sunehri yadein 25 26

2025-26 कैमरे में कैम्पस एक सुनहरा साल

प्रधान संपादक विजय मनोहर वििारी प्र बंध संपादक डॉ. पी. शशशकलाक् रिएटिव िीम डॉ. राखी वििारी, डॉ. अविनाश िाजपेयी, डॉ. संजय द् वििेदी, डॉ. मनीष माहेश्वरी, डॉ. पवित्र श् ीिास्ति, डॉ. मोननका िमामा, डॉ. आरिी सारंग, डॉ. चैिन्य अग्रिाल, डॉ. आशीष जोशी सीटनयर इनपुि हेड वगरीश उपाध्ाय, शशिकुमार वििेक, स्मृ वि जोशी, अनूप दत्ा फोिो आद्दत्य कुमार चौरशसया, मनोज पटैल, बापू िाघ ले आउि अजय शसं ह सहयोगी िीम रेििी रमण वमश्, ननखखल चौरशसया, राजेंद्र शसं ह टडजििल संस्करण 2026 माखनलाल चतुववेदी राष्टीय पत्रकाररता एवं संचार ववश्वववद्ालय राज्य शूनटं ग अकादमी के सामने, वबसनखेड़ी, भोपाल (म.प्र.) 462044, www.mcu.ac.in, email : publication.mcu@gmail.com | © सिामाशिकार सुरक्षििभारतीय पत्रकाररता के गौरवशाली 200 वर््ष जो गुजर गई, कल की बात थी कभी-कभी कुछ काम बिना बकसी योजना के भी बकसी ठीकठाक अंत तक पहुँच जाते हैैं । पीछे लगाई जाती रही एक-एक ईं ट के समय यह अंदाज शायद ही होता है ो बक भबिष्य में बकस आकार मेें ढलकर कुछ सामेने आएगा! इस एलबमे मेें पपछले एक साल की कुछ यादें समेाई हैैं । संयोग से "माखन के लाल' पुस्तक के पिजाइन के समय सीधे हाथ की तरफ के कुछ पेज खाली पमलते चले गए और है में हर नई कहानी बाईं ओर के पेज से आरंभ करनी थी। अब संकट यह था बक सारे पूि्व बवद्ार्थी लेखकों से कॉपी और ललखने को कहा जाए। यह असंभव था क्ययों बक ये अनुभव देश-दु बनया भर मेें फैले हमारे पूि्व बिद्ार्र्थियों ने िीते चार महीनों में ललखकर भेजे र्े । अब नए लसरे से उन सबसे संपक्व करना और ललखिाना संभव नहैीं र् ा। लगभग 25 कहैाबनयाँ ऐसी थीं , जो अगले बाएँ पेज पर कहैीं खत्म हो रही थीं। इतने ही दाईं ओर के पेज जि सामने आए तो एपिटोररयल टीम ने तय बकया बक क्ययों न पपछले साल हु ए आयोजनों और अनेक अवसरों पर पररसर मेें आए अपतथथ संपादकों , लेखकयों और काट्ट्व बनस्टटों की तस्ीरें इस खाली पमेले स् ान पर पपरो दी जाएँ । तब यह पुस्तक भी पररसर की हलचल से अिगत कराएगी। वनाना केवल लेख ही लेख हटोंगे। यह एक उत्तम बवचार था और पफर प्ट रे साल के ऐसे प्र संगोों की तस्ीरयों को जुटाने में टीमे लगी। यह एलिम उसी एक आइपिया का बिस्ार हैै । 8 मई 2026 को हहैथिदी के पहैले समाचार पत्र "उदंत मात्त्वण्ड ' के ऐपतहैालसक 200 साल के प्र संग मेें भारत भवन मेें "माखन के लाल' लोकार्पथित हु ई थी। भारत भवन मेें हु ए तीन पदन के उस आयोजन की यादें भी अभूतपूिना हैैं । और पफर सत्र समापन के पहैले "प्रपतभा 2026' के पुरस्ार बितरण और लसनेमा स्ट डी के बिद्ार्थथियों की एक अंपतम प्र भािशाली नाट्य प्रस्ततु पत। कतुलपमलाकर इस एलबमे मेें 2025-26 का पूरा सत्र ही इन तस्ीरयों में जीवंत है ो उठा है। बकसी ने सच ही कहैा है, "एक-एक ईं ट जोड़कर ही इपतहास स् यं का बनमाना ण करता हैै ।' मगोर यह कोई ऐसा इपतहास भी नहीं हैै । यह अभी-अभी माखनपतु रमे् में िीते एक साल की ऐसी यादें हैैं , जो सामने आ रहैे अगले लशक्ा सत्र को आगे ले जाएं गोी। शानदार यादों को सहेजने के इस प्र यास के ललए एपिटोररयल टीम सराहना की पात्र हैै । भूमिका विजय मनोहर मिवारी

असबहष्ु ता एक स्स् समेाज का लक्ण हैै । दरअसल भारत की लजस सबहष्तु ता की तारीफ चारों और हैु ई है, िहै सबहष्ु ता है मारी एक बनश्चित कमजोरी भी रही हैै । एक शत-प्रपतशत सबहष्ु आदमी को लजन्ा आदमी नहैीं कहा जा सकता। - राजेंद्र मार्तु र मुद्दतोों बाद उसी दर पर लौटना...फरवरी 2025 नई भूमिका िें पहला मिन, एक नई शुरूआत: 11 फरिरी 2025 को शासन ने विजय मनोहर वििारी को विश्वविद्ालय का कुलगुरू ननयुक्त नकया। यह िस्ीरें उनके विश्वविद्ालय पररसर में पहले द् दन की हैं । ित्ालीन कुलसशचि डॉ. अविनाश िाजपेयी, एचओडी डॉ. संजय द् वििेदी, डॉ. पी. शशशकला, प्र ो. शशिकुमार वििेक, दत्ोपंि ठेें गड़ी शोि संस्ान के ननदेशक डॉ. मुकेश कुमार वमश्ा और अनेक विद्ार्थी भी द् दखाई दे रहे हैं।

पंकज त् रिपाठी की मास्टर क् ासपंकज त् रिपाठी की मास्टर क् ासमार््च 2025 संघर््ष से शशखर को छू ने की कहानी : प्र शसद्ध अद्भनेिा पंकज द्त्र पाठेी का पररसर में आना विद्ाशर् थि यों को एक एेसी कहानी से रू बरू होना र् ा जो एक लंबे संघषमा के बाद शशखर िक पहुंची। संस्मृवि विभाग के प्र मुख सशचि शशिशेखर शुक्ा उन्हें पररसर में लेकर आए। एचओडी डॉ. पवित्र श् ीिास्ति ने सभी मेहमानों को विश्वविद्ालय के शसनेमा स्ट डी, एपीआर, मीनडया, प्र बंिन और कंप्ूटर पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बिाया नक 20 राज्यों के विद्ार्थी यहां पढ़िे हैं । अयोध्ा के आर्ाय्च का आगमनमार््च 2025 अयोध्ा के प्र शसद्ध आचायमा वमशर्लेशनंद्दनीशरण माचमा 2025 में भोपाल में आयोशजि राष्टीय शोिार्थी समागम में शावमल होने आए। िे विश्वविद्ालय पररसर में ही ठे हरे। जनसंचार विभाग के एचओडी डॉ. संजय द् वििेदी ने पुस्तक भेंट कर उनका स् ागि नकया। आचायमा जी दूसरी बार भी जब इसी समागम में आए िब पररसर में ही ठे हरे। आचायमाजी एक लोकद्प्रय लेखक, प्र खर िक्ता और सोशल मीनडया पर सद्क्रय विभूवि हैं । िे आिुननक अयोध्ा की आिाज बनकर देश के सामने आए हैं।

माखनलाल र् तोुववेदी स्मृ ततो व् ाख्ान - 2025अप्रैल 2025 लोक संस्कृतत िें गहरे गोते : भारिीय लोक संस्मृवि के अध्ेिा और पद्मश्ी से अलंकमृ ि डॉ. कद्पल वििारी को सुनना हजारों िषमा पुरानी परंपरा और संस्मृवि में गहरी डुबकी लगाने का अनुभि है। िे दादा माखनलाल चिुिवेदी की स्मृ वि के आयोशजि िावषथिक व् ाख्ान में आए। यह विश्वविद्ालय के सांस्मृविक कायमाक्रम "प्रविभा" का भी अिसर र् ा। अनेक प्र विभाशाली विद्ाशर् थि यों ने गीि, संगीि और नमृत्य की प्रस्तु वियां दीं। CINEBRATION 2.0 | फफल्म फेस्स्टवलअप्रैल 2025 जहां नया रचने की अपार संभावनाएं हैं : शसनेमा स्ट डी और एपीआर विभाग का सालाना जलसा। शॉटमा द् फल्म और डॉक्ुमेंट्ी के जररए अपने आइनडया को परदे पर पेश करने का एक शानदार अिसर। विद्ाशर् थि यों विारा िैयार खास प्रस्तु वियां इस द् फल्म फेस्स्टिल के खास आकषमाण होिे हैं। द् फल्म लेखन, ननदवे शन, गीि, संगीि, ध्व नन और अं ि में समीषिा से जुड़े अनेक विषय विशेषज्ञ इस फेस्स्टिल में शावमल होिे रहे हैं।

