᭫ तᲂ का मौन ह᭜यारा ᳯर᭫ तᲂ को सबसे अिधक नुकसान कई बार ᳰकसी तीसरे ᳞ िᲦ से नहᱭ, हमारे अपने अहंकार से होता है। हम कहते हᱹ — “उसने पहले फोन नहᱭ ᳰकया, तो मᱹ ᭍यᲂ कᱨँ?” “उसने मुझे नहᱭ बुलाया, तो मᱹ ᭍यᲂ जाऊँ?” “उसने माफᳱ नहᱭ माँगी, तो मᱹ ᭍यᲂ झुकूँ?” और इसी “मᱹ ᭍यᲂ?” के बीच वषᲄ पुराने ᳯर᭫ ते समा᳙ हो जाते हᱹ। कभी-कभी ᳯर᭫ ते मᱶ जीतने के िलए हारना पड़ता है। एक कदम पीछे हटना कमजोरी नहᱭ है। पहले फोन कर देना छोटापन नहᱭ है। माफᳱ माँग लेना हार नहᱭ है। ᳯर᭫ ते बचाने के िलए झुकना वा᭭ तव मᱶ ᳯर᭫ ते कᳱ गᳯरमा को बचाना है। आᳶथᭅक ि᭭ थित और ᳯर᭫ तᲂ का बदलता ᭭ वᱨप आज पैसे का ᮧभाव ᳯर᭫ तᲂ पर भी ᳰदखाई देता है। समाज मᱶ 28 िवक᭨प बन जाती है। हम वीिडयो कॉल कर सकते हᱹ, लेᳰकन कभी-कभी सामने बैठना जᱨरी होता है। हम संदेश भेज सकते हᱹ, लेᳰकन कभी-कभी आवाज सुनना जᱨरी होता है। हम त᭭ वीरᱶ साझा कर सकते हᱹ, लेᳰकन कभी-कभी साथ बैठकर चाय पीना जᱨरी होता है। ᳯर᭫ तᲂ मᱶ संवाद का मरना ᳰकसी भी ᳯर᭫ ते कᳱ साँस संवाद है। जहाँ बातचीत बंद होती है, वहाँ गलतफहिमयाँ ज᭠म लेती हᱹ। एक छोटी-सी बात मन मᱶ रह जाती है। ᳰफर दूसरी बात जुड़ती है। धीरे-धीरे िशकायतᱶ बढ़ती हᱹ। लोग बोलना बंद कर देते हᱹ और अंततः ᳯर᭫ ता बाहर से मौजूद रहते ᱟए भी भीतर से मर जाता है। सबसे खतरनाक दूरी वह नहᱭ जो ᳰकलोमीटरᲂ मᱶ होती है। सबसे खतरनाक दूरी वह है जो दो ᳰदलᲂ के बीच पैदा हो जाती है। कई पित-प᳀ी वषᲄ से साथ रहते हᱹ, लेᳰकन एक-दूसरे से खुलकर बात नहᱭ करते। कई भाई वषᲄ से नाराज़ हᱹ, लेᳰकन पहल करने को तैयार नहᱭ। का ᮧभाव ᳯर᭫ तᲂ पर भी ᳰदखाई देता है। समाज मᱶ ᳞ िᲦ कᳱ पहचान कई बार उसके चᳯरᮢ से अिधक उसकᳱ आᳶथᭅक ि᭭ थित से होने लगी है। िजसके पास पैसा है, उसकᳱ बात सुनी जाती है। िजसके पास पद है, उसका स᭥मान अिधक ᳰदखाई देता है। िजसके पास ᮧभाव है, उसके आसपास लोग ᳰदखाई देते हᱹ। लेᳰकन ᭍या यही ᳯर᭫ ते कᳱ सᲬाई है? यᳰद ᳰकसी ᳞ िᲦ का स᭥मान उसके धन से है, तो वह स᭥मान नहᱭ, ᭭ वाथᭅ है। यᳰद ᳰकसी का साथ उसके पद तक है, तो वह ᳯर᭫ ता नहᱭ, अवसर है। सᲬे ᳯर᭫ ते कᳱ परीᭃा तब होती है जब ᳞ िᲦ के पास देने के िलए कुछ न हो। जब बीमारी मᱶ भी कोई साथ बैठे। जब आᳶथᭅक संकट मᱶ भी कोई भरोसा दे। जब असफलता मᱶ भी कोई कहे — “कोई बात नहᱭ, मᱹ तु᭥हारे साथ ᱠँ।” यही ᳯर᭫ ते कᳱ वा᭭ तिवक संपिᱫ है। हम मृत ᳞ िᲦ के ᮧित अिधक संवेदनशील ᭍यᲂ हो जाते हᱹ? हमारे समाज कᳱ एक कड़वी िवडंबना यह भी है ᳰक कई बार हम जीिवत᳞ िᲦ को वह

स᭥मान और ᮧेम नहᱭ देते, जो उसकᳱ मृ᭜यु के बाद देने लगते हᱹ। जब कोई ᳞ िᲦ जीिवत होता है, हम कहते हᱹ — “समय नहᱭ है।” जब वह चला जाता है, हम कहते हᱹ — “काश! उससे एक बार और बात कर ली होती।” जब वह हमारे पास होता है, हम उसकᳱ किमयाँ िगनते हᱹ। जब वह नहᱭ रहता, हम उसकᳱ अ᭒छाइयाँ याद करते हᱹ। जब माँ जीिवत होती है, उसके फोन को कभी-कभी हम टाल देते हᱹ। जब माँ नहᱭ रहती, तब उसकᳱ आवाज सुनने के िलए मन तरसता है। जब िपता साथ होते हᱹ, उनकᳱ सलाह पुरानी लगती है। जब वे चले जाते हᱹ, तब उनकᳱ कही ᱟई छोटी-छोटी बातᱶ जीवन का सबसे बड़ा ᭄ान लगती हᱹ। ᭍यᲂ हम जीिवत रहते ᱟए अपने लोगᲂ कᳱ कᮤ नहᱭ कर पाते? ᭍यᲂ हमᱶ ᮧेम जताने के िलए मृ᭜यु कᳱ ᮧतीᭃा करनी पड़ती है? यह ᮧ᳤ केवल दूसरᲂ से नहᱭ, हमᱶ ᭭ वयं से पूछना चािहए। ᳯर᭫ तᲂ को समय चािहए ᳯर᭫ ते पौधᲂ कᳱ तरह होते हᱹ। उ᭠हᱶ केवल रोप देना पयाᭅ᳙ नहᱭ है। उ᭠हᱶ पानी देना पड़ता है, धूप से बचाना पड़ता है, उनकᳱ देखभाल जब तक सब अ᭒छा चल रहा है, ᳯर᭫ ता अ᭒छा है। जैसे ही मतभेद आया, ᳯर᭫ ता बोझ लगने लगता है। लेᳰकन वा᭭ तिवक ᳯर᭫ ता वही है जो मतभेदᲂ के बावजूद स᭥मान बनाए रखे। हर ᳞ िᲦ हमारी तरह नहᱭ सोच सकता। पित - प᳀ी कᳱ पसंद अलग हो सकती है। भाई - बहन कᳱ सोच अलग हो सकती है। माता - िपता और बᲬᲂ कᳱ पीढ़ी अलग हो सकती है। दो᭭ तᲂ के िवचार अलग हो सकते हᱹ। मतभेद ᳯर᭫ ते का अंत नहᱭ है। मतभेद को मनभेद बनने देना ᳯर᭫ ते का अंत है। ᳯर᭫ तᲂ मᱶ सहमित से अिधक जᱨरी है स᭥मान। आप मेरे िवचार से सहमत नहᱭ हᱹ, ᳰफर भी मᱹ आपका स᭥मान करता ᱠँ — यही ᭭ व᭭ थ ᳯर᭫ ता है। ᭍या ᳯर᭫ ते सचमुच मर गए हᱹ? शायद नहᱭ। ᳯर᭫ ते पूरी तरह मरे नहᱭ हᱹ। वे अभी भी हमारे भीतर जीिवत हᱹ। बस उ᭠हᱶ जगाने कᳱ जᱨरत है। आज भी कोई माँ अपने बेटे कᳱ ᮧतीᭃा करती है। आज भी कोई िपता अपनी बेटी कᳱ सफलता पर चुपचाप गवᭅ करता है। आज भी कोई भाई अपनी बहन के िलए ᳲचंितत होता 29 देना पड़ता है, धूप से बचाना पड़ता है, उनकᳱ देखभाल करनी पड़ती है। इसी तरह ᳯर᭫ तᲂ को भी समय, िव᳡ास, संवाद और संवेदना चािहए। यᳰद हम ᳯर᭫ तᲂ को समय नहᱭ दᱶगे, तो वे धीरे-धीरे सूख जाएंगे। कई लोग कहते हᱹ — “मेरे पास बᱟत काम है।” सच यह है ᳰक काम कभी समा᳙ नहᱭ होगा। लेᳰकन जीवन मᱶ कुछ लोग ऐसे हᱹ िज᭠हᱶ आज समय देना जᱨरी है, ᭍यᲂᳰक कल शायद समय हो, लेᳰकन वे लोग न हᲂ। हम पैसे वापस कमा सकते हᱹ। खोई ᱟई व᭭ तु वापस खरीद सकते हᱹ। बंद ᱟई दुकान ᳰफर खोल सकते हᱹ। लेᳰकन बीता ᱟआ समय और खोया ᱟआ ᳞ िᲦ वापस नहᱭ ला सकते। इसिलए अपने लोगᲂ के िलए समय िनकालना कोई अितᳯरᲦ काम नहᱭ है। यह जीवन का सबसे मह᭜वपूणᭅ काम है। ᳯर᭫ ते सुिवधा नहᱭ, िज᭥मेदारी हᱹ आज हम अ᭍सर ᳯर᭫ तᲂ को सुिवधा के िहसाब से देखते हᱹ। आज भी कोई भाई अपनी बहन के िलए ᳲचंितत होता है। आज भी कोई िमᮢ आधी रात मᱶ फोन उठाता है। आज भी कोई पड़ोसी िबना पूछे मदद करने पᱟँच जाता है। आज भी कोई अजनबी सड़क पर िगरे ᳞ िᲦ को उठाता है। आज भी इंसािनयत पूरी तरह समा᳙ नहᱭ ᱟई। सम᭭ या यह है ᳰक संवेदनाएँ शोर मᱶ दब गई हᱹ। हमᱶ उ᭠हᱶ ᳰफर से आवाज देनी होगी। शुᱧआत अपने घर से करᱶ। ᳯर᭫ तᲂ को बचाने के िलए दुिनया बदलने कᳱ जᱨरत नहᱭ है। शुᱧआत अपने घर से कᳱ जा सकती है। आज अपने माता-िपता के पास बैᳯठए। बᲬᲂ से मोबाइल दूर रखकर बात कᳱिजए। जीवनसाथी से केवल खचᭅ और िज᭥मेदाᳯरयᲂ कᳱ नहᱭ, भावनाᲐ कᳱ भी बात कᳱिजए। ᳰकसी पुराने िमᮢ को िबना ᳰकसी काम के फोन कᳱिजए। ᳰकसी नाराज़ ᳯर᭫ तेदार से पहल करके बात कᳱिजए।

