यह 44 पृष्ठों का एक धार्मिक पुस्तिका है जिसमें भगवान गणेश के 108 नामों (अष्टोत्तरशतनामावली) का संस्कृत और हिंदी में उच्चारण एवं अर्थ दिया गया है। इसमें वक्रतुंड महाकाय से लेकर चामीकरप्रभाय तक प्रत्येक नाम का विस्तृत वर्णन है। यह पुस्तिका श्री गणेश की आरती और पूजा के लिए उपयोगी है।
यह एक धार्मिक पुस्तिका है जिसमें भगवान गणेश के 108 नामों (अष्टोत्तरशतनामावली) का संकलन है। यह उन भक्तों के लिए है जो गणेश पूजा और आरती में रुचि रखते हैं। पुस्तिका को श्री गणेश के आशीर्वाद की कामना के साथ मुफ्त वितरण के लिए तैयार किया गया है।
पहले भाग में 'वक्रतुंड महाकाय' जैसे प्रसिद्ध मंत्रों के साथ गणेश जी के विभिन्न नामों की सूची है। प्रत्येक नाम के साथ संस्कृत में मूल श्लोक, हिंदी में उच्चारण और अर्थ दिया गया है। उदाहरण के लिए 'ॐ गजाननाय नमः' का अर्थ 'गज के मुख वाले' बताया गया है।
पुस्तिका में गणेश जी के गुणों और विशेषताओं का वर्णन है - जैसे वे विघ्नहर्ता हैं, सुख के सागर हैं, और सभी देवताओं में अग्रपूज्य हैं। प्रत्येक नाम के माध्यम से उनके विभिन्न स्वरूपों की व्याख्या की गई है।
यह संग्रह 2026 के लिए तैयार किया गया है और इसमें 'ॐ गणाध्यक्षाय नमः', 'ॐ विघ्नराजाय नमः', 'ॐ विनायकाय नमः' जैसे महत्वपूर्ण नाम शामिल हैं। पुस्तिका के अंत में गणेश जी की आरती और पूजा विधि का उल्लेख हो सकता है।