जुलाई 2025 िाननकी विशेषज्ञ डॉ. सुदेश िाघमारे ने 50 एकड़ के नए पररसर में 5,000 पौिे लगाने की गुंजाइश बिाई। पहले चरण में बाररश के पहले ही 1,111 पौिे रोपने की व् ापक िैयारी की गई। पद्मश्ी से सम्ाननि विभूवियों, कुलपवियों, कलाकारों, अकादवमयों और शोि संस्ानों के ननदेशकों को इस अद्भयान से जोड़ा गया। उच्च शशषिा मंत्री इंदर शसं ह परमार और वििायक भगिान दास सबनानी ने भी पौिे लगाए।ग् ीन करैम्प स : 1,111 पौधे रोपे डॉ. रवीन्द्र कान्े रे डॉ. भरत शरण ससंहश् ी अशोक कड़े लग् ीन करैम्प स पद्मश्ी सम्ान प्र ाप्त िु गा्षिेवी व् ाि, तवजयित्त श् ीधर, डॉ. कमपल ततवारी, हरचंिन ससंह भट्ी उच्च शशषिा मंत्री इं िर ससंह परिार, तवधायक भगवानिास सबनानी, ित्तोपंत ठेें गड़ी शोध संस्ान के ननिे शक डॉ. िुकेश कुिार मिश्ा मध्प्रदेश उदू मा अकादमी की ननदेशक डॉ. नुसरत िेहिीप्र शसद्ध अद्भनेिा राजीव विा्ष, वाननकी तवशेर्ज्ञ डॉ. सुिे श वाघिारे और पत्रकार शब्ीर कािरी मध्प्रदेश साद्हत्य अकादमी के ननदेशक डॉ. तवकास िवे

कम्चवीर शिलालेख कवि एिं पूिमा केन्दीय मंत्री डॉ. रिेश पोखररयाल 'ननशंक' लोकसभा के नडप्ी डायरेक्टर तवकास नेिा, दू रदशमान शशमला के एडी प्र काश पंत, पीआईबी के एडी अजय उपाध्ाय, पराग िांडले एिं सिीर विा्ष महापररषद बरैठक विश्वविद्ालय की महापररषद की बैठेक मुख्मंत्री डॉ. मोहन यादि की अध्षििा में हु ई। महापररषद के सदस्य उच्च शशषिा मंत्री इंदर शसं ह परमार, प्र शांि पोल, प्र फुल्ल के िकर, डॉ. बमृजेश कुमार शसं ह, डॉ. खेमशसंह डहेररया, महेश श् ीिास्ति सद्हि अनेक सदस्य उपस्स्ि र्े । इस महत्वपूणमा बैठेक में विश्वविद्ालय को आिुननक युग की आिश्यकिाओं के अनुरूप ढालने के क् लए हर संभि कदम उठेाने के ननणमाय क् लए गए। कुलगुरू विजय मनोहर वििारी ने एक मीनडया लैब और न्यू जरूम की स् ापना की जरूरि बिाई, जहां विद्ार्थी दषि पत्रकारों, संपादकों और एंकरों से व् िहाररक प्र शशषिण प्र ाप्त कर सकें । एआई से जुड़े नए पाठ्यक्रमों की िैयारी के बारे में भी चचामा हु ई। जुलाई 2025

सदी साक्ी हरै भारि में द् पछले 100 िषषों में घटी महत्वपूणमा घटनाओं के फ्ं ट पेज किरेज पर आिाररि प्र दशमानी का शीषमाक है "सदी साषिी है।" मध्प्रदेश और देश भर की अनेक जानी-मानी हस्स्तयों ने इस प्र दशमानी का लगािार अिलोकन नकया है। इसमें जहां भारि के स् ािीनिा संघषमा की झलक द् दखाई दे िी है, िहीं स् ािीन भारि के ननमामाण की उिार-चढ़ाि की यात्रा के भी दशमान होिे हैं। यह मीनडया के विकास की यात्रा का एक दशमानीय दस्तािेज है। मध्प्रदेश उदू मा अकादमी की ननदेशक और मशहूर शायर डॉ. नुसरत िेहिी विश्वविद्ालय के पूिमा प्र ाध्ापक प्र ो. सीके सरिाना िररष्ठ पत्रकार राजेश बािल पहले बैच के विद्ार्थी प्र काश पंत सदी साक्ी रहेगी... िररष्ठ पत्रकार एिं लेखक राशशि नकिवई पद्मश्ी से अलंकमृ ि तवजयित्त श् ीधर और डॉ. सच्चििानंि जोशीप्र शसद्ध शायर आलोक श् ीवास्तव वििानसभा अध्षि (मध्प्रदेश) नरेन्द्र ससं ह तोिर उच्च शशषिा मंत्री (मध्प्रदेश) इं िर ससंह परिारप्र शसद्ध आध्ास्मिक गुरू आचाय्ष धि्षबंधु

अगस्त 2025 सांस्कृततक झलक: स् ािीनिा का द् दन पूरे भारि के क् लए एक विशेष अिसर है। विश्वविद्ालय में राष्ट के स् ाद्भमान पर के खन्दि सांस्मृविक कायमाक्रमों में विद्ार्थी द् हस्ा लेिे रहे हैं। यह िस्ीर 15 अगस्त 2025 को गणेश शंकर विद्ार्थी सभागमृह में हु ई एक ऐसी ही प्रस्तु वि की है।स् ाधीनतोा रदवस ... करैक्टस फ् ावर और फफल्म स्ट ार पटोल बाबूसमृजन श्मृं खला िो नाटक: प्र शसद्ध अद्भनेिा और भोपाल शर्एटसमा के अध्षि राजीि िमामा के सार् विश्वविद्ालय में यह समृजन श्मृं खला की नई शुरूआि र् ी। सबसे पहले मशहूर नाटक "कैक्टस फ् ािर" (ऊपर) का मंचन नकया गया। दूसरी कड़ी में ननदवे शक द् दनेश नायर की प्रस्तु वि द् फल्म स्ट ार पटोल बाबू (नीचे) गुजरे जमाने के एक द् फल्म स्ट ार की मनोरंजक कहानी र् ी। यह सत्यजीि रे की एक प्र शसद्ध कहानी पर आिाररि है, शजसका नाट्य रू पांिरण द् दनेश नायर ने नकया।

20 अगस्त 2025 का द् दन इस क् लहाज से ऐविहाशसक हो गया नक दादा माखनलाल चिुिवेदी की 12 फीट ऊंची और 1100 नकलो िजनी भव् प्र विमा का लोकापमाण हु आ और नए सत्र का शुभारंभ भी। प्रख् ाि कवि डॉ. कुमार विश्वास और विश्वविद्ालय की महापररषद के अध्षि मुख्मंत्री डॉ. मोहन यादि ने जब प्र विमा का अनािरण नकया िो "कममािीर शशलालेख" उनके सामने र् ा। इसमें माखनलाल चिुिवेदी के अखबार को अनूठेे ढंग से बनाया गया है, शजसमें विश्वविद्ालय की 35 िषमा की यात्रा खबरों में झलक रही र् ी। महापौर मालिी राय, मंत्री कमृष् ा गौर, षिेत्रीय वििायक भगिानदास सबनानी और रामेश्वर शमामा, शसरोंज के वििायक उमाकांि शमामा और जनसंपकमा आयुक्त सुदाम खाड़े भी उपस्स्ि र्े । विश्वविद्ालय पररिार के ग्र ीन कैम्पस अद्भयान के पहले चरण की पूणामाहुवि डॉ. कुमार विश्वास, डॉ. मोहन यादि और सुदाम खाड़े के हार्ों लगाए गए पौिों से हु ई। कुल 1111 पौिे रौपे गए। अभ्ुदय 2025 नए सरि का िुभारंभ 63 64

अक्टू बर 2025 लोकतंत्र िें सिन की भूमिका: मध्प्रदेश वििानसभा के स् ीकर नरेन्द शसंह िोमर ने इस विषय पर विद्ाशर् थि यों को संबोशिि करने के पहले 100 साल के 100 अखबारों की खास प्र दशमानी का अिलोकन नकया। िररष्ठ पत्रकार अषिि शमामा भी उपस्स्ि हु ए। फवधानसभा अध्क् की मास्टर क् ास पुरस्ार फवतोरण समारोह 'प्रविभा 2025' के पुरस्ार वििरण समारोह में भोपाल के वििायक भगिानदास सबनानी विशेष अविशर् र्े । इस अिसर पर पत्रकार प्र काश द् हं दुस्तानी भी इंदौर से विद्ाशर् थि यों के बीच आए। 'शसनेब्ेशन 3.0' का आयोजन माचमा 2026 को हु आ। प्र शसद्ध अद्भनेिा राजीि िमामा और मध्प्रदेश नाट्य विद्ालय के ननदेशक संजय श् ीिास्ति, शसनेमा स्ट डी के विद्ाशर् थि यों से रू बरू हु ए आैर अद्भनय के सार् िकनीक की बारीनकयां बिाईं।