ᳰकसी ऐसे ᳞ िᲦ को माफ कᳱिजए िजससे वषᲄ से दूरी है। ᳰकसी बुजुगᭅ कᳱ बात धैयᭅ से सुिनए। ᳰकसी बᲬे को केवल सलाह मत दीिजए, उसे समय दीिजए और सबसे मह᭜वपूणᭅ — अपने आसपास के लोगᲂ से पूिछए — “तुम सच मᱶ ठीक हो?” और यᳰद वह कहे — “हाँ, ठीक ᱠँ।” तो केवल इतना कहकर मत ᱧᳰकए। कभी-कभी आँखᲂ को पᳰढ़ए, ᭍यᲂᳰक श᭣द हमेशा सच नहᱭ बताते। ᳯर᭫ तᲂ कᳱ असली भाषा ᳯर᭫ तᲂ कᳱ अपनी कोई श᭣दावली नहᱭ होती। वहाँ बड़े-बड़े भाषण काम नहᱭ आते। वहाँ छोटे-छोटे ᳞ वहार बोलते हᱹ। एक िगलास पानी। एक फोन कॉल। एक ᭭ पशᭅ। एक मु᭭ कान। एक माफ़ᳱ। एक ध᭠यवाद। एक “मᱹ तु᭥हारे साथ ᱠँ।” ये छोटे-छोटे श᭣द और ᳞ वहार ᳯर᭫ तᲂ को जीिवत रखते हᱹ। कई बार ᳰकसी ᳞ िᲦ को समाधान नहᱭ चािहए होता, केवल यह िव᳡ास चािहए होता है ᳰक कोई उसके साथ है। हर सम᭭ या का उᱫर देना जᱨरी नहᱭ। कभी-कभी ᳰकसी कᳱ सम᭭ या सुन लेना ही सबसे मह᭜व देते हᱹ। संवाद कᳱिजए। मन कᳱ बात मन मᱶ दबाकर मत रिखए। िव᳡ास रिखए। हर बात का ᮧमाण माँगना ᳯर᭫ ते को कमजोर करता है। माफ करना सीिखए। हर गलती ᳯर᭫ ते से बड़ी नहᱭ होती। अहंकार छोिड़ए। “पहले कौन बोले?” से अिधक मह᭜वपूणᭅ है “ᳯर᭫ ता कौन बचाए? ”तुलना मत कᳱिजए। हर ᳞ िᲦ अलग है। पीठ पीछे चचाᭅ करने के बजाय सामने बात कᳱिजए। दुःख मᱶ साथ दीिजए। खुशी मᱶ तो दुिनया साथ होती है। बुजुगᲄ का स᭥मान कᳱिजए। उनका अनुभव पᳯरवार कᳱ िवरासत है। बᲬᲂ को समय दीिजए। महँगे िखलौनᲂ से अिधक उ᭠हᱶ आपका साथ चािहए। मोबाइल को साधन बनाइए, जीवन नहᱭ और सबसे बढ़कर—अपनᲂ को उनके रहते ᱟए अपना होने का एहसास कराइए। अंततः...“लोग ᳲज़ंदा हᱹ, ᳯर᭫ ते मर गए”— यह वा᭍य हमᱶ िनराश करने के िलए नहᱭ, जगाने के िलए है। ᳯर᭫ तᲂ का मरना कोई अचानक होने वाली घटना नहᱭ है। वे धीरे-धीरे मरते हᱹ। एक अनसुने फोन से। एक टाले ᱟए 30 नहᱭ। कभी-कभी ᳰकसी कᳱ सम᭭ या सुन लेना ही सबसे बड़ी सहायता होती है। ᳯर᭫ तᲂ कᳱ कᳱमत समिझए। जीवन कᳱ सबसे बड़ी िवडंबना यह है ᳰक हम उन चीजᲂ के पीछे भागते रहते हᱹ िज᭠हᱶ खोने के बाद खरीदा जा सकता है और उन चीजᲂ को नजरअंदाज करते हᱹ िज᭠हᱶ खोने के बाद वापस नहᱭ पाया जा सकता। हम घर बड़ा करने मᱶ लगे हᱹ लेᳰकन ᳰदल छोटा कर रहे हᱹ। हम बᱹक बैलᱶस बढ़ाने मᱶ लगे हᱹ लेᳰकन ᳯर᭫ तᲂ का बैलᱶस घटता जा रहा है। हम समय बचाने के िलए हर सुिवधा खरीद रहे हᱹ, लेᳰकन उस बचाए ᱟए समय को अपनᲂ के साथ िबताने का समय नहᱭ िनकाल रहे हᱹ। हम दुिनया से जुड़े रहने के िलए इंटरनेट पर हᱹ, लेᳰकन अपने घर के यᳰद सुिवधा बढ़ती है लेᳰकन अपनापन घटता है, तो जीवन समृ᳍ होकर भी गरीब हो जाता है। ᳯर᭫ ते बचाने के िलए ᭍या करᱶ? ᳯर᭫ तᲂ को जीिवत रखने के िलए कोई कᳯठन दशᭅन नहᱭ चािहए। कुछ सरल बातᱶ पयाᭅ᳙ हᱹ — समय दीिजए। िजसे समय देते हᱹ, उसे धीरे-धीरे मरते हᱹ। एक अनसुने फोन से। एक टाले ᱟए िमलन से। एक अधूरी बातचीत से। एक अहंकारी जवाब से। एक छोटी-सी गलतफहमी से। एक लंबे मौन से और अंततः उस ᳰदन हम समझते हᱹ ᳰक ᳯर᭫ ता हमारे पास होते ᱟए भी हमारे पास नहᱭ रहा। इसिलए अभी समय है।यᳰद कोई अपना नाराज़ है — बात कᳱिजए। यᳰद ᳰकसी से दूरी है — एक कदम बढ़ाइए। यᳰद ᳰकसी ने गलती कᳱ है — संभव हो तो माफ कᳱिजए। यᳰद आपने गलती कᳱ है — माफᳱ माँिगए। यᳰद माता-िपता पास हᱹ — उनके पास बैᳯठए। यᳰद बᲬे पास हᱹ — उ᭠हᱶ समय दीिजए। यᳰद िमᮢ दूर है — उसे याद कᳱिजए। यᳰद जीवनसाथी आपके साथ है — उसके साथ केवल जीवन कᳱ िज᭥मेदाᳯरयाँ नहᱭ, जीवन कᳱ खुिशयाँ भी बाँᳯटए, ᭍यᲂᳰक अंत मᱶ इंसान अपने साथ धन, पद, ᮧित᳧ ा और संपिᱫ नहᱭ ले जाता। वह केवल अपने पीछे छोड़ी ᱟई यादᱶ छोड़ जाता है और उन यादᲂ मᱶ सबसे मू᭨यवान वही होता है — ᳰकसी के जीवन मᱶ हमने ᳰकतना ᮧेम, िव᳡ास और अपनापन छोड़ा।

