यह एक जन्मदिन का पत्र है जो एक बच्चे ने अपने पिता या बड़े भाई (राज) को लिखा है। इसमें लेखिका अपनी भावनाओं को व्यक्त करती है, राज को याद करती है, और उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं देती है। पत्र में प्यार, मिस करने का एहसास, और साथ रहने की इच्छा जैसे विषय हैं। लेखिका ने बताया है कि वह राज से दूर है और उनसे मिलने के लिए तरसती है। वह अपने 'नो-बजट' उपहार के बारे में भी बताती है और राज के अच्छे स्वास्थ्य…
यह एक व्यक्तिगत जन्मदिन का पत्र है जो एक बच्चे ने अपने पिता या बड़े भाई राज के लिए लिखा है। पत्र में लेखिका अपनी गहरी भावनाओं को व्यक्त करती है और राज को बताती है कि वह उन्हें कितना याद करती है।
पत्र की शुरुआत में लेखिका राज को जन्मदिन की शुभकामनाएं देती है और कहती है कि वह उन्हें बहुत याद करती है। वह बताती है कि राज के जाने के बाद से वह हर दिन उन्हें और भी ज्यादा मिस करती है और उनके पास रहना चाहती है।
लेखिका अपनी भावनाओं का वर्णन करती है कि जब वह राज को याद करती है तो उसके शरीर में एक अलग सी अनुभूति होती है। वह कहती है कि राज उसके दिमाग में हर समय रहते हैं, सोने से पहले और जागने के बाद भी।
वह बताती है कि राज से मिले हुए सिर्फ दो महीने हुए हैं लेकिन उसे ऐसा लगता है जैसे सालों बीत गए हों। वह सपने देखती है कि वे दोनों एक साथ रह रहे हैं और बिना किसी परेशानी के खुश हैं।
लेखिका राज को 'नो-बजट' उपहार देने के लिए माफी मांगती है क्योंकि वह बेरोजगार है। वह राज के अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना करती है और उम्मीद करती है कि वे जल्द ही अपने सपने पूरे करें। पत्र के अंत में वह फिर से राज को जन्मदिन की शुभकामनाएं देती है और उनसे जल्द मिलने की इच्छा जाहिर करती है।