रीवा करैम्पस में प् काि फहं दुस्तानी की मास्टर क् ास जाने-माने पत्रकार प्र काश द् हं दुस्तानी रीिा कैम्पस में मास्टर क् ास लेने आए। उन्होंने चालीस साल में पत्रकाररिा में आए बदलािों पर चचामा की। एक अन्य कायमाक्रम में मध्प्रदेश के उप मुख्मंत्री राजेन्द शुक्ा भी कैम्पस पहुंचे। रीिा में विंध् के विद्ाशर् थि यों के क् लए इस कैम्पस की स् ापना के पीछे उन्हीं की कल्पना और प्र यास रहे हैं, शजसका लाभ सैकड़ों विद्ाशर् थि यों काे वमला है। यहां से ननकले विद्ार्थी देशभर के मीनडया संस्ानों में अग्रणी भूवमका में सद्क्रय हैं । कम्चवीर शिलालेख दादा माखनलाल चिुिवेदी की प्र विमा स् ल पर यह शशलालेख देशभर में चशचथिि हु आ है। भूवम पूजन, शशलान्यास और लोकापमाण जैसे अिसरों पर स् ाद्पि होने िाले परंपरागि शशलालेखों के हटकर यह दादा माखनलाल चिुिवेदी के अखबार "कममािीर" का एक आदम कद मुखपमृष्ठ है, शजसमें विश्वविद्ालय के सभी विभागाध्षिों ने खबरें क् लखी हैं । इन खबरों में विश्वविद्ालय की 35 िषमा की यात्रा और उपलस्धियों की जानकारी दी गई है। माखनपुरम में यह एक दशमानीय स् ल बन चुका है। लखनऊ से िररष्ठ पत्रकार ियानंि पांडे दैननक भास्र के िनीर् सिंिर और रौनक केसवानी भोपाल से ररजवान ससद्ीकी और रवीन्द्र जैनस् देश के समूह संपादक अतुल तारे रीिा कैम्पस के प्र ो. जयराि शुक्ा अनबाउंड इंनडया के तवनोि कश्यप पूिमा कुलपविश्द्े य अच्ुतानंि मिश् पद्मश्ी से अलंकमृ ि पयामािरणविद् उिाशंकर पांडे

AI : प्त्ू ष रंजन की मास्टर क् ासनवंबर 2025 पररसर िें आई PTI की टीि : ऑपरेशन शसं दूर के दौरान द् दल्ली में पीटीआई की टीम ने विद्भन्न टीिी चैनलों पर चले लगभग 100 फेक िीनडयो की पहचान की र् ी। फेक कं टेंट मीनडया में एक बड़ी चुनौिी बनकर सामने आया है। इस टीम के चीफ एडीटर प्रत्यू ष रंजन, गौरि लक्लि शमामा और आशीषा शसंह ने पूरे द् दन एआई और डीप फेक पर एक विशेष कायमाशाला में विद्ाशर् थि यों को इस विषय की बारीनकयां बिाईं। डॉ. मनमोहन वरैद्य के साथ युवा संवादप्र शसद्ध लेखक एिं शचं िक डॉ. मनमोहन िैद् की पुस्तक "िी एंड द िर्ल मा अराउंड' का द् हं दी अनुिाद "हम और यह विश्व' छपकर आया। िे एक संिाद सत्र में विद्ाशर् थि यों के बीच आए। उन्होंने एक बड़े कैनिास पर भारि के विचार को सबके सामने रखा और कहा नक मीनडया के विद्ाशर् थि यों का आिश्यक है नक िे भारि के बारे में अशिक से अशिक जानें और यह भी नक औपननिेशशक िाकिों ने भारि को भौविक और िैचाररक रू प से नकस प्र कार सद्दयों िक नुकसान पहुुँचाया। इसके बािजूद भारि विश्व के सामने अपनी िाकि के सार् मौजूद है। विद्ाशर् थि यों ने उनसे भारि के इविहास और संस्मृवि से जुड़े कई प्रश्न नकए। रदसंबर 2025

रदसंबर 2025 35 साल िें पहली बार: देश के 12 शीषमास् काटू मा ननस्ट 5 द् दसंबर 2025 को विश्वविद्ालय में जुटे। 35 साल की यात्रा में यह पहला अिसर र् ा जब काटूमान पर केंद्द्रि एक पूरा द् दन रचनामिकिा से भरा रहा। िे एक टॉक शो में शावमल हु ए, उनकी काटू मा न प्र दशमानी लगी और लाइि केररके शचं ग में काटूमान बनाए। इनमें देिेन्द शमामा, प्र शांि कुलकणथी, इस्ाहल लहरी, गोविंद लाहोटी, अद्भषेक वििारी, चंद्रशेखर हाड़ा, मािि जोशी, त्रं बक शमामा, हररमोहन िाजपेयी शावमल र्े । शेख सुभानी ऑनलाइन जुड़े । यह शो देशभर के मीनडया में काफी चशचथिि रहा। काटू्चन िो युवाओं के प्े रणा स्त ोतो स् ामी फववेकानंदजनवरी 2026 45 फीट ऊंची पेंनटं ग : 12 जनिरी 2026 को युिा द् दिस की िैयाररयों के शसलशसले में िषिशशला और विक्रमशशला भिनों के बीच विशाल प्र ांगण में सामने ही शारदा पीठे की 50 फीट ऊंची दीिार एक खाली केनिास की िरह र् ी। इसपर 45 फीट ऊंची स् ामी वििेकानंद की भव् पेंनटं ग िैयार की गई। युिा द् दिस के अिसर पर रामकमृष् वमशन के प्र मुख स् ामी ननत्यपूणामानंद, मप्र लोकसेिा आयोग के पूिमा अध्षि अशोक कुमार पांडे, िररष्ठ पत्रकार विजयदत् श् ीिर और महेश श् ीिास्ति, डॉ. मुकेश कुमार वमश्ा विारा शचत्र का अनािरण नकया गया। कुलसशचि डॉ. पी शशशकला और डीन डॉ. मनीष माहेश्वरी भी द् दखाई दे रहे हैं। अब यह स् ान जीिंि हो उठेा है और इसे वििेकानंद प्र ांगण कहा जाने लगा है।

पूव्च फवद्यार्थ थि यों से मेल-ममलाप ित्सल श् ीिास्ति, सुिीर दंडोविया, योगेन्द चंदेल और संयुक्ता बनजथी की पहल पर पूिमा विद्ाशर् थि यों का 'मेल-वमलाप' भोपाल में हु आ। इसमें द् दल्ली, मुंबई, पुणे और भोपाल में कायमारि विद्ार्थी बड़ी संख्ा में एकद्त्रि हु ए। उन्होंने मीनडया से जुड़े अपने संघषमा के अनुभि एक दूसरे के सार् साझा नकए। कुलगुरू विजय मनोहर वििारी विश्वविद्ालय के दूसरे बैच के विद्ार्थी हैं । इस बैच के अनेक विद्ार्थी मध्प्रदेश में ही कायमारि हैं । माचमा 2026 में प्र देशभर से इस बेैच के विद्ार्थी पहली बार एकसार् नए पररसर में आए। बाएं से डॉ. राखी वििारी, स्मृ वि जोशी, आलोक द्त्र पाठेी, सुिीर ननगम, अनुराग शमामा, सुशील अग्रिाल, संिोष साहू, अिुल समाशिया, वििेक सक्ेना, आशुिोष के िक्लया, कमलेश गुप्ता, विष्ु दयाल श् ीिास्ति और बमृज राजेश्वर शमामा। सबने रामनार् गोयनका अिाडमा विजेिा अनुराग विारी का सम्ान नकया। आशीष महवषथि की पहल पर नोएडा में पूिमा विद्ाशर् थि यों के सार् कुलगुरू विजय मनोहर वििारी की एक बैठेक आयोशजि हु ई। शजसमें अनेक टीिी चैनलों, नडशजटल और द्प्रं ट माध्म में डटे पूिमा विद्ार्थी इकट्ा हु ए। सबने भोपाल में बड़े स्त र पर एक वमलन समारोह की जरूरि बिाई। बनारस क् लटरेचर फेस्स्टिल के दौरान कुलगुरू विजय मनोहर वििारी ने अमर उजाला, बनारस के न्यू जरूम में पत्रकारों और पूिमा विद्ाशर् थि यों से मुलाकाि की। एनडटर उपवमिा िाजपेयी ने बनारस में आ रहे बदलािों के बारे में जानकारी दी।

जनवरी 2026प्रख् ाि कवि रामायण िर द् वििेदी के सार् सूरज राय सूरज, डॉ. सुरेश शसंह, राजेश शमामा और मासूम गाशजयाबादी बसंि पंचमी के द् दन काव् का पंचाममृि प्र दान करने आए। कला समीषिक विनय उपाध्ाय ने ननराला के शब्द राग पर अपनी बाि कही। विद्ाशर् थि यों ने सीखा नक जो बाि हजार शब्दों के लेख में नहीं कही जा सकिी िही बाि एक कवि दो पंशक्तयों में कैसे कह देिा है, यही शब्द का शशल्प है। काव् का पंर्ाममृतो दो अखबार और रेरडयो ररलांर् रेनडयो कममािीर विश्वविद्ालय का एक कम्ुननटी रे नडयो है। डेढ़ माह के प्र यास से प्र ो. शशिकुमार वििेक और प्र ो. स्मृ वि जोशी ने 50 ऐसे विद्ाशर् थि यों को चुना, शजनकी रेनडयो में रु शच र् ी। गाुँि और शहर पर केंद्द्र ि कई कायमाक्रम िैयार नकए और विश्व रे नडयो द् दिस पर अयोध्ा के प्र शसद्ध आचायमा वमशर्लेशनंद्दनीशरणजी की उपस्स्वि में ररलाुँच नकया गया। विविि भारिी की एक जानी-मानी आिाज कमल शमामा, बीबीसी की शशफाली चिुिवेदी और आरजे अनाद्द ने जनसंचार विभाग के एचओडी डॉ. संजय द् वििेदी की पहल पर हु ई दो द् दन की कायमाशाला में रे नडयो की बारीनकयाुँ बिाईं। नई ‘पहल’ जनसंचार के विद्ाशर् थि यों का अखबार नए कलेिर में ननकला बांग्ादेश की त्र ासदी पर द् दसंबर 2025 में इसकी किर स्ट ोरी र् ी-"एक हसीना, एक िसलीमा।' विभाग के 40 से अशिक विद्ाशर् थि यों ने 8 पेज के इस अखबार के क् लए दस नकिाबें पढ़ीं और देशभर के 15 विशेषज्ञों से बाि की। प्र शसद्ध पद्त्रका ’राष्टिममा’ ने दो पेज में इस प्र योग की प्र शंसापूणमा समीषिा की। यह प्र योग काफी चशचथिि रहा। नया ʼतवकल्पʼ निंबर 2025 में पत्रकाररिा विभाग के होनहार विद्ाशर् थि यों ने भोपाल के पंचर पब्लिक ट् ांसपोटमा शसस्टम के जररए "विकल्प' अखबार को नए शसरे से िैयार नकया। विद्ाशर् थि यों की पीड़ा है नक शहर से एक भी बस सेिा विश्वविद्ालय िक नहीं है। इस किरेज से हलचल हु ई। पब्लिक ट् ांसपोटमा के अशिकारी रोनी सूरि में विश्वविद्ालय आए और बोले, क् ा करें , बस ही नहीं हैं ! हम बेबस हैं!