जीवन का सबसे बड़ा ᮧ᳤ यह नहᱭ है ᳰक हमने ᳰकतनी सफलता हािसल कᳱ। असली ᮧ᳤ यह है — हमने ᳰकतने ᳯर᭫ ते बचाए? ᳰकतने लोगᲂ को यह एहसास कराया ᳰक वे अकेले नहᱭ हᱹ? ᳰकतने आँसू पᲂछे? ᳰकतने टूटे ᳰदलᲂ को संभाला? ᳰकतने नाराज़ लोगᲂ को वापस अपना बनाया? ᳰकतनी बार अपने अहंकार से ऊपर उठकर ᳰकसी ᳯर᭫ ते को बचाया? ᭍यᲂᳰक एक ᳰदन हमारी साँसᱶ भी थम जाएँगी। उस ᳰदन हमारा पद ᳰकसी काम नहᱭ आएगा। हमारी संपिᱫ ᳰकसी काम नहᱭ आएगी। हमारी ᮧिसि᳍ भी शायद कुछ समय बाद भूल जाएगी। लेᳰकन ᳰकसी के मन मᱶ यᳰद यह बात रह गई ᳰक — “वह इंसान अ᭒छा था… उसने मेरा साथ ᳰदया था… उसने मुझे समझा था… वह मेरे दुःख मᱶ मेरे साथ खड़ा था…”तो समिझए, हमने जीवन को सचमुच िजया। इसिलए ᳯर᭫ तᲂ को मरने मत दीिजए। लोगᲂ के बीच केवल रिहए मत — उनसे जुिड़ए। िसफᭅ संपकᭅ मᱶ मत रिहए — संबंध मᱶ रिहए। मᱹने उस समय ᳯर᭫ ते को थोड़ा और समय ᳰदया होता…”इसिलए “काश” आने से पहले ᮧेम कर लीिजए। माफᳱ माँगनी है तो आज माँग लीिजए। बात करनी है तो आज कर लीिजए। ᭍यᲂᳰक ᳲजंदगी बᱟत छोटी है और ᳯर᭫ ते उससे भी ᭔यादा नाज़ᰛक। लोग ᳲज़ंदा हᱹ…ᳯर᭫ ते भी ᳲज़ंदा रह सकते हᱹ — बस उ᭠हᱶ हमारे समय, हमारी संवेदना और हमारे सᲬे ᮧयास कᳱ जᱨरत है। डी. राम ᮧसाद वᳯर᳧ अनुवादक पा᳡ᭅ धुन कौन कहता है तराना, बस होता है संगीत, ये तो वो एहसास है, िजससे होती है ᮧीत। आपकᳱ धुन कोई ᳰक᭭ मत भी हो सकती है ᭡यारी, जो अंदर से बदल देती है दुिनया आपकᳱ सारी॥ आपका तराना है मुि᭫ कलᲂ से लड़ने का वो मोड़, 31 िसफᭅ त᭭ वीरᲂ मᱶ मु᭭ कुराइए मत — ᳰदल से मु᭭ कुराइए। िसफᭅ जीिवत मत रिहए — संवेदनाᲐ के साथ जीिवत रिहए ᭍यᲂᳰक दुिनया को और अिधक सफल लोगᲂ कᳱ आव᭫ यकता हो सकती है लेᳰकन उससे कहᱭ अिधक आव᭫ यकता है — सᲬे इंसानᲂ कᳱ और अंत मᱶ शायद हमᱶ अपने समय से यही कहना चािहए — लोग अभी ᳲज़ंदा हᱹ…ᳯर᭫ तᲂ को मरने मत दो। ᳰकसी अपने को आज ही फोन कᳱिजए। ᳰकसी नाराज़ ᳞ िᲦ से आज ही बात कᳱिजए। ᳰकसी बुज़ᰛगᭅ के पास आज ही बैᳯठए। ᳰकसी बᲬे को आज ही गले लगाइए ᭍यᲂᳰक हो सकता है — आज हमारे पास समय हो, लेᳰकन कल केवल यादᱶ हᲂ और तब शायद हमारे पास कहने के िलए बᱟत कुछ होगा —“ काश! आपका तराना है मुि᭫ कलᲂ से लड़ने का वो मोड़, अब आप आगे ब᭾ते है सब डर पीछे छोड़। वो पल जब आपने खुद के िलए लड़ना सीखा पहली बार, और भुला ᳰदया वो सब जो न था आपको गवार॥ आपका तराना बीते कल कᳱ वो याद है हसीन, जो िपछड़े अपनᲂ कᳱ बातᱶ रखती है ᳲजंदीन। ᳲजंदगी का वो नया मौसम भी बन जाता है एक राह, जो ᳰदल टूटने के बाद भी भरती है एक नई चाह। आप थक कर थोड़े-थोड़े बदल सकते हᱹ अपने ᭎याल, पुरानी बातᲂ से आगे बढ़ना भी है एक कमाल। मगर चाहे जो भी आज आपकᳱ सबसे खास है कहानी, ᳲजंदगी मᱶ एक धुन रखना हमेशा म᭭ तानी।। का᳞᮰ ी येलूᱧ किन᳧ िलिपक काᳶमᭅक िवभाग

राजभाषा कायाªÆवयन कì िविभÆन गितिविधयां कारखाना राजभाषा कायाªÆवयन सिमित कì 165वé बैठक का आयोजन ᳰदनांक 31.03.2026 को समा᳙ ितमाही अविध के दौरान कारखाना के िविभ᳖ िवभागᲂ तथा शॉप ᭢लोर के कायाᭅलयᲂ मᱶ राजभाषा कायाᭅ᭠वयन के िसलिसले मᱶ ᮧा᳙ ल᭯ यᲂ का लेखा-जोखा लेने तथा आगे कᳱ कायᭅᮓम तय करने के उ᳎े᭫ य से ᳰदनांक 22.06.2026 को मु᭎य कारखाना ᮧबंधक कᳱ अ᭟यᭃता मᱶ कारखाना राजभाषा कायाᭅ᭠वयन सिमित कᳱ 165वᱭ ितमाही बैठक का आयोजन ᳰकया गया था। इस बैठक मᱶ सभी शाखािधकारी तथा शॉप तथा अनुभागᲂ के ᮧभारी पयᭅवेᭃकᲂ ने भाग िलया था। िवशेषकर इस बैठक मᱶ गृह मंᮢ ालय ᳇ारा वषᭅ 2026-27 के िलए जारी ᳰकए गए वाᳶषᭅक कायᭅᮓम पर चचाᭅ कᳱ गई और सभी को ल᭯ यᲂ के बारे मᱶ अवगत कराया तथा अनुदेश ᳰदया गया ᳰक ल᭯ यᲂ कᳱ ᮧाि᳙ हेतु हर संभाव ᮧयास ᳰकया जाएं। िहंदी के सुÿिसĦ लेखक पĪभूषण िवÕणु ÿभाकर कì जयंती का आयोजन ᳲहंदी सािह᭜य के ᮧित अिधकाᳯरयᲂ, पयᭅवेᭃकᲂ तथा काᳶमᭅकᲂ को ᮧो᭜सािहत करते ᱟए ᳲहंदी पु᭭ तकालय कᳱ उपयोिगता बढ़ाने के उ᳎े᭫ य से ᳰदनांक 22.06.2026 को सुᮧिस᳍ लेखक प᳑ भूषण िव᭬ णु ᮧभाकर कᳱ जयंती का आयोजन ᳰकया गया। इस दौरान काᳶमᭅक शाखा मᱶ कायᭅरत सु᮰ी वाई. का᳞᮰ ी, किन᳧ िलिपक ने ᮧभाकर जी कᳱ जीवनी तथा रचनाᲐ पर पॉवर पाइंट के तहत पेपर ᮧ᭭ तुत ᳰकया। 32

वैगन वाणी कì ÿथम अंक का िवमोचन राजभाषा कायाªÆवयन कì िविभÆन गितिविधयां दिᭃण तट रेलवे के ᱨप मᱶ पᳯरवᳶतᭅत होने के उपरांत मालिड᭣बा कारखाने मᱶ राजभाषा कायाᭅ᭠वयन के ᭃेᮢ मᱶ ᳰकए जा रहे िवशेष ᮧयासᲂ तथा कारखाने के िविभ᳖ िवषयᲂ पर ᮧकाश डालते ᱟए कारखाने कᳱ ᮢै मािसक राजभाषा गृह पिᮢ का वैगन वाणी के ᮧथम अंक का िवमोचन मु᭎य कारखाना ᮧबंधक के करकमलᲂ से ᳰदनांक 22.06.2026 को ᳰकया गया। मुंबई मᱶ संप᳖ रा᳦ ीय ᭭ तर के अंतर रेलवे ᳲहंदी नाटक ᮧितयोिगता मᱶ, िविभ᳖ ᭃेᮢ ीय रेलᲂ से 32 नाटकᲂ को िह᭭ सा लेने के िलए चुना गया। दिᭃण म᭟य रेलवे के ᮧितिनिध᭜व करते ᱟए, िवजयवाड़ा मंडल ने “िपिपलकम” नाटक का मंचन ᳰकया, िजसे ᮧथम पुर᭭ कार ᮧा᳙ ᱟआ। उसी नाटक मᱶ, रायनपाडु कारखाने मᱶ कायᭅरत ᮰ी एसु र᳀म, वᳯर᳧ तकनीिशयन, बोगी शॉप, िज᭠हᱶ मंच सᲯा के िलए सवᲃ᭜कृ᳥ मंच सᲯा के िलए ᳞ िᲦगत पुर᭭ कार ᮧा᳙ ᳰकया। नाट्य आभा महोÂसव – अिखल रेल सांÖकृितक ÿितयोिगता (नाटक) 2025 – ÿथम पुरÖकार 33

᭄ान कᳱ गहराई, उसका पᳯरवतᭅन और उसकᳱ िवरासत एक गाँव मᱶ एक अनुभवी माली रहता था। बचपन से ही उसे पेड़-पौधᲂ और फूलᲂ से गहरा ᮧेम था। वषᲄ कᳱ साधना, िनरीᭃण और अनुभव से उसने एक अ᭜यंत सुंदर बगीचा तैयार ᳰकया था। वह केवल इतना नहᱭ जानता था ᳰक पौधᲂ को पानी देना है; वह यह भी जानता था ᳰक ᳰकस पौधे को कब, ᳰकतना और ᭍यᲂ पानी देना है। वह िमᲵी कᳱ नमी देखकर िनणᭅय लेता, मौसम को समझता और पौधे कᳱ अव᭭ था के अनुसार उसकᳱ देखभाल करता। वह जानता था ᳰक कौन-सी शाखा सूख चुकᳱ है और काटने यो᭏य है, तथा कौन-सी शाखा अभी छोटी है लेᳰकन भिव᭬ य मᱶ सुंदर फूल दे सकती है। उसके िलए बगीचे कᳱ देखभाल कोई िनि᳟ त िनयम नहᱭ थी, माली और चार पीᳰढ़यᲂ का बगीचा ᳰफर ᳰकसी शाखा कᳱ ओर इशारा करके समझाता — “हर शाखा काटने यो᭏य नहᱭ होती। इस शाखा मᱶ अभी कली नहᱭ ᳰदख रही, लेᳰकन इसमᱶ जीवन है। इसे समय दो। हो सकता है कल यही फूल दे।” वह बᲬᲂ से कहता— “मेरी बातᱶ केवल याद मत करना। यह भी समझना ᳰक ऐसा ᭍यᲂ करना है। पᳯरि᭭ थित को देखकर िनणᭅय लेना सीखो।” बᲬे िपता कᳱ बात ᭟यान से सुनते और उनके साथ काम करते। इस पीढ़ी मᱶ केवल जानकारी ही नहᱭ, बि᭨क ᭄ान के साथ अनुभव, समझ और िववेक भी आगे बढ़ रहा था। ᭄ान जीिवत था। दूसरी पीढ़ी — ᭄ान रहा, गहराई कम ᱟई अब माली लगभग 50 वषᭅ का हो चुका था। समय के साथ माली के बᲬे बड़े ᱟए और उनके भी बᲬे हो गए। अब उसके बᲬे अपने बᲬᲂ को बगीचे कᳱ 34 बि᭨क ᮧकृित को समझकर सही समय पर सही िनणᭅय लेने कᳱ एक कला थी। माली चाहता था ᳰक उसके बाद भी यह बगीचा इसी सुंदरता से िखलता रहे। इसिलए उसने अपने अनुभव और ᭄ान को अपनी आने वाली पीᳰढ़यᲂ तक पᱟँचाने का िन᳟ य ᳰकया। समय बीतता गया। माली कᳱ उ᮫ बढ़ती गई और उसके साथ उसका ᭄ान भी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पᱟँचता गया। लेᳰकन हर पीढ़ी के साथ उस ᭄ान का ᭭ वᱨप थोड़ा-थोड़ा बदलता गया। पहली पीढ़ी — ᭄ान के साथ समझ अब माली लगभग 25 वषᭅ का हो चुका था। माली अपने बᲬᲂ को बगीचे मᱶ साथ लेकर जाता और उ᭠हᱶ पौधᲂ कᳱ देखभाल िसखाता। वह कहता— “इस पौधे को पानी देने से पहले इसकᳱ िमᲵी देखो। िमᲵी गीली है तो पानी मत दो। सूखी है तो आव᭫ यकता के अनुसार पानी दो।” गए। अब उसके बᲬे अपने बᲬᲂ को बगीचे कᳱ देखभाल िसखाने लगे। उ᭠हᲂने वही बातᱶ आगे पᱟँचाᲊ — “इस पौधे को पानी देना।” “इस मौसम मᱶ खाद डालना।” “इस शाखा कᳱ छँटाई करना।” लेᳰकन धीरे-धीरे एक पᳯरवतᭅन आया। पहली पीढ़ी के िलए ᮧ᳤ था — “कब? ᳰकतना? और ᭍यᲂ?” अब दूसरी पीढ़ी मᱶ बात धीरे-धीरे िसमटकर रह गई— “᭍या करना है।” उ᭠हᲂने िपता से सीखे िनयम तो याद रखे, लेᳰकन उन िनयमᲂ के पीछे का अनुभव और पᳯरि᭭ थित को समझने कᳱ ᭃमता उतनी गहराई से आगे नहᱭ जा सकᳱ। अब िमᲵी को देखकर िनणᭅय लेने के बजाय लोग समय देखकर पानी देने लगे। शाखा कᳱ अव᭭ था समझने के बजाय केवल यह याद रखा गया ᳰक — “छँटाई करनी है।”

कोई हरी शाखाएँ काट देता, तो कोई सूखी शाखाᲐ को छोड़ देता। कोई कहता— “हम अपने तरीके से काम करᱶगे।” अब बगीचे मᱶ सेवा कम और मनमजᱮ अिधक थी। धीरे-धीरे बेलᱶ उलझने लगᱭ। पौधे कमजोर होने लगे। फूल कम होते गए। कहᱭ पानी अिधक था, कहᱭ कमी। कहᱭ अनाव᭫ यक छँटाई थी, तो कहᱭ आव᭫ यक देखभाल भी नहᱭ। िजस बगीचे मᱶ कभी रंग- िबरंगे फूल िखलते थे, वह धीरे-धीरे अपनी सुंदरता खोने लगा। माली ने िखड़कᳱ से यह सब देखा। उसकᳱ आँखᱶ नम हो गᲊ। माली कᳱ अंितम समझ माली बᱟत देर तक बगीचे को देखता रहा और सोचता रहा— “मᱹने तो अपना ᭄ान आगे पᱟँचाया था। ᳰफर मेरा बगीचा ᭍यᲂ उजड़ गया?” कुछ देर बाद उसे उᱫर ᳰदखाई ᳰदया। बगीचा अचानक नहᱭ उजड़ा था। पहली पीढ़ी मᱶ ᭄ान के साथ समझ और अनुभव था। ᭄ान आगे बढ़ रहा था, लेᳰकन उसकᳱ गहराई कुछ कम हो रही थी। : तीसरी पीढ़ी : समझ कᳱ जगह लाभ-हािन के िनयम अब माली लगभग 75 वषᭅ का हो चुका था। अब तीसरी पीढ़ी बगीचे कᳱ देखभाल करने लगी। उ᭠हᱶ अपने बड़ᲂ से िमले िनयम याद थे, लेᳰकन अब बगीचे को समझने कᳱ जगह लाभ-हािन कᳱ दृि᳥ बढ़ने लगी। वे सोचने लगे — “िजस पौधे से अिधक फूल िमलᱶ, उसी पर अिधक ᭟यान देना चािहए।” “अिधक खाद दᱶगे तो पौधा ज᭨दी बढ़ेगा।” “जो शाखा अभी लाभ नहᱭ दे रही, उसे काट देना बेहतर है।” धीरे-धीरे पौधे कᳱ ᮧकृित और आव᭫ यकता से अिधक मह᭜व उसके तुरंत पᳯरणाम को िमलने लगा। बगीचा अभी भी हरा था, लेᳰकन उसमᱶ पहले जैसा संतुलन नहᱭ रहा। माली यह देखकर समझ गया— “जब ᭄ान से समझ हट जाती है, तो िनयम तो रह जाते हᱹ, लेᳰकन उनके पीछे का िववेक खोने लगता है।” 35 पहली पीढ़ी मᱶ ᭄ान के साथ समझ और अनुभव था। दूसरी पीढ़ी मᱶ ᭄ान रहा, लेᳰकन गहराई कम हो गई। तीसरी पीढ़ी मᱶ समझ कᳱ जगह लाभ-हािन के िनयम आ गए और चौथी पीढ़ी तक पᱟँचते-पᱟँचते िनयमᲂ कᳱ जगह मनमजᱮ ने ले ली। माली ने गहरी साँस ली और धीरे से कहा— “᭄ान को केवल आगे पᱟँचा देना पयाᭅ᳙ नहᱭ है। उसकᳱ मूल भावना, गहराई और उ᳎े᭫ य को समझकर जीवन मᱶ उतारना आव᭫ यक है। ᭍यᲂᳰक श᭣द पीᳰढ़यᲂ तक पᱟँच सकते हᱹ, लेᳰकन समझ और अनुभव को हर पीढ़ी को ᭭ वयं जीिवत रखना पड़ता है।” वह िखड़कᳱ से अपने बगीचे को देखता रहा। उसे अब समझ मᱶ आ चुका था — बगीचे को पौधे नहᱭ, उसकᳱ सही देखभाल सुंदर बनाती है; और ᭄ान को श᭣द नहᱭ, उसका सही जीवन सुंदर बनाता है। अब ᭄ान जीवन को सँवारने का मा᭟यम कम और लाभ ᮧा᳙ करने का साधन अिधक बनने लगा था। चौथी पीढ़ी — मनमजᱮ का ᮧवेश अब माली लगभग 100 वषᭅ का हो चुका था। अब माली बᱟत वृ᳍ हो चुका था। उसका शरीर इतना कमजोर था ᳰक वह बगीचे मᱶ जाकर काम नहᱭ कर सकता था। वह अपनी िखड़कᳱ से ही उस बगीचे को देखता, िजसे उसने जीवन भर ᮧेम से सँवारा था। अब चौथी पीढ़ी के हाथᲂ मᱶ बगीचे कᳱ िज᭥मेदारी थी। लेᳰकन अब तक ᭄ान कᳱ वह मूल समझ बᱟत पीछे छूट चुकᳱ थी। न अनुभव था, न गहराई थी, न िववेक, और न ही उन िनयमᲂ का वा᭭ तिवक उ᳎े᭫ य। हर ᳞ िᲦ अपनी सुिवधा और अपनी समझ के अनुसार काम करने लगा। कोई पौधे को आव᭫ यकता से अिधक पानी देता, तो कोई सूखते ᱟए पौधे को भी पानी नहᱭ देता। बी. के. शिश भूषण सीिनयर से᭍शन इंजीिनयर कांपोनᱶट शॉप

राजभाषा कायªशाला का आयोजन ᳰदनांक 06.06.2026 को काᳶमᭅक िवभाग मᱶ कायᭅरत कमᭅचाᳯरयᲂ के िलए एक राजभाषा कायᭅशाला का आयोजन ᳰकया गया। इस कायᭅशाला मᱶ राजभाषा मᱶ कायᭅ करने से संबंिधत नई तकनीᳰकयᲂ पर ᮧकाश डाला गया। कमᭅचाᳯरयᲂ को ई-ऑᳰफस, एच आर एम एस मᱶ कायᭅ करने के आसानी तरीकᲂ पर कᭃा ली गई। िहंदी अंकŌ पर आधाåरत ÿितयोिगता का आयोजन काᳶमᭅक िवभाग मᱶ कायᭅरत कमᭅचाᳯरयᲂ को दैनंᳰदन कायᭅ मᱶ ᮧयुᲦ ᳲहंदी अंकᲂ पर आधाᳯरत एक िवशेष ᮧितयोिगता का आयोजन ᳰकया गया। इस ᮧितयोिगता मᱶ ᮧथम, ि᳇तीय और तृतीय ᭭ थान ᮧा᳙ कमᭅचाᳯरयᲂ को पुर᭭ कृत ᳰकया गया। ि³वज @ 8 ÿितयोिगता का आयोजन कमᭅचाᳯरयᲂ मᱶ राजभाषा के ᮧित सजगता एवं सᳰᮓयता को सुिनि᳟ त करने के उ᳎े᭫ य से ᳰᲤज @ 8 ᮧितयोिगता का आयोजन ᳰकया गया। इस ᮧितयोिगता के िवजेताᲐ को मु᭎य कारखाना ᮧबंधक महोदय ᳇ारा पुर᭭ कार ᮧदान ᳰकए गए। 36