फफल्म फेस्स्टवल 2026मार््च 2026 शसनेमा स्ट डी विभाग का यह आयोजन विश्वविद्ालय के मुख् आकषमाणों में शावमल हो गया है। 2026 के फेस्स्टिल में देश-विदेश से 30 द् फल्में प्र दशशथिि हुईं । मध्प्रदेश मूल की द् फल्म से जुड़ी अनेक चशचथिि हस्स्तयां फेस्स्टिल में शावमल हुईं । सोनी और ननकोन की टीमें अत्यािुननक कैमरे और लैंस लेकर विद्ाशर् थि यों के बीच दो द् दन िक रहीं। शसनेमा के सभी पहलुओं पर जानने को वमला। 122 फवद्यार्थ थि यों के फहतो में दाे पहल केआर िलकानी ससं धी पत्रकाररता एवं संचार केंद्र की स् ापना माखनलाल चिुिवेदी राष्टीय पत्रकाररिा एिं संचार विश्वविद्ालय एिं राष्टीय शसं िी भाषा विकास पररषद ने संयुक्त रू प से केआर मलकानी शसं िी पत्रकाररिा एिं संचार केंद्र की स् ापना की है। इसके क् लए समझौिा पत्र (एमओयू) पर हस्ताषिर नकए गए। पररषद के ननदेशक डॉ. सुनील कुलकणथी और कुलगुरु विजय मनोहर वििारी ने अनुबंि पर हस्ताषिर नकए। अनुबंि होने से शसं िी युिाओं को शोि के अिसर भी वमलेंगे। इंदौर सांसद शंकर लालिानी, पररषद के ननदेशक डा. सुनील कुलकणथी, पूिमा ननदेशक डा. रविप्रकाश टेकचंदानी, मप्र मानि अशिकार आयोग के पूिमा अध्षि मनोहर ममिानी, अशोक मनिानी एिं पत्रकारद् दलीप मंगिानी ने भी संबोशिि नकया। संचालन दीद्पका सक्ेना ने नकया। डॉ. जया सुरजानी, राजेंद्र मनिानी, नरेश िलरेजा एिं राम आसूदानी उपस्स्ि र्े । हैप्ीनेस के शलए कैम्पस िें रेखी सेंटर की स् ापना रेखी सेंटर ऑफ एक्क्लेंस फॉर द साइंस ऑफ हैप्ीनेस के ओररएंटेशन और एम्पॉिरमेंट कायमाक्रम में विशेषज्ञ डॉ. ऋिु पांडे शमामा ने कहा नक मीनडया, संचार और आनंद विज्ञान के जोड़ से सामाशजक बदलाि संभि है। प्र ोफेसर ऑफ प्रैस्क्ट स डॉ. श् ीहरर कमृष् ा ने विद्ाशर् थि यों के क् लए इस कोसमा की उपयोवगिा बिाई। संचार शोि विभाग के एचओडी सीपी अग्रिाल ने इस पहल का समन्वय नकया। 1 2

करैम्प स में अततोर्थयों का सतोतो् आगमन पद्मश्ी से अलंकमृ ि डॉ. कद्पल वििारी, शब्दिेत्ा अशजि िडनेरकर, डॉ. मुकेश कुमार वमश्ा और सुदेश िाघमारे जाने-माने लेखक और अमर उजाला के एनडटोररयल एडिाइजर यशिंि व् ास नालंदा लाइब्ेरी के संदभमा कषि में दुलमाभ अखबारों का अिलोकन करिे हु ए डॉ. जिाहर कनामािट और अनुराग दु बे विविि भारिी के प्र शसद्ध उदघोषक कमल शमामा, पत्रकार-लेखक अनंि विजय अपने ही आंगन में श्द्े य अच्ुतोानंद ममश्अप्रैल 2026 माखनलाल चिुिवेदी स्मृ वि व् ाख्ान 2026 में विश्वविद्ालय के आखखरी महाननदेशक और पहले कुलपवि देश के जाने-माने पत्रकार श्द्धे य अच्ुिानंद वमश् आए। अध्षििा सेिाननिमृत् आईएएस अशिकारी और लेखक मनोज श् ीिास्ति ने की। विद्ाशर् थि यों की आिागमन सुवििा के क् लए एमपी ऑनलाइन की ओर से उपलधि एक बैटरी िाहन का शुभारंभ भी अविशर्यों ने नकया। माखनलाल चिुिवेदी के युग की पत्रकाररिा के बारे में श्द्धे य अच्ुिानंद वमश् को सुनना नकसी परीलोक की कहानी जैसा अनुभि र् ा।

अनुभव शसन्ा और अर्जतो राय का आगमन मप्र लोक सेिा आयोग के पूिमा अध्षि अशोक कुमार पांडे ने अभ्ुदय के समापन पर संघषमा से प्र ाप्त सफलिा के मंत्र विद्ाशर् थि यों को द् दए। अपनी चशचथिि द् फल्म 'अस्ी' की ररलीज के पहले प्र शसद्ध द् फल्म ननदवे शक अनुभि शसन्हा एक द् दन एमसीयू पररसर में आए और कुलगुरू विजय मनोहर वििारी से इस द् फल्म के बारे में लंबी चचामा की।प्रख् ाि द् फल्म समीषिक एिं लेखक अशजि राय एमसीयू पररसर की एक िकमा शॉप में शावमल हु ए और शसनेमा में लेखन की असीवमि संभािनाओं के बारे में विद्ाशर् थि यों का मागमादशमान नकया। लखनऊ से आए िररष्ठ पत्रकार दयानंद पांडे ने पत्रकाररिा के विद्ाशर् थि यों को अटल वबहारी िाजपेयी से जुड़े कई रोचक नकस्े सुनाए। बाबा साहब अंबेडकर की जयंिी पर आयोशजि व् ाख्ान में मप्र लोक सेिा आयोग के पूिमा सदस्य डॉ. प्र काश बरिूननया देश के शीर््षस्थ 12 कार््ट्ष निस्टटों िे इस प्र काशि मेें अपिी उल्ेखिीय हिस्ेदारी की िै । इसके अलावा स् ाधीिता के बाद भारतीय समेाचार पत्रटों मेें अपिा मे ित्वप्टर््ष याेगदाि दे िे वालेप्र ससद्ध कार््ट्ष निस्टटों के योगदाि को भी शानमेल ककया गया िै । ठीक इसी समेय ईराि-इजरायल युद्ध पर हवश्वभर मेें बिाए जा रिे कार््ट्ष िटों पर भी एक हवशेर् अध्ाय िै । यह पुस्तक आप िीघ्र ही अमेजन और फ्फ् पकाट्च से भी प् ाप्त कर पाएंगे (विज्ञापन विभाग विारा जारी) माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्ीय पत्रकाररता एर्ं संचार वर्श्ववर्द्ालय के प्र काशन उपक्रम 'एमसीयू पब््ललिके शन' द् ारा भारतीय पत्रकाररता के गौरर्शाली 200 वर््ष के प्र संग पर कार््टटू न वर्धा पर केवद्रितब् वशेर् पुस््त क

'प्ततोभा' में प् वाफहतो एमसीयू के िावषथिक आयोजन 'प्रविभा-2026' के िावषथिक आयोजन की ये झलक विश्वविद्ालय की सांस्मृविक ऊजामा को दशामािी है। विद्ाशर् थि यों ने बढ़-चढ़कर मंच पर अपनी प्र विभा का शानदार प्र दशमान नकया। हर प्रस्तु वि उत्साह, जोश और समृजनशीलिा से भरी नजर आई। सदी साक्ी हरै विद्दशा शजले के सीएम राइज स्ू ल के पांच सौ से अशिक विद्ार्थी एमसीयू पररसर में आए और फ्ं ट पेज गैलरी का अिलोकन नकया। डॉ. मनीषा िमामा ने उन्हें अखबारों के जररए भारि का इविहास बिाया। जाने-माने लेखक और सीहोर क् लटरेचर फेस्स्टिल के सूत्रिार पंकज सुबीर भारि के पहले द् हं दी अखबार 'उदन्त मािमाण्ड' को देखकर ठठेठेक गए। लोकद्प्रय कवि शशशकांि यादि भी उनके सार् र्े । विविि भारिी की लोकद्प्रय आिाज कमल शमामा और मध्प्रदेश के सांस्मृविक मंचों का जाना पहचाना स् र विनय उपाध्ाय एक सार् एमसीयू पररसर में। जनसंचार विभाग की होनहार छात्रा िविषी देिरानी ने शचत्रकूट में हु ए एनएसएस के शशविर में एमसीयू का शानदार प्र विननशित्व नकया। उनका समूह सेिा कायषों में अग्रणी है। एचओडी डॉ. संजय द् वििेदी और एनएसएस प्र भारी गजेन्द अिास्या ने उन्हें बिाई दी।