टेबल ůेिनंग एवं राजभाषा अिभयान िहंदी शÊद ÿितयोिगता का आयोजन कमᭅचाᳯरयᲂ मᱶ ᳲहंदी श᭣द ᭄ान कᳱ वृि᳍ करने के उ᳎े᭫ य से कायाᭅलयीन कायᭅ मᱶ दैनंᳰदन ᮧयोग के आम श᭣दᲂ के आधार पर ᳰदनांक 10.07.2026 को कारखाना ि᭭ थत बुिनयादी ᮧिशᭃण कᱶᮤ (बी टी सी) मᱶ ᳲहंदी श᭣द ᮧितयोिगता का आयोजन ᳰकया गया। शॉप ᭢लोर के कायाᭅलयᲂ मᱶ कायᭅरत पयᭅवेᭃकᲂ तथा कमᭅचाᳯरयᲂ मᱶ राजभाषा कायाᭅ᭠वयन संबंधी जागᱨकता उ᭜प᳖ करने के उ᳎े᭫ य से यू जी भंडार और पᱶट शॉप कᱶ कायाᭅलयᲂ मᱶ राजभाषा िवशेष अिभयान चलाया गया और कं᭡यूटर पर यूिनकोड कᳱ सहायता से ᳲहंदी मᱶ कायᭅ करने के बारे मᱶ ᮧिशᭃण ᮧदान ᳰकया गया। 37

नगर राजभाषा कायाªÆवयन सिमित कì बैठक नगर राजभाषा कायाªÆवयन सिमित – राजभाषा शीÐड ᳰदनांक 22.07.2026 को, मंडल ᮧेᭃागृह मᱶ अ᭟यᭃ एवं मंडल रेल ᮧबंधक ᮰ी मोिहत सौनᳰकया जी कᳱ अ᭟यᭃता मᱶ नगर राजभाषा कायाᭅ᭠वयन सिमित, िवजयवाड़ा कᳱ 71वᱭ बैठक का आयोजन ᳰकया गया। इस बैठक मᱶ मु᭎य कारखाना ᮧबंधक ᮰ी एम िᮢ नाध कुमार और उप मु᭎य राजभाषा अिधकारी ᮰ी एम. अिनᱧ᳍ जी ने बैठक मᱶ भाग िलए और राजभाषा कायाᭅ᭠वयन कᳱ ᳰदशा मᱶ अ᭟यᭃ महोदय ᳇ारा ᳰदए गए अनुदेशᲂ का पालन ᳰकया जा रहा है। नगर राजभाषा कायाªÆवयन सिमित – राजभाषा शीÐड ᳰदनांक 22.07.2026 को मंडल ᮧेᭃागृह, िवजयवाड़ा मᱶ नगर राजभाषा कायाᭅ᭠वयन सिमित (कᱶᮤ सरकारी कायाᭅलय) ᳇ारा आयोिजत पुर᭭ कार िवतरण कायᭅᮓम मᱶ मालिड᭣बा कारखाना, गुंटुप᭨ली को वषᭅ 2025 के दौरान उ᭜कृ᳥ राजभाषा कायाᭅ᭠वयन के पᳯरणाम᭭ वᱨप, उ᭜कृ᳥ कायाᭅलय के ᱨप मᱶ ᮧथम पुर᭭ कार शी᭨ड ᮧदान ᳰकया गया। यह शी᭨ड अ᭟यᭃ एवं मंडल रेल ᮧबंधक महोदय के करकमलᲂ से मु᭎य कारखाना ᮧबंधक महोदय ने ᮧा᳙ ᳰकया। इसी कायᭅᮓम मᱶ, नगर राजभाषा कायाᭅ᭠वयन सिमित के त᭜वावधान मᱶ आयोिजत ᮧितयोिगताᲐ मᱶ िविश᳥ सहयोग देते ᱟए राजभाषा ᮧ᳤ ोᱫरी ᮧितयोिगता आयोिजत करने के उपल᭯ य मᱶ ᮰ी एम. अिनᱧ᳍, उप मु᭎य राजभाषा अिधकारी एवं कारखाना काᳶमᭅक अिधकारी को पुर᭭ कृत ᳰकया गया। 38

एस सी ओ आर मजदूर यूिनयन तथा एस सी ओ आर एंÈलाईज संघ के साथ ÿथम पी एन एम बैठक दिᭃण तट रेलवे के आरंभ होने के प᳟ ात मा᭠यता ᮧा᳙ एस सी ओ आर मजदूर यूिनयन एवं एस सी ओ आर एं᭡लाईज संघ के साथ वषᭅ 2026 कᳱ ᮧथम बैठक ᳰदनांक 29.07.2026 को आयोिजत ᳰकया गया। इस बैठक मᱶ मालिड᭣बा कारखाना, गुंटुप᭨ली मᱶ कायᭅरत कमᭅचाᳯरयᲂ के क᭨याणकारी िवषयᲂ के बारे मᱶ िव᭭ तार से चचाᭅ कᳱ गई। इस बैठक मᱶ मु᭎य कारखाना ᮧबंधक ᮰ी एम. िᮢ नाध कुमार, उप मु᭎य यांिᮢ क इंजीिनयर ᮰ी एम. हनुमायांिᮢ क इंजीिनयर ᮰ी एम. हनुमा नायक, कारखाना काᳶमᭅक अिधकारी ᮰ी एम. अिनᱧ᳍, कारखाना लेखा अिधकारी ᮰ी बी. नागराजु और अ᭠य अिधकारी, संबंिधत पयᭅवेᭃक तथा कमᭅचारी भाग िलए। 39

नए ®म संिहताओं पर संवेदंशीलता सý – तकनीकì संगोķी का आयोजन ᳰदनांक 27.07.2026 को नए ᮰म संिहताᲐ पर एक जागᱨता अिभयान मु᭎य कारखाना ᮧबंधक महोदय कᳱ अ᭟यᭃता मᱶ आयोिजत ᳰकया गया। इस अिभयान मᱶ िविश᳥ वᲦा के ᱨप मᱶ ᮰ी रवᱭदर दुहान, सहायक ᮰म आयुᲦ (कᱶᮤ ीय), िवजयवाड़ा भाग िलया। इस बैठक मᱶ उपि᭭ थत सभी पयᭅवेᭃकᲂ तथा ठेकेदार जो कारखाने मᱶ बा᳭᮲ ोतीकरण के तहत कारखाने के उ᭜पादन मᱶ सहयोग ᮧदान कर रहे हᱹ को नए ᮰म संिहताᲐ पर िवशेष जानकारी ᮧदान कᳱ गई। सेवािनवृि° समारोह का आयोजन हर माह मᱶ सेवािनवृᱫ होनेवाले कमᭅचाᳯरयᲂ को देय सेवािनवृिᱫ लाभ अथाᭅत डी सी आर जी, पी पी ओ, उ᭥मीद काडᭅ, सेवा ᮧमाण-पᮢ आᳰद सभी द᭭ तावेज, महीने के पहली तारीख या पहले कायᭅ ᳰदवस को मु᭎य कारखाना ᮧबंधक महोदय कᳱ उपि᭭ थित मᱶ सेवािनवृᱫ कमᭅचाᳯरयᲂ को ᮧदान ᳰकया जाता है। इस समारोह के दौरान कारखाना काᳶमᭅक अिधकारी, कारखाना लेखा अिधकारी, संबंिधत पयᭅवेᭃक तथा मा᭠यता ᮧा᳙ यूिनयन और एसोिसयेशनᲂ के ᮧितिनिध भी उपि᭭ थत होकर कमᭅचाᳯरयᲂ को िवशेष बधाइयां देते ᱟए उनकᳱ िवदाई करते हᱹ। इस दौरान कमᭅचाᳯरयᲂ को आव᭫ यक सुझाव, सहायता ᮧदान कᳱ जाती है। 40

'हर घर ितरंगा' अिभयान के अंतगᭅत, मालिड᭣बा कारखाना, गुंटुप᭨ली के मु᭎य ᮧवेश ᳇ार पर ितरंगा ᮧदशᭅनी और 'िवभाजन कᳱ िवभीिषका ᭭ मृित ᳰदवस' कायᭅᮓम का आयोजन ᳰकया गया है। स᭥मािनत मु᭎य कारखाना ᮧबंधक, कारखाना काᳶमᭅक अिधकारी और उ᭜पादन इंजीिनयर और अ᭠य अिधकाᳯरयᲂ 'हर घर ितरंगा' अिभयान – ितरंगा ᮧदशᭅनी और िवभाजन कᳱ िवभीिषका ᭭ मृित ᳰदवस ने ᮧदशᭅनी का संदशᭅन ᳰकया और कायᭅᮓम मᱶ भाग िलया। अ᭠य सभी अिधकारी, पयᭅवेᭃक और कमᭅचाᳯरयᲂ ने इस ᮧदशᭅनी मᱶ उ᭜सुकता से भाग िलए अपने इितहास को याद ᳰकए तथा देशभिᲦ व रा᳦ ीय एकता कᳱ भावना का ज᳤ मनाएं। िशकायत िनवारण अिभयान ᳰदनांक 03.08.2026 को कारखाने मᱶᳰदनांक 03.08.2026 को कारखाने मᱶ कायᭅरत कमᭅचाᳯरयᲂ तथा पᱶशनरᲂ, पाᳯरवाᳯरक पᱶशनरᲂ के उ᭥मीद से संबंिधत मामलᲂ, एच आर एम एस डाटा अ᳒ तन, एन पी एस/यू पी एस संबंधी पूछताछ, पᱶशनर पहचान पᮢ , पᱶशनरᲂ के िलए सेवािनवृिᱫ उपरांत मानाथᭅ पास (पी आर सी पी) और पाᳯरवाᳯरक पᱶशनरᲂ के िलए िवधवा मानाथᭅ पास (ड᭣᭨यू सी ए) हेतु एच आर एम एस मᱶ ऑनलाइन पंजीकरण, काᳶमᭅक िवभाग से संबंिधत िशकायतᲂ के िनवारण हेतु एक िशकायत िनवारण अिभयान चलाया गया। कुल 15 सेवारत कमᭅचारी और 33 पᱶशनर/पाᳯरवाᳯरक पᱶशनरᲂ ने इस अिभयान का लाभ उठाया। 41

मृÂयु राहत िनिध ÿदान करना मालिड᭣बा कारखाना, गुंटुप᭨ली मᱶ िपछले वषᭅ से शुᱨ ᳰकए गए एक नवो᭠मेष पहल जो है मृ᭜यु राहत िनिध। ᳰकसी भी कारणवश कोई भी कमᭅचारी जो कारखाने मᱶ कायᭅरत कᳱ मृ᭜यु हो जाती है तो कारखाने मᱶ कायᭅरत सभी कमᭅचाᳯरयᲂ के वेतन से 100/- ᱧपए कᳱ कटौती करते ᱟए लगभग 2 लाख ᱧपए कᳱ रािश का चेक मृत कमᭅचारी के पᳯरवार के सद᭭ यᲂ को राहत िनिध के ᱨप मᱶ ᮧदान ᳰकया जाता है। यह पहल भारतीय रेल के ᳰकसी भी ᭃेᮢ ीय रेलवे मᱶ या उ᭜पादन इकाई मᱶ शायद ही हो। ऐसी एक िवशेष पहल एक वषᭅ से अपने कारखाने मᱶ जो शुᱨ कᳱ गई है उसका िनरंतर ᱨप मᱶ चलाया जा रहा है। क¤þीय िवīालय के छाýŌ को िविभÆन ÿितयोिगताओं का आयोजन 80 वᱶ ᭭ वतंᮢ ता ᳰदवस के80 वᱶ ᭭ वतंᮢ ता ᳰदवस के िसलिसले मᱶ, पी एम ᮰ी कᱶᮤ ीय िव᳒ ालय नं.2, गुंटुप᭨ली के छाᮢᲂ के िलए िनबंध लेखन, ᮧ᳤ मंच, िचᮢ लेखन और वाक ᮧितयोिगताᲐ का आयोजन ᳰकया गया। इन ᮧितयोिगताᲐ के िवजेताᲐ को मु᭎य कारखाना ᮧबंधक महोदय के करकमलᲂ से पुर᭭ कार ᮧदान ᳰकया गया। 42

᭍या शू᭠य से चम᭜कार हो सकते हᱹ? ... मेरी ᳲज़ंदगी मᱶ भी एक चम᭜कार ᱟआ...मेरा गाँव गुंटूर से पचास ᳰकलोमीटर दूर है...अ᭠य सभी कᳱ तरह, दसवᱭ पास करने के बाद मुझे इंटरमीिडएट कᳱ पढ़ाई के िलए गुंटूर जाना पड़ा और वहाँ एक कमरा ᳰकराए पर लेना पड़ा...हमारे पास खाने तक के पैसे नहᱭ थे—फᳱस तो दूर कᳱ बात थी...हम बड़ी मुि᭫ कल से गुज़ारा कर रहे थे... ᳰफर भी मुझे फᳱस और कमरे के िलए कम से कम तीन हज़ार ᱧपयᲂ कᳱ ज़ᱨरत थी... और मेरे पास एक पैसा भी नहᱭ था...िपताजी ने गाँव मᱶ सबसे पूछा... लेᳰकन खेती का ज़ोरᲂ का मौसम होने के कारण, उ᭠हᱶ ᳰकसी से भी कज़ᭅ नहᱭ िमल पाया। अगले ही ᳰदन, मुझे कॉलेज जाकर फ़ᳱस भरनी थी और दािखला लेना था... मेरे पास बस वही कपड़े थे जो मᱹने पहने ᱟए थे और एक जोड़ी कपड़े और थे।उस रात हममᱶ से ᳰकसी ने कुछ .""बुरा मत मानना, पर ये तीन हज़ार ᱧपये रख लो... वे धान का ᳞ ापार करते हᱹ, और उ᭠हᲂने मुझसे कहा था ᳰक बचे ᱟए पैसᲂ से अपने िलए कुछ सािड़याँ खरीद लूँ... अगर ये पैसे लड़के कᳱ पढ़ाई मᱶ काम आएँ तो मुझे खुशी होगी... है ना, िप᳖ ी?""मᱹ तु᭥हᱶ ये पैसे यूँ ही नहᱭ दे रही... बस लड़के से कहना ᳰक जब उसकᳱ पढ़ाई पूरी हो जाए और नौकरी लग जाए, तो वह अपनी इस अᲥा के िलए एक साड़ी खरीदे..." कुमारी अᲥा कहती गᲊ।"वह ठीक बाहर ही है; मᱹ अब चलती ᱠँ, िप᳖ ी," उ᭠हᲂने कहा और चली गᲊ।उस रात मᱹ िब᭨कुल सो नहᱭ पाई..!!यह असीम खुशी थी!मेरी बहन को मेरी पढ़ाई पर बᱟत भरोसा था... मᱹने तय ᳰकया ᳰक मᱹ खूब मन लगाकर पढूंगा, िसफ़ᭅ उसकᳱ खुशी के िलए। एक सुबह मᱹ गुंटूर गया और कॉलेज मᱶ दािखला िलया; वहाँ मᱹ दूसरे छाᮢᲂ के साथ एक कमरे मᱶ रहा और अपनी इंटरमीिडएट कᳱ पढ़ाई पूरी कᳱ। जब भी मᱹ छुᳯᲵयᲂ मᱶ घर आता, कुमारी ᭍या शू᭠य से चम᭜कार हो सकते हᱹ? 43 नहᱭ खाया।हमने दीया बुझाया और सोने के िलए लेट गए; मुझे अपने अंदर आँसू उमड़ते ᱟए महसूस हो रहे थे।िपताजी करवट बदलकर दूसरी तरफ़ मुँह करके लेट गए।मुझे पता था ᳰक वे सोए नहᱭ हᱹ।मᱹ उस िपता का दुख समझ सकता था जो अपने बेटे कᳱ कॉलेज कᳱ फ़ᳱस नहᱭ भर पा रहा था।रात के करीब ᭏यारह बजे हᲂगे; बाहर ह᭨कᳱ बाᳯरश हो रही थी।तभी दरवाजे पर द᭭ तक ᱟई और हम सब उठ गए—वैसे, सच कᱠँ तो, जागने के िलए सोना ज़ᱨरी होता है, है ना?माँ ने िमᲵी के तेल के दीपक कᳱ बᱫी तेज़ कᳱ और दरवाजा खोला।पड़ोस से कुमारी अᲥा थᱭ!उनकᳱ शादी को अभी चार महीने ही ᱟए थे... और इस समय हमारे घर आना—मᱹ पूरी तरह से हैरान थी।कुमारी अᲥा बोलने लगᱭ: "िप᳖ ी, मᱹ आज शाम ही आई ᱠँ। आते ही माँ ने मुझे बताया ᳰक तुम बाबू कᳱ कॉलेज कᳱ फᳱस भरने के िलए संघषᭅ कर रही हो.. अᲥा हमारे गाँव नहᱭ आती थᱭ। इस वजह से, पूरे दो साल तक मᱹ उनका शुᳰᮓया अदा नहᱭ कर पाया।इंटरमीिडएट कᳱ पढ़ाई पूरी करने के बाद, मᱹ CA कᳱ पढ़ाई के िलए हैदराबाद गया। मेरे कॉलेज के ᳲᮧंिसपल ने मुझे एक िचᲶी और अपने दामाद का पता ᳰदया और कहा ᳰक ज़ᱨरत पड़ने पर वे मेरी मदद करᱶगे। उनका एक लॉज था और मेरा कॉलेज वहाँ से पैदल दूरी पर था। शुᱨ मᱶ, मᱹने पास ही एक कमरा ᳰकराए पर िलया, लेᳰकन दो महीने बाद ᳲᮧंिसपल के दामाद ने सुझाव ᳰदया, "तु᭥हᱶ अलग कमरे कᳱ ᭍या ज़ᱨरत है? यहᱭ लॉज मᱶ रहो; वैसे भी ᳰदन भर तो तुम कॉलेज मᱶ ही रहते हो। और हाँ, हमारे अकाउंटᱶट ने नौकरी छोड़ दी।मुझे शाम के समय लॉज का िहसाब-ᳰकताब संभालने का काम ᳰदया गया। मᱹ लॉज मᱶ ही रहने लगा; मुझे रहने के िलए कमरे का ᳰकराया और तीन सौ ᱧपये कᳱ मािसक सैलरी िमली।