ओंकारेश्वर में 'एकात्म पव्च' की आउटडोर कवरेज आद्द शंकराचायमा की जयंिी के उपलक्ष्य में ओंकारेश्वर में पांच द् दिसीय एकामि पिमा का आयोजन हु आ। इस प्र संग पर एमसीयू के 15 विद्ाशर् थि यों का दल भी शावमल हु अा। इन्होंने अपने प्र ायोवगक अखबार 'विकल्प' का ननयवमि प्र काशन नकया। आयोजन स् ल पर एक न्यू जरूम के रू प में लाइि किरेज का यह अभ्ास देशभर से आए विषय विशेषज्ञों, अविैि िेदांि के आचायामाें और 500 शंकर दूिों के बीच काफी सराहा गया। कुलगुरू विजय मनोहर वििारी इन विद्ाशर् थि यों के सार् आउटडाेर ररपोनटिंग में सहभागी बने। उनकी विशेष ररपोटमा प्र विवष्ठि पद्त्रका 'पांचजन्य' में छपी। 'विकल्प' का प्र काशन िो करना ही र् ा लेनकन उससे अशिक महत्वपूणमा मीनडया के विद्ाशर् थि यों का भारि की सांस्मृविक जड़ों से जुड़ना भी है। यह एविहाशसक प्र संग आचायमा शंकर की ज्ञ ानभूवम ओंकारेश्वर में हु आ, जो भगिान शशि के 12 पवित्र ज्य ोविथिक्लं गों में से एक नममादा के सुरम् िट पर है। अनेक विद्ार्थी इस आउटडाेर अभ्ास में पहली बार न के िल ओंकारेश्वर आए बस्कि अविैि िेदांि के महान आचायषों को डू बकर सुना भी।

शसनेमा उद्योग की नजर में अपना करैम्प स अप्रैल 2026 Vertical OTT platform Kuku TV के micro-drama " टशन िाला टीचर " की शूनटंग संपन्न हु ई। पूरे डेढ़ घंटे का ड् ामा पररसर में ही शूट हु आ चशचथिि टीिी स्ट ार हषमाद अरोरा खास आकषमाण र्े । विश्वविद्ालय के बहुि से विद्ार्थी क्रू में शावमल र्े । शसनेमा स्ट डी के एचओडी डॉ पवित्र श् ीिास्ति द् फल्म संबंिी गविविशियों पर फोकस हैं । रंगारंग प्स्तु ततो मई 2026

मध्प्रदेश के सहकाररिा, खेल एिं युिा कल्ाण मंत्री विश्वास सारंग विश्वविद्ालय के िावषथिक उत्सि ‘प्रविभा-2026’ के पुरस्ार वििरण समारोह में शावमल हु ए। उन्होंने प्र विभाशाली विद्ाशर् थि यों को सम्ाननि नकया। अंग्रे जी पत्रकाररिा के विद्ार्थी मयंक आनंद ने अपनी टीम के सार् खेल गविविशियों पर िैयार पुस्तक की पांडुक् लद्प का अिलोकन कराया। मंत्रीजी ने विश्वविद्ालय पररसर में खेल गविविशियों के क् लए एक ररक्त स् ान के विकास का भी शजम्ा क् लया। विद्ाशर् थि यों और कममाचाररयों ने इसके क् लए उनका आभार माना। इस अिसर पर रंगारंग कायमाक्रम में अनेक विद्ाशर् थि यों ने कला का प्र दशमान नकया। सूत्रिार र्े वििेक सािरीकर। पररसर में श् ी विश्वास सारंग का स् ागि द् हं दी के पहले समाचार पत्र उदंि मात्माण्ड का फ्े म भेंट कर नकया गया।प् ततोभा के पुरस्ार मई 2026

शसनेमा अध्यन ि विज्ञापन एिं जनसंपकमा विभाग के विद्ाशर् थि यों ने 'अनोखा िरदान' नाटक का आकषमाक मंचन नकया। पररसर के मुक्ताकाश मंच पर "ननिामाण नाट्य समूह' की यह प्रस्तु वि इस सुनहरे सत्र की आयोजन श्ं खला की अं विम क् झलवमलािी कड़ी र् ी, शजसे सभी ने सराहा। मुख् अविशर् भारि भिन के मुख् प्र शासननक अशिकारी प्रे मशंकर शुक्ा ने विद्ाशर् थि यों के बेहिर ननदवेशन, कर्ा चयन और अद्भनय के क् लए शुभकामनाएं दी। डॉ. पवित्र श् ीिास्ति ने बिाया नक यह अभ्ास विद्ाशर् थि यों के पाठ्यक्रम का द् हस्ा है। विद्ार्थी यहाुँ द् फल्म के अविररक्त हर िरह की कला और माध्मों के बारे में पढ़िे हैं । अभ्ास के िौर पर उस कलामिक वििा को अपनािे भी हैं। कंजूस सेठ और र् तोुर सेठानी का 'अनोखा वरदान'मई 2026

प्णाम! उदं तो मार्त्चण्ड 30 िई 1826 को भारत का पहला महं िी सिाचार पत्र कलकत्ता से ननकला था-"उिं त िात्त्षण्ड।' यह ऐसा अखबार था सजसने भतवष्य के भारत के िीनडया को जैसे एक िूलिंत्र िे मिया था। पहले ही अंक िें पहले पेज पर पहले ही वाक्य िें छपे वे पाँच शब्द थे-"महं िुस्ताननयों के महत के हेत।' पत्रकाररता के 200 साल के इस ऐततहाससक प्र संग पर भोपाल के भारत भवन िें 8, 9, 10 िई को तीन मिन िे श के 60 से अतधक संपािक, पत्रकार, लेखक, एंकर और काटू्ष ननस्ट एकजुट हु ए। 8-9-10 िई, 2026, भारत भवन, भोपाल

भव् िुभारंभप्र णाम उदं ि मात्माण्ड का शुभारंभ अयोध्ा से आए आचायमा वमशर्लेशनंद्दनीशरण, जाने-माने पत्रकार उदय माहुरकर और पुडुचेरर विश्वविद्ालय के डॉ. सी. जयशंकरबाबु के आविथ्य में हु आ। िीर भारि न्य ास के न्य ासी सशचि श् ीराम वििारी और दत्ोपंि ठेें गड़ी शोि संस्ान के ननदेशक डॉ. मुकेश कुमार वमश्ा भी मंच पर र्े । सूत्रिार र्े विनय उपाध्ाय। आचाय्ष मिसथलेशनंमिनीशरण अयोध्ा से 8 मई 2026

शुभारंभ सत्र में विश्वविद्ालय विारा प्र काशशि पुस्तक 'माखन के लाल' का लोकापमाण करिे हु ए अविशर्। इसी सत्र में काटू मा न कर्ा और पहल के विशेषांक का भी लोकापमाण नकया गया। विश्वविद्ालय के प्र विभाशाली विद्ाशर् थि यों के सम्ान में प्र काशशि विशेष समाचार पत्र िीनों द् दन चचामा का विषय रहा। इस सत्र के सूत्रिार र्े विनय उपाध्ाय। इस समारोह में विद्ार्थी के िल सामान्य श् ोिा की िरह शावमल नहीं र्े , िे नकसी न नकसी अभ्ास में लगे र्े । कोई सत्र की ररपोनटिंग में लगा र् ा िो कोई अविशर्यों के इंटरव्ू कर रहा र् ा। उन्हें शाम िक एक अखबार भी बनाना र् ा, िीनडयो बुलेनटन बनाने र्े , पॉडकास्ट करने र्े और कोई नडशजटल कं टेंट की प् ाननं ग कर रहा र् ा। माखन के लाल

रडर्जटल समय में टीवी परिकाररतोा पहला सरि मध्प्रदेश में टीिी पत्रकाररिा के जाने-माने चेहरे डॉ. बमृजेश राजपूि, प्र िीण दु बे, सुिीर दीक्षिि, अनुराग विारी, दीद्प्त चौरशसया के सार् बीबीसी से जुड़े रहे पत्रकार सलमान रािी इस पैनल चचामा में शावमल हु ए। संयुक्ता बनजथी इस सत्र की सूत्रिार र्ीं ।प्र िीण दु बे, IBC 24 अनुराग विारी, NDTV दीद्प्त चौरशसया, NDTV सुिीर दीक्षिि, न्यू ज 18 डाॅ.. बमृजेश राजपूि, विस्तार न्यू ज सलमान रािी, बीबीसी के पूिमा पत्रकार