मेरी ᳰदनचयाᭅ मᱶ ᳰदन मᱶ पढ़ाई करना और रात मᱶ िहसाब-ᳰकताब का काम करना शािमल था— हालांᳰक िहसाब-ᳰकताब का काम बᱟत ᭸यादा नहᱭ था, इसमᱶ बस एक घंटा लगता था। जब तक मᱹने अपना CA पूरा ᳰकया, तब तक मᱹने बᱹक मᱶ कुछ बचत जमा कर ली थी। बाद मᱶ, मुझे मुंबई मᱶ ICWA कोसᭅ करना था; लॉज के मािलक के कुछ जान-पहचान वालᲂ कᳱ मदद से, मᱹ मुंबई मᱶ ICWA भी पूरा कर पाया। आज मᱹ मुंबई कᳱ एक ᮧमुख कंपनी मᱶ िवᱫीय ᮧबंधक ᱠँ। मेरे माता-िपता मुंबई मᱶ मेरे साथ हᱹ। मुझे वो सारी सुिवधाएं िमल रही हᱹ िजनके बारे मᱶ मᱹने अपने पहले कायᭅकाल मᱶ कभी सपने मᱶ भी नहᱭ सोचा था।मेरी एक ही इ᭒छा है... मᱹ कम से कम एक बार अपने गृहनगर जाना चाहती ᱠँ, अपनी चचेरी बहन से िमलना चाहती ᱠँ... मᱹ रेशमी साड़ी पहनकर एक नया अनुभव लेना चाहती कब तक रहेगी यही कड़वी सᲬाई हम मᱶ जरा सी भी बची नहᱭ अ᭒छाई , कहते हᱹ हम खुद को युवा और खेलते हᱹ हर पल िज᭠दगी का जुआ , शᳶमᭅ᭠दा हᱹ हमसे हमारी सं᭭ कृित ये कैसी पाली है हमने िवकृित । पा᳟ ा᭜य स᭤यता के अधीन होकर खुद को स᭤य समझने लगे, इस मीठे जहर को खा कर हम तो धीरे धीरे मरने लगे। पथ ᳥᮪ नेताᲐ ने नहᱭ हमᱶ िबगाड़ा खुद हमने ही खुद कᳱ वजूद उखाड़ा , युवा हᱹ हम हमᱶ तो इस बात का गुमान है सचमुच भूल चुके हम अपनी पहचान हᱹ युवा होने का नाजायज फायदा बᱟत िलए हमने थोड़ी सी अब जायज फायदा लेना होगा युवा ᳰदवस 44 साड़ी पहनकर एक नया अनुभव लेना चाहती ᱠँ... मᱹने इसके िलए ᳯटकट बुक कर िलए हᱹ... मᱹ कल जा रही ᱠँ। वाई. स᭜यनारायणा वᳯर᳧ तकनीिशयन बोगी शॉप थोड़ी सी अब जायज फायदा लेना होगा देख िलया देश गतᭅ मᱶ जाता हमने अब ᱧख र᭢तार कᳱ मोड़ना होगा। ᮧगित के नाम पर ᮧकृित और सं᭭ कृित को छेड़ा है युवा होने का हक भले ही हमने खोया है, लेᳰकन समाज मᱶ अिभश᳙ होकर नहᱭ जीना हमᱶ हम युवा हᱹ हारना कतई मंजूर नहᱭ हमᱶ । अपना कर᭭ वामी िववेकानंद के आदशᲄ को युवा होने का सबूत ᳰफर से दे पाएँगे, ᳰदखला कर अपने अंदर कᳱ जौहर को ᳰफर से कोई नई इितहास िलख जाएँगे। फले᭠ᮤ कुमार सहायक कारखाना एयर ᮩे क शॉप

काᳶमᭅक िवभाग रेल संगठन कᳱ मह᭜वपूणᭅ ᳞ व᭭ थाᲐ मᱶ से एक है। इसकᳱ भूिमका केवल मानव संसाधन ᮧबंधन तक सीिमत नहᱭ है, बि᭨क यह रेल कमᭅचाᳯरयᲂ एवं उनके पᳯरवारᲂ के क᭨याण, सुख- समृि᳍ तथा सामािजक सुरᭃा से भी जुड़ी ᱟई है। क᭨याण अनुभाग रेल ᮧशासन एवं कमᭅचाᳯरयᲂ के बीच एक मह᭜वपूणᭅ कड़ी के ᱨप मᱶ कायᭅ करता है। िविभ᳖ क᭨याणकारी गितिविधयᲂ एवं कमᭅचारी-कᱶᳰᮤ त पहलᲂ के मा᭟यम से यह अनुभाग यह सुिनि᳟ त करने का ᮧयास करता है ᳰक रेलवे िनयमᲂ एवं योजनाᲐ के अंतगᭅत उपल᭣ध लाभ एवं सुिवधाएँ कमᭅचाᳯरयᲂ तथा उनके पᳯरवारᲂ तक समयब᳍, पारदशᱮ एवं ᮧभावी ᱨप से पᱟँचᱶ। क᭨याण अनुभाग ᳇ारा ᳰकए जाने वाले ᮧमुख कायᲄ मᱶ कमᭅचारी लाभ िनिध, कमᭅचारी सेटलमᱶट, अनुकंपा के आधार पर िनयुिᲦ, क᭨याण बजट, मृ᭜यु उपरांत अंशदान तथा आव᭫ यकता के समय पᳯरवारᲂ को सहायता आᳰद शािमल हᱹ। इसका उ᳎े᭫ य केवल आᳶथᭅक सहायता ᮧदान करना ही नहᱭ, बि᭨क रेल पᳯरवार के िलए ᭭ व᭭ थ, सहयोगा᭜मक एवं समावेशी कायᭅ वातावरण को बढ़ावा देना भी है। कमᭅचारी लाभ िनिध के उिचत िनयोजन एवं िववेकपूणᭅ उपयोग के मा᭟यम से यह सुिनि᳟ त करने का ᮧयास करता है ᳰक ᭭ वीकृत ᮧ᭜येक रािश का साथᭅक एवं िनधाᭅᳯरत क᭨याणकारी उ᳎े᭫ य के िलए उपयोग हो। सेटलमᱶट: सेवािनवृिᱫ ᮧ᭜येक रेल कमᭅचारी के जीवन मᱶ एक मह᭜वपूणᭅ पᳯरवतᭅन का चरण है। अतः सेवािनवृिᱫ लाभᲂ का िनपटान सावधानीपूवᭅक सम᭠वय, शु᳍ता एवं समयब᳍ कारᭅवाई कᳱ अपेᭃा करता है। क᭨याण अनुभाग सेवािनवृᱫ होने वाले कमᭅचाᳯरयᲂ को सेवािनवृिᱫ एवं सेटलमᱶट लाभᲂ से संबंिधत िविभ᳖ औपचाᳯरकताᲐ के संबंध मᱶ मागᭅदशᭅन ᮧदान करता है। क᭨याण अनुभाग संबंिधत काᳶमᭅक एवं लेखा शाखाᲐ के साथ सम᭠वय करते ᱟए किमयᲂ को रेल कमᭅचाᳯरयᲂ के िहत मᱶ समᳶपᭅत क᭨याण अनुभाग 45 को सहायता आᳰद शािमल हᱹ। कमᭅचारी लाभ िनिध – कमᭅचारी क᭨याण को सुदृढ़ आधार: कमᭅचारी लाभ िनिध भारतीय रेल कᳱ एक मह᭜वपूणᭅ क᭨याणकारी ᳞ व᭭ था है, िजसके मा᭟यम से रेल कमᭅचाᳯरयᲂ एवं उनके पᳯरवारᲂ के िहत मᱶ िविभ᳖ गितिविधयᲂ एवं सहायता का ᮧावधान ᳰकया जाता है। क᭨याण अनुभाग, कमᭅचारी लाभ िनिध से संबंिधत गितिविधयᲂ के कायाᭅ᭠वयन मᱶ मह᭜वपूणᭅ भूिमका िनभाता है। कमᭅचारी लाभ िनिध के अंतगᭅत मह᭜वपूणᭅ गितिविधयᲂ मᱶ से ᮧमुख: मनोरंजन, सां᭭ कृितक एवं खेलकूद, मिहला कमᭅचाᳯरयᲂ के क᭨याण एवं सशᲦᳱकरण संबंधी कायᭅᮓम, मानिसक ᭭ वा᭭᭝ य एवं कमᭅचारी-कᱶᳰᮤ त पहल, कमᭅचाᳯरयᲂ एवं उनके आि᮰त पᳯरवारजनᲂ के िलए क᭨याणकारी गितिविधयाँ और अंितम सं᭭ कार सहायता तथा अ᭠य। शाखाᲐ के साथ सम᭠वय करते ᱟए किमयᲂ को पहचान कर तथा उनके यथाशीᮖ िनराकरण मᱶ भी सहायता करता है। उ᳎े᭫ य यह सुिनि᳟ त करना है ᳰक रेलवे को अपनी बᱟमू᭨य सेवाएँ ᮧदान करने वाला ᮧ᭜येक कमᭅचारी स᭥मान, आ᭜मिव᳡ास एवं मानिसक शांित के साथ सेवािनवृᱫ हो। इस ᮧकार, सेटलमᱶट को केवल एक िवᱫीय ᮧᳰᮓया के ᱨप मᱶ नहᱭ, बि᭨क सेवािनवृᱫ होने वाले कमᭅचारी एवं उसके पᳯरवार के ᮧित एक क᭨याणकारी दािय᭜व के ᱨप मᱶ देखा जाता है। अनुकंपा के आधार पर िनयुिᲦ: सेवा के दौरान ᳰकसी रेल कमᭅचारी कᳱ आकि᭭ मक मृ᭜यु उसके पᳯरवार को गंभीर भावना᭜मक एवं आᳶथᭅक कᳯठनाइयᲂ मᱶ डाल सकती है। ऐसी हालत मᱶ, िनयमᲂ एवं शतᲄ के अधीन पाᮢ आि᮰त पᳯरवारजनᲂ को राहत देने के उ᳎े᭫ य से एक सामािजक सुरᭃा उपाय के ᱨप मᱶ कायᭅ करती है।