भारि भिन के अंिरंग सभागमृह में िीनों द् दन कुलगुरू विजय मनोेहर वििारी विश्वविद्ालय के विद्ाशर् थि यों के बीच नीचे ही बैठेे और सामान्य विद्ाशर् थि यों की िरह प्रश्न पूछे। इस पैनल चचामा में उन्होंने सभी िररष्ठ पत्रकारों से पूछा नक अगर उन्हें द् फर से कररयर शुरू करने का अिसर वमले िो िे द्प्रं ट, टीिी, नडशजटल और अध्ापन में से नकस द् दशा में जाना चाहें गे। केिल सलमान सलमान रािी ने अध्ापन में रु शच द् दखाई, बाकी सब पत्रकाररिा में ही डटकर काम करने के हामी नजर आए। विज्ञापन एजेंसी 'मध्ा' के एमडी सुशील अग्रिाल भी सत्र में उपस्स्ि र्े । विश्वविद्ालय के प्र ाध्ापक भी विद्ाशर् थि यों के बीच बैठेे द् दखाई दे रहे हैं। कुलगुरू का सवाल

उत्र्तष्ठ भारतो पहले द् दन का विशेष सत्र 'उतत्तष्ठ भारत' र् ा, शजसमें आचायमाश्ी वमशर्लेशनंद्दनीशरण का विद्ाशर् थि यों के सार् एक सीिा संिाद हु आ। सेिाज्ञ संस्ानम् िाराणसी की यह प्रस्तु वि देश के अनेक विश्वविद्ालयों के हजारों युिाओं के बीच हो चुकी है। इस सत्र में दैननक जागरण समूह के कायमाकारी संपादक विष्ु प्र काश द्त्र पाठेी और स् देश ज्य ोवि के प्र िान संपादक राजेन्द शमामा भी अविशर् के रू प में उपस्स्ि र्े । इस सत्र की सूत्रिार शशफाली पांडे र्ीं । शाम िक िैयार होने िाले अखबार के क् लए अविशर्यों से साषिात्ार करिे हु ए विद्ार्थी। दूसरा सरि

काटू्चन काय्चिालासम्ार्नतो काटू्चर् नस्ट आचायमा वमशर्लेशनंद्दनीशरण ने देश भर से आए काटू ननस्टों को पुस्तक "काटू मा न कर्ा" भेंट कर सम्ाननि नकया। लखनऊ से आए हररमोहन िाजपेयी, हैदराबाद के सुभानी शेख, द् दल्ली से आए मािि जोशी, रायपुर के त्रम्ब क शमामा और जयपुर से चंद्रशेखर हाडा और अद्भषेक वििारी, भोपाल के हररओम वििारी और शशरीष श् ीिास्ति के सार् इंदौर के देिेंद्र शमामा सम्ाननि हु ए। सभी काटूमाननस्ट भारि भिन पररसर में आयोशजि कायमाशाला में शावमल हु ए। देश भर के ख् ािनाम काटू मा ननस्ट भारि भिन में शजन काटू मा नों को रचने में लगे, िह उदंि मात्माण्ड अखबार के ही मूलमंत्र पर आिाररि र्े -द्हं दुस्ताननयों के द् हि के हेि। अर्ामाि् भारि के द् हि में हम क् ा कर सकिे हैं , क् ा होना चाद्हए, एक नागररक के रू प में हमारी भूवमका क् ा हो सकिी है। इसी मूल विषय पर िे विद्ाशर् थि यों से रू बरू भी हु ए।

भारि भिन की लाइब्ेरी में एक विशेष न्यू जरूम बनाया गया, शजसमें 40 से अशिक विद्ाशर् थि यों ने आठे पेज का अखबार बनाया। िीनडयो बुलेनटन िैयार नकए और 'नडशजटल विकल्प' का एकदम नया प्र योग भी नकया। 60 से अशिक पॉडकास्ट नकए गए। अं िरंग सभागमृह में बैठेे विद्ार्थी के िल श् ोिा नहीं र्े । िे ररपोनटिं ग कर रहे र्े , िे कॉपी क् लख रहे र्े , िे संपादन कर रहे र्े , िे इंटरव्ू ले रहे र्े । द्प्रं ट, टीिी, रेनडयो, नडशजटल जैसे हर माध्म के क् लए ये िीन उन्होंने भारि भिन को मीनडया की एक प्र योगशाला में बदल द् दया। देश भर से आई आठे भाषाओं की मीनडया विभूवियाुँ विश्वविद्ालय का ऐसा रंग-ढंग देखकर चनकि हु ए वबना नहीं रहीं… अंिरंग सभागमृह के बाहर भारि भिन के मध् में दीिारों पर 200 साल के अखबारों की विशेष प्र दशमानी सबके आकषमाण का केन्द बनी। इसका नडजाइन राहुल रस्तोगी और उनकी टीम ने िैयार नकया। पूरे भारि भिन के पररसर को उन्होंने एक सप्ताह की सघन िैयाररयों से सजाया। इस प्र दशमानी में भारि में समाचार-पत्रों की उिार-चढ़ाि से भरी विकास यात्रा के दशमान हु ए। विद्ाशर् थि यों के क् लए यह प्र दशमानी एक अनूठेी कषिा जैसी र् ी शजसमें हर पेज एक व् ाख्ान की िरह र् ा। भारतो भवन में पहली बार बना न्ू जरूम फविेष प् दि्चनी : फहं दी परिकाररतोा के 200 साल

वंदेमातोरम पहले द् दन की शाम। यह िंदे मािरम् पर केखन्दि एक विशेष प्रस्तुु वि र् ी। पहले द् दन का संगीिमय समापन। िंदे मािरम् के भी 150 साल हु ए है। प्र शसद्ध कलाकमथी उमेश िरकसिार के दल विारा देर शाम िंदे मािरम् पर हु ए िमृंदगान ने सबका मन मोह क् लया। भारि की अनेक भाषाओं में यह रचना विद्ाशर् थि यों ने पहली बार सुनी…

वरैर्ाररक अधधष्ठान 9 मई 2026 दूसरे द् दन का पहला सत्र। विषय- भारिीय पत्रकाररिा का िैचाररक अशिष्ठान। अविशर् िक्ता- विष्ु प्र काश द्त्र पाठेी, प्र ो. सोमा बंदोपाध्ाय, प्र फुल्ल के िकर, सी जयशंकर बाबु आैर प्र ो. कमृ पाशंकर चौबे र्े । सत्र के सूत्रिार र्े डॉ. मुकेश कुमार वमश्ा।श् ी हररवंश उपसभापतत, राज्यसभा

भूमंडलीकरण के बाद विषय- भूमंडलीकरण के बाद का भारत और मीटडया। अविशर् िक्ता- नडशजटल मीनडया के जाने-माने चेहरे अवमिाभ अवनिहोत्री, एनडीटीिी की एंकर नगमा सहर, उत्र-पूिमा में बीबीसी के सीननयर जनमाक्लस्ट द् दलीप शमामा और विश्वविद्ालय की महापररषद के सदस्य डॉ. बमृजेश कुमार शसं ह। सूत्रिार र्े दू रदशमान भोपाल के एंकर आद्दत्य श् ीिास्ति। दूसरे रदन का दूसरा सरि

नए भारतो का र् नमा्चण विषय- नए भारत का टनमामाण और हम भारत के लोग। मुख् िक्ता र्े राज्यसभा के उपसभापवि और प्र शसद्ध पत्रकार हररिंश। अविशर् िक्ता-पीटीआई के चीफ एनडटर नडशजटल प्रत्यू ष रंजन, अमर उजाला के समूह संपादक उदय कुमार, आज िक के एंकर और विश्वविद्ालय की महापररषद के सदस्य सईद अंसारी, लोकमि के संपादक विकास वमश्। सूत्रिार र्े -प्रो. वगरीश उपाध्ाय। दूसरे रदन का पाँर्वा सरि

कथक की प्स्तु ततोद् दल्ली से आईं अनसूया मजूमदार और सुरश्ी भट् टाचायमा ने कर्क की प्रस्तु वि दी। यह दू सरे द् दन की सांस्मृविक संध्ा र् ी, जब द् दन भर चले विमशमा के सत्रों के बाद विद्ाशर् थि यों और अविशर् िक्ताओं के सार् भोपाल के कलारशसकों ने अं िरंग सभागार में दोनों सुप्रशसद्ध नमृत्यांगनाओं की मनोहारी प्रस्तु वि का आनंद क् लया।

भारतोीय भाषाओं का राष्टीय स् र 10 मई 2026 िीसरे द् दन का पहला सत्र। अविशर् िक्ता- िरुण भारि के संपादक शैलेष पांडे, टीिी चैनलों के विमशमा में जाने-माने चेहरे हषमाििमान द्त्र पाठेी, महामिा गाुँिी अं िरराष्टीय द् हं दी विश्वविद्ालय में एचओडी डॉ. कमृ पाशंकर चौबे और िररष्ठ पत्रकार जयंिी रंगनार्न। सूत्रिार र्े - विश्वविद्ालय की बोडमा ऑफ स्ट डी के सम्ाननि सदस्य अननल पाण्डे य। डॉ. चंद्रप्रकाश मविवेिी ननिदेशक-अमभनेता

तोीसरे रदन का दूसरा सरि आत्मावलोकन और संकल्प िीसरे द् दन के दूसरे सत्र के िक्ता र्े -प्रशसद्ध लेखक एिं पत्रकार राशशद नकदिई, इंनडयन मास्टर माइंड के एनडटर शरद गुप्ता, न्यू ज-18 के लोकद्प्रय "भैयाजी'प्र िीक द्त्र िेदी, जी-मीनडया नडशजटल के ग्रु प एनडटर एिं व्ंग्य कार अनुज खरे और इंनडया फॉर शचल्डड्न के डायरेक्टर िररष्ठ पत्रकार अननल पाण्डे य। सूत्रिार र्े इंदौर क् लटरेचर फेस्स्टिल के संस्ापक प्र िीण शमामा।

तोीसरे रदन का तोीसरा सरि भारतो स् ाशभमान िीनों द् दन भारि केंद्द्र ि विषय पर एक विशेष सत्र की श्मृं खला में िीसरे द् दन के िीसरे सत्र का विषय र् ा-भारि स् ाद्भमान। प्रख् ाि ननदवे शक-अद्भनेिा डॉ. चंद्रप्रकाश द् वििेदी मुख् िक्ता र्े । उनके सार् पाुँचजन्य के संपादक द् हिेश शंकर विशेष िक्ता र्े । बंसल न्यू ज के एनडटर और िररष्ठ पत्रकार शरद द् वििेदी सूत्रिार र्े । भारि भिन में लगी शस्त्ों की प्र दशमानी के सूत्रिार राकेश दत्ात्रेय िािड़े की पुस्तक शशिकालीन अस्त्-शस्त्ों की संदद्भथि का का विमोचन नकया गया। एनबीटी के पत्रकार सूयमाकांि पाठेक ने डॉ. द् वििेदी का स् ागि नकया। द् दल्ली से आए पूिमा विद्ार्थी एिं पीटीआई के पत्रकार गौरि लक्लि शमामा को सम्ाननि नकया गया।

कुछ खास नकिाबों के लोकापमाण हु ए। पहली देश के 12 काटूमाननस्टों के सहयोग से िैयार कॉफी टेबल बुक "काटूमान कर्ा' और दू सरी "माखन के लाल', शजसमें विश्वविद्ालय से 35 िषषों में ननकले और देश-दुननया में कायमारि् 50 से अशिक विद्ाशर् थि यों के अनुभि छपकर आए। अंग्रेजी पत्रकाररिा के विद्ाशर् थि यों विारा िैयार "अभ्ुदय' का लोकापमाण भी नकया गया, जो सत्रारंभ पर आिाररि दस्तािेज है। िीर भारि न्य ास की ओर से डॉ. फक्णकांि वमश्ा की पुस्तक "खजुराहो' का भी लोकापमाण हु आ। दो अखबार भी विद्ाशर् थि यों ने िैयार नकए, शजनका लोकापमाण हु आ। जनसंचार विभाग के विद्ाशर् थि यों ने अपने प्र ायोवगक पत्र पहल को इरान-इजरायल- अमेररका युद्ध को समद्पथिि नकया। आठे पेज के इस अखबार की किर स्ट ोरी का शीषमाक है-"यह िरिी हमने नहीं बनाई, इसे वमटाने का हक भी हमारा नहीं है…' -"प्रणाम उदं ि मात्माण्ड' शीषमाक से दूसरा अखबार प्र विभाशाली विद्ाशर् थि यों के सम्ान में िीसी ऑद्फस की एनडटोररयल टीम ने िैयार नकया। इसमें पूरे साल उल्लेखनीय प्र दशमान करने िाले सभी विभागों के प्र विभािान विद्ाशर् थि यों के समाचार छपे, शजसके शानदार किर पर एमसीयू को एक सौरमंडल की भांवि शचद्त्रि नकया गया, शजसके चमकदार ग्र हों में इन विद्ाशर् थि यों की िस्ीरें प्र काशशि की गईं। रकतोाबों और अखबार के लोकाप्चणहर तरफ के हथियारों और इंफ्ास्टट्रक््चर की तबाही की कीमत ₹3,47,000,00,00,000*(शब्ददों मेें : तीन लाख सैैं तालीसै हजार करोड़) * एक्सपर््ट््स का आकलन भारत के अग्रणी मीडिया डिश्िडिद्ालय के हम डिद्ार्थी अपने पत्रकारीय कररअर की दहलीज पर खड़े धरती के कोने-कोने से आ रही लहूलुहान सुडखखियाँ देख रहे हैं। एक ही सिाल हम सबके मन में हैं- "करोड़ों सालों में जीिन के डिकास के डलए डजस धरती ने स् ियं को तैयार डकया, उसके सार् हम यह क् या दुर्यखििहार कर रहे हैं?’ ek[kuyky prqosZnh jk"Vªh; i=dkfjrk ,oa lapkj fo'ofo|ky; Hkksiky] e/;izns'k युद्ध विशेषांक आहट बदलाि की... 8 मई 2026, शुक्रवार जनसंचार ववभाग के ववद्ार््थ थि योों का प् ायोोर्गक पत्र | हिं दी पत्रकाररता के गौरवशाली 200 वर््ष ईरान, इजरायल और अमेररकी युद्ध को 2 माह 9 दिन 23 घंटे हो गए। अरबोों डॉलर की दमसाइलें और हदियार एक-िूसरे को मारने में खाक हो चुके हैं। संपदति के नुकसान के आदिथिक आँकड़े भी रु ला िेने वाले हैं। मारे गए लोगों का कोई दहसाबो नहीं है। यह ताकत, लालच और दजि की अंधी और अंतहीन लड़ाई है, दजसमें िूध का धुला कोई नहीं... यह धरती हमने नहीं बनाई इसे ममटाने का हक भी हमारा नहीं… आहट बदलाव की... 16 दिसंबर 2025 ek[kuyky prqosZnh jk"Vªh; i=dkfjrk ,oa lapkj fo'ofo|ky; Hkksiky] e/;izns'k ववशेषांक बांग्ादेश ववजय ददवस विश्वविद्यालय के जनसंचयार विभयाग के विद्यार््थ थि यों कया प् यायोर्गक पत्र शांतनु सिंह (2MAMC ) शांतनु सिंह (2MAMC ) शांतनु सिंह (2MAMC ) शांतनु सिंह (2MAMC ) शांतनु सिंह (2MAMC ) शांतनु सिंह (2MAMC ) शांतनु सिंह (2MAMC ) शांतनु सिंह (2MAMC ) शांतनु सिंह (2MAMC ) शांतनु सिंह (2MAMC ) शांतनु सिंह (2MAMC ) शांतनु सिंह (2MAMC ) हमारा सौरमंडल अखंड बंगाल मेें जन्मी ‘वंदे मे ातरमे’ की एक मे हान कृतत, रचयिता तिलमीमेा नािररन लज्ा | अखंड बंगाल मेें जन्मी ‘वंदे मे ातरमे’ की एक मे हान कृतत, रचयिता तिलमीमेा नािररन अखंड बंगाल मेें जन्मी ‘हर तरफ के हथियारों और इंफ्ास्टट्रक््चर की तबाही की कीमत ₹3,47,000,00,00,000*(शब्ददों मेें : तीन लाख सैैं तालीसै हजार करोड़) * एक्सपर््ट््स का आकलन भारत के अग्रणी मीडिया डिश्िडिद्ालय के हम डिद्ार्थी अपने पत्रकारीय कररअर की दहलीज पर खड़े धरती के कोने-कोने से आ रही लहूलुहान सुडखखियाँ देख रहे हैं। एक ही सिाल हम सबके मन में हैं- "करोड़ों सालों में जीिन के डिकास के डलए डजस धरती ने स् ियं को तैयार डकया, उसके सार् हम यह क् या दुर्यखििहार कर रहे हैं?’ ek[kuyky prqosZnh jk"Vªh; i=dkfjrk ,oa lapkj fo'ofo|ky; Hkksiky] e/;izns'k युद्ध विशेषांक आहट बदलाि की... 8 मई 2026, शुक्रवार जनसंचार ववभाग के ववद्ार््थ थि योों का प् ायोोर्गक पत्र | हिं दी पत्रकाररता के गौरवशाली 200 वर््ष ईरान, इजरायल और अमेररकी युद्ध को 2 माह 9 दिन 23 घंटे हो गए। अरबोों डॉलर की दमसाइलें और हदियार एक-िूसरे को मारने में खाक हो चुके हैं। संपदति के नुकसान के आदिथिक आँकड़े भी रु ला िेने वाले हैं। मारे गए लोगों का कोई दहसाबो नहीं है। यह ताकत, लालच और दजि की अंधी और अंतहीन लड़ाई है, दजसमें िूध का धुला कोई नहीं... यह धरती हमने नहीं बनाई इसे ममटाने का हक भी हमारा नहीं… विश्वविद्ालय की महापररषद के अध्षि डॉ. मोहन यादि को द् हं दी के पहले अखबार उदंि मात्माण्ड की प्र वि भेंट करिे हु ए कुलगुरु विजय मनोहर वििारी।

तोीसरे रदन का र् ौथा सरि भारतोीय परिकाररतोा के स् शण थि म पमृष्ठ िीसरे द् दन अं विम सत्र के पहले भारिीय पत्रकाररिा के स्क् णथि म पमृष्ठ पलटे गए। इस सत्र में माििराि सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय के संस्ापक विजयदत् श् ीिर, महामिा गाुँिी अंिरराष्टीय द् हं दी विश्वविद्ालय में एचओडी एिं लेखक डॉ. कमृ पाशंकर चौबे, विश्व में द् हं दी पत्रकाररिा के प्र शसद्ध अध्ेिा डॉ. जिाहर कनामािट, िररष्ठ पत्रकार जयराम शुक्ा और सोशल मीनडया पर लोकद्प्रय पत्रकार प्र काश द् हं दुस्तानी विशेष िक्ता र्े । प्र ो. शशिकुमार वििेक सूत्रिार र्े ।