यह मृ᭜यु से संबंिधत आव᭫ यक औपचाᳯरकताᲐ के सम᭠वय तथा ᮧचिलत ᮧावधानᲂ के अंतगᭅत पाᮢ क᭨याणकारी सहायता, िजसमᱶ अनुम᭠य अंितम सं᭭ कार सहायता भी शािमल है, के ᮧसं᭭ करण मᱶ सहयोग करता है। क᭨याण अनुभाग संबंिधत काᳶमᭅक, लेखा एवं अ᭠य शाखाᲐ के साथ सम᭠वय कर ᳰदवंगत कमᭅचारी से संबंिधत मामलᲂ के शीᮖ िन᭭ तारण का ᮧयास करता है। ऐसे कᳯठन समय मᱶ क᭨याण अनुभाग यह सुिनि᳟ त करने का ᮧयास करता है ᳰक शोकाकुल पᳯरवार को आव᭫ यक औपचाᳯरकताᲐ के िलए अकेले संघषᭅ न करना पड़े। क᭨याण – केवल एक िज᭥मेदारी से कहᱭ अिधक क᭨याण कायᭅ सीधे कमᭅचाᳯरयᲂ एवं उनके पᳯरवारᲂ के जीवन को ᮧभािवत करता है। ᮧ᭜येक क᭨याणकारी गितिविध के पीछे एक मानवीय कहानी होती है: •एक सेवािनवृᱫ कमᭅचारी, जो शांितपूणᭅ सेवािनवृᱫ जीवन कᳱ ओर देख रहा है। •एक पᳯरवार, जो अपने कमाऊ सद᭭ य को खोने के बाद सहायता कᳱ अपेᭃा रखता है। क᭨याण अनुभाग यह समझता है ᳰक ᮧ᭜येक अनुकंपा के आधार पर िनयुिᲦ फाइल के पीछे एक ऐसा पᳯरवार होता है, जो अपने जीवन के अ᭜यंत कᳯठन दौर मᱶ सहायता कᳱ अपेᭃा रखता है। इसिलए संवेदनशीलता, धैयᭅ एवं समय पर मागᭅदशᭅन इस कायᭅ के मूल आधार हᱹ। रेलवे इंि᭭ टᲷूट – मनोरंजन एवं सामुदाियक सहभािगता का कᱶᮤ : रेलवे इंि᭭ टᲷूट, मालिड᭣बा कारखाना, गुंटुप᭨ली के कमᭅचाᳯरयᲂ एवं उनके पᳯरवारᲂ को खेलकूद, सां᭭ कृितक, मनोरंजना᭜मक एवं सामािजक गितिविधयᲂ मᱶ भाग लेने के िलए एक मंच ᮧदान करता है। यह ᭭ व᭭ थ मनोरंजन, टीम भावना, सामुदाियक सहभािगता तथा रेलवे पᳯरवार के सद᭭ यᲂ के बीच आपसी जुड़ाव एवं अपन᭜व कᳱ भावना को ᮧो᭜सािहत करता है। मिहला कमᭅचाᳯरयᲂ का क᭨याण – सशᲦᳱकरण एवं सहयोग: क᭨याण अनुभाग मिहला कमᭅचाᳯरयᲂ के िलए जागᱨकता, सशᲦᳱकरण,᭭ वा᭭᭝ य, सुरᭃा, सां᭭ कृितक एवं मनोरंजन संबंधी कायᭅᮓमᲂ का आयोजन करता है। इन पहलᲂ के मा᭟यम से मिहला कमᭅचाᳯरयᲂ कᳱ सहभािगता, आ᭜मिव᳡ास एवं जागᱨकता को बढ़ावा 46 सहायता कᳱ अपेᭃा रखता है। •एक आि᮰त, जो अनुकंपा िनयुिᲦ कᳱ आशा करता है। •एक कमᭅचारी, जो ᳰकसी क᭨याणकारी योजना के मा᭟यम से सहायता ᮧा᳙ करना चाहता है। •एक पᳯरवार, िजसे SBF के मा᭟यम से संचािलत गितिविध का लाभ िमलता है। •एक कमᭅचारी, जो सेटलमᱶट एवं सेवािनवृिᱫ लाभᲂ के संबंध मᱶ मागᭅदशᭅन चाहता है। इसिलए क᭨याण अनुभाग केवल एक कायᭅ-िन᭬ पादन इकाई नहᱭ, बि᭨क कमᭅचाᳯरयᲂ एवं उनके पᳯरवारᲂ के िलए एक सहायता-तंᮢ के ᱨप मᱶ कायᭅ करता है। हमारी ᮧितब᳍ता मालिड᭣बा कारखाना, गुंटुप᭨ली मᱶ काᳶमᭅक िवभाग के अंतगᭅत कायᭅरत क᭨याण अनुभाग सदैव कमᭅचाᳯरयᲂ के क᭨याण के ᮧित ᮧितब᳍ है: सहभािगता, आ᭜मिव᳡ास एवं जागᱨकता को बढ़ावा िमलता है तथा सुरिᭃत, स᭥मानजनक एवं समावेशी कायᭅ᭭ थल के िनमाᭅण मᱶ योगदान िमलता है। ड᭣᭨यू ई आई – सुरिᭃत एवं स᭥मानजनक कायᭅ᭭ थल को बढ़ावा देना: इसका उ᳎े᭫ य कायᭅ᭭ थल से संबंिधत िविभ᳖ िवषयᲂ के बारे मᱶ जागᱨकता उ᭜प᳖ करना तथा उिचत मागᭅदशᭅन ᮧदान करना है, िजसमᱶ यौन उ᭜पीड़न से संबंिधत िशकायतᱶ भी शािमल हᱹ। िशकायतᲂ का िनपटारा िनधाᭅᳯरत ᮧᳰᮓया के अनुसार ᳰकया जाता है तथा इसमᱶ गोपनीयता, संवेदनशीलता, िन᭬ पᭃता एवं समयब᳍ कारᭅवाई को उिचत मह᭜व ᳰदया जाता है। “उ᭜पीड़न के ᮧित शू᭠य सहनशीलता – गᳯरमा से कोई समझौता नहᱭ।” मृ᭜यु उपरांत अंशदान: ᳰकसी कमᭅचारी कᳱ मृ᭜यु शोकाकुल पᳯरवार तथा संपूणᭅ रेलवे िबरादरी के िलए अ᭜यंत कᳯठन समय होता है। ऐसी कᳯठन पᳯरि᭭ थितयᲂ मᱶ क᭨याण अनुभाग पᳯरवार को ᮧशासिनक एवं क᭨याणकारी सहायता ᮧदान करने मᱶ मह᭜वपूणᭅ भूिमका िनभाता है। बी. वᱶकटे᳡र राव मु᭎य क᭨याण व कमᭅचारी िनरीᭃक

हमारे कारखाने के िसतारे ᳰदनांक 01.01.2025 से 31.12.2026 तक कᳱ ᳯरिᲦ चᮓ के अंतगᭅत 30% एल.डी.सी.ई. कोटे के मा᭟यम से चयन ᮧᳰᮓया मᱶ इस कारखाने के िन᳜ िलिखत कमᭅचाᳯरयᲂ का ᮓमशः सहायक काᳶमᭅक अिधकारी, सहायक लेखा अिधकारी, सहायक मंडल यांिᮢ क इंजीिनयर/सहायक कारखाना ᮧबंधक तथा सहायक सामᮕी ᮧबंधक के पदᲂ पर चयन ᱟआ है। यह उपलि᭣ध न केवल चयिनत कमᭅचाᳯरयᲂ के िलए, बि᭨क मालिड᭣बा कारखाना, गुंटुप᭨ली के संपूणᭅ पᳯरवार के िलए अ᭜यंत हषᭅ एवं गौरव का िवषय है। इन कमᭅचाᳯरयᲂ कᳱ लगन, पᳯर᮰म एवं ᮧितभा िनि᳟ त ᱨप से अ᭠य कमᭅचाᳯरयᲂ के िलए भी ᮧेरणा᮲ोत है। मालिड᭣बा कारखाना, गुंटुप᭨ली के सम᭭ त पᳯरवार कᳱ ओर से सभी चयिनत कमᭅचाᳯरयᲂ को हा᳸ दᭅक बधाई एवं उᲰवल भिव᭬ य के िलए अनंत शुभकामनाएँ। हम उनके आगामी सेवाकाल मᱶ िनरंतर ᮧगित, सफलता एवं नई ऊँचाइयᲂ कᳱ कामना करते हᱹ। ®ी वाई सुधाकर राव मु´य िडपो भंडार अधी±क गुंटूर मंडल सहायक सामúी ÿबंधक ®ी पी. राज कुमार कायाªलय अधी±क, पी सी ओ अनुभाग, यांिýक िवभाग सहायक कािमªक अिधकारी ®ी सीएच. िशव कुमार वåरķ अनुदेशक, बुिनयादी ÿिश±ण क¤ þ सहायक कायª ÿबंधक 47 सहायक सामúी ÿबंधक के łप म¤ पदोÆनत सहायक कािमªक अिधकारी के łप म¤ पदोÆनत बुिनयादी ÿिश±ण क¤ þ सहायक कायª ÿबंधक के łप म¤ पदोÆनत ®ी बी. सुरेश वåरķ अनुभाग अिधकारी सहायक िव° सलाहकार के łप म¤ पदोÆनत ®ी के. िकरण वåरķ अनुभाग अिधकारी सहायक िव° सलाहकार के łप म¤ पदोÆनत ®ी सीएच. राजु वåरķ अनुभाग अिधकारी, सहायक िव° सलाहकार के łप म¤ पदोÆनत

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