दो सौ साल के अखबार

तोीसरे रदन का समापन सरि प् णाम उदं तो मार्त्चण्ड भारि भिन में यह सत्रों की श्मृं खला का समापन चरण र् ा। मंच पर माखनलाल चिुिवेदी राष्टीय पत्रकाररिा एिं संचार विश्वविद्ालय के कुलगुरु विजय मनोहर वििारी, िीर भारि न्य ास के न्य ासी सशचि श् ीराम वििारी, भारि भिन के प्र शासननक अशिकारी प्रे मशंकर शुक्ा, दत्ोपंि ठेें गड़ी शोि संस्ान के ननदेशक डॉ. मुकेश कुमार वमश् और कुलसशचि डॉ. पी. शशशकला उपस्स्ि र्ीं । इस आयोजन की योजना और िैयाररयों पर बाि हु ई। विश्वविद्ालय के विद्ाशर् थि यों ने िीनों द् दन भारि भिन में 60 से अशिक विशेषज्ञ िक्ताओं के पॉडकास्ट नकए। एक न्यू जरूम में हर द् दन आठे पेज का अखबार बनाया। िीनडयो बुलेनटन के अलािा नडशजटल विकल्प की शानदार िैयारी की। इस प्र कार यह आयोजन एक जीिंि प्र योगशाला बन गया। इन प्र योगों से जुड़े विद्ाशर् थि यों ने मंच पर आकर अपने अनुभि सुनाए। डॉ. संजय द् वििेदी सूत्रिार र्े । आभार डॉ. पी. शशशकला ने माना।

र्नगु्चण गायन भारि भिन में पहली बार हु ए मीनडया के इस महाकुंभ का समापन अंविम सांस्मृविक संध्ा में भुिनेश कोमकली के ननगुमाण गायन से हु आ। भोपाल के अनेक गणमान्य श् ोिा भी इस संध्ा में उपस्स्ि हु ए। भुिनेश कोमकली प्रख् ाि शास्त्ीय गायक कुमार गंििमा की परंपरा के हैं, शजन्हें सुनना एक अलग लोक की सैर के अनुभि जैसा र् ा। अनेक विद्ार्थी ऐसे र्े , शजन्होंने पहली बार भुिनेशजी को गािे हु ए देखा-सुना।

मीरडया की जीवंतो काय्चिाला के सहभागी "प्रणाम उदं ि मात्माण्ड' के िीन द् दन के प्र संग में भोपाल का भारि भिन मीनडया की एक जीिंि कायमाशाला ही बन गया। विद्ार्थी यहाुँ सामान्य श् ोिाओं की िरह अनुभिी संपादकों,पत्रकारों और एंकरों को सुनने के क् लए नहीं आए र्े । िे विषय विशेषज्ञ िक्ताओं को सुन रहे र्े , नोट्स ले रहे र्े , आठे पेज का अखबार और िीनडयो बुलेनटन बना रहे र्े । कैमरा टीम ने अं िरंग सभागार में बैठेे विद्ाशर् थि यों, अध्ापकों और शहर के अन्य अविशर् श् ोिाओं का भी ध् ान रखा है। चुननं दा िस्ीरें …

प्रणाम उदं ि मात्माण्ड के आयोजन में शस्त्ों की एक प्र दशमानी पुणे की संस्ा कोर की ओर से प्रस्तु ि हु ई, जो सबके आकषमाण का केंद्र बनी। इसमें मराठेाओं के समय में उपयोग में लाए गए शस्त् प्र दशशथिि र्े । राकेश दत्ात्रेय िािड़े की पुस्तक शशिकालीन अस्त्-शस्त्ों की संदद्भथि का में इन शस्त्ों का वििरण छपा है। िे भी िीनों द् दन भारि भिन में उपस्स्ि र्े । मीनडया के आयोजन में इस प्र दशमानी का आशय यह भी बना नक जब िोप मुकावबल र् ी, िब अखबार भी ननकाले और जब द्प्रं नटं ग िकनीक नहीं आई र् ी िब िोप के मुकाबले िोप भी भारिीयों के पास र् ी…

काटू्चन वॉर् के तोीस साल रायपुर के सुपररशचि काटूमाननस्ट त्रम्ब क शमामा ने नामालूम क् ा सोचकर अब से ठे ीक िीस साल पहले "काटूमान िॉच' नाम की एक पद्त्रका का शुभारंभ नकया र् ा। िे काटूमान भी बनािे रह सकिे र्े या प्र चक्लि पद्त्रकाओं की िरह कोई राजनीविक या सामाशजक विषयों पर केंद्द्र ि पद्त्रका प्र काशशि कर सकिे र्े । हम जानिे हैं नक यह कायमा िन, सािन और प्र बंिन िीनों दृद् टि से नकिना कठठेन है। सबसे अशिक कठठेन है शुरू नकए हु ए काम को लंबे समय िक नटकाए रखना। िह एक ररश्ा होिा है, शजसे ननभाना पड़िा है। ऐसा कोई भी काम नकसी िात्ाक्लक उत्साह में जोर-शोर से शुरू िो नकया जा सकिा है मगर उसे ननयवमि रखने का उत्रदाशयत्व सरल नहीं है, बशिवे रेिेन्यू की आिक जोरदार न हो। एकल सािना से ऐसे काम अशिक नटकिे नहीं हैं ।त्रम्ब क शमामा ने इस ररश्े को ननभाया, यह बड़ी बाि है। क् ा संयोग है नक भोपाल में हु ए काटूमान शो के ही द् दन काटूमान िॉच के प्र काशन ने िीस िषमा पूरे नकए और िे इस अिसर पर केंद्द्रि विशेषांक की िैयारी करके ही रायपुर से आए र्े । िे इस शो की किरेज का स् ान भी सुरक्षिि नकए हु ए र्े । विशेषांक के क् लए अविशर् संपादक बनने का सौभाग्य मुझे वमला। एक छोटा सा लेख मैंने क् लखा है। मगर त्रम्ब क जी महाराज एक काटूमाननस्ट पहले ननकले, प्र काशक बाद में। रायपुर लौटिे ही अपनी द्क्र एनटविटी में मुझे भी नहीं छोड़ा। टपोरी टाइप भूवमकाओं से परदे के महानायक कहलाए हररिंश राय बच्चन के शचरंजीि अवमिाभ बच्चन की नकसी द् फल्म का डायलॉग काटूमान शो के पोस्टर के सार् जोड़कर लकीरों में मुझे लपेट द् दया। विशेषांक के क् लए उनका दूसरा समृजन मुझे अशिक अच्ा लगा। विश्वविद्ालय के बीचों-बीच स् ाद्पि दादा माखनलाल चिुिवेदी की प्र विमा और 'कममािीर' के शशलालेख पर पहली बार नकसी ने कुछ रचा। यह पररसर का सिामाशिक दशमानीय स् ल बन गया है। विश्वविद्ालय की यात्रा 35 साल की है और इसी साल माखनलाल जी अपने पररसर में पिारे। पहली बार काटूमान शो हु आ और एक पद्त्रका के िीस साल होने का प्र संग संयोग से आया। मैंने त्रम्ब क जी से कहा नक यह माखनलाल चिुिवेदी के आशीष के वबना संभि नहीं र् ा। िनामा यह एक या दो महीने बाद भी कभी हो सकिा र् ा। तोीन रकतोाबों में 168 साल की परिकाररतोा सिग्र भारतीय पत्रकाररता - बूुँद-बूुँद से घड़ा नहीं, पूरा विशाल जलाशय भरने िाले पद्मश्ी से अलंकमृि विजयदत् श् ीिर विारा क् लखखि िीन िाजा प्र काशशि पुस्तकें हैं । यह िीन सद्दयों के विस्तमृि कालखंडों में फैले हु ए हैं। पहली सदी 1780-1880, विलक युग 1881-1920 और िीसरा गाुँिी युग 1921-1948। यह यात्रा आरंभ होिी है 1780 में कलकत्ा से। भारि को लूटने के एकसूत्रीय एजेंडे पर आए अंग्रेजों का पहला व् िस्स्ि अड्ा कलकत्ा ही बना र् ा, शजसे उन्होंने अपनी कारोबारी राजिानी की िरह विकशसि नकया और िीरे-िीरे राजपाट पर कब्े कर क् लए। उनसे पहले कब्ा जमाए मुब्लिम निाबों और बादशाहों के द् दन कलकत्ा-लखनऊ से लेकर द् दल्ली िक लदने लगे र्े मगर भारि के संकटों का अंि नहीं र् ा। हैजा के बाद प्े ग की बारी र् ी। महामाररयाुँ बारी-बारी से भारि पर झपटीं। "समग्र भारिीय पत्रकाररिा' िाणी प्र काशन से ही 2010 में छपे भारिीय पत्रकाररिा कोश का सममृद्ध और अशिक व् िस्स्ि एक संग्रहणीय संकलन है, शजस पर श् ीिरजी ने नए शसरे से पररश्म नकया है और इसे पढ़िे हु ए आप भारि में अखबारों की संकटों से शघरी रही शोभायात्रा के दशमान करिे हैं, शजसने भारि की संघषमा यात्रा को स् ािीनिा के महान लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाया। यह सुखद संयोग है नक "समग्र भारिीय पत्रकाररिा' 2026 में छपकर आया है और इसी साल भारि में द् हं दी पत्रकाररिा के 200 साल हो रहे हैं। -विजय मनोहर वििारी

िाखनलाल चतुवदेिी राष्टीय पत्रकाररता एवं संचार तवश्वतवद्ालय एक विश्वविद्यालय, जहयाँ नियाचयार ननरंतर हैं …