यह एक हिंदी स्वास्थ्य गाइड है जो डॉ. मनीष तावरी के नाम से है और 2026 के लिए है। इसमें रीढ़ और दिमाग को स्वस्थ रखने के तरीके बताए गए हैं। गाइड में घर और ऑफिस के लिए एर्गोनॉमिक सेटअप, पोस्चर, 20-20-20 नियम, भार उठाने का सही तरीका, दिमाग के लिए आहार, नींद की स्थिति, व्यायाम और डॉक्टर से कब मिलना चाहिए, इन विषयों पर जानकारी है। अंत में ऑनलाइन या ऑफलाइन परामर्श के लिए संपर्क नंबर दिए गए हैं।
यह डॉ. मनीष तावरी की 2026 स्वास्थ्य गाइड है, जो हिंदी में लिखी गई है और आम लोगों के लिए है। इसमें रीढ़ और दिमाग को स्वस्थ रखने की सलाह दी गई है। गाइड की शुरुआत में बताया गया है कि हमारा नर्वस सिस्टम शरीर का कंट्रोल सिस्टम है और आज की लाइफस्टाइल में लंबे समय तक डेस्क पर बैठना, स्क्रीन टाइम बढ़ना और गलत पोस्चर इसको सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं।
पहला हिस्सा घर और ऑफिस के एर्गोनॉमिक सेटअप पर है। इसमें पोस्चर, कुर्सी की लंबर सपोर्ट, स्क्रीन की ऊंचाई और 20-20-20 नियम के बारे में बताया गया है। साथ ही भारी सामान उठाने का सही तरीका भी समझाया गया है, जिसमें घुटनों पर झुककर और कमर सीधी रखकर वजन उठाने की सलाह दी गई है।
दूसरा हिस्सा दिमाग के स्वास्थ्य और आहार से जुड़ा है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए अखरोट, बादाम, चिया सीड्स और अलसी के बीज बताए गए हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां और ताजे फल बताए गए हैं। पानी की कमी से सिरदर्द हो सकता है, इसलिए दिन में 8-10 गिलास पानी पीने की सलाह है। मानसिक व्यायाम, ध्यान और प्राणायाम को भी दिनचर्या में शामिल करने को कहा गया है।
तीसरा हिस्सा नींद पर है। इसमें बताया गया है कि बहुत ज्यादा मुलायम गद्दा रीढ़ को मोड़ देता है और बहुत सख्त गद्दा शरीर पर दबाव बनाता है, इसलिए मध्यम सख्त गद्दा ठीक रहता है। पीठ के बल या करवट लेकर सोना रीढ़ के लिए बेहतर माना गया है। रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद से याददाश्त और मानसिक संतुलन बेहतर रहता है।
चौथा हिस्सा व्यायाम और स्ट्रेचिंग पर है। इसमें कैट-काउ स्ट्रेच और बर्ड-डॉग एक्सरसाइज का जिक्र है, जो रीढ़ की लचीलापन बढ़ाने और निचली पीठ को स्थिर रखने में मदद करती हैं। सुबह की हल्की धूप और स्ट्रेचिंग से रक्त संचार बेहतर होता है। योग और स्ट्रेचिंग से कोर मसल्स मिलकर रीढ़ को सहारा देती हैं।
आखिरी हिस्सा चेतावनी के संकेतों पर है। इसमें बताया गया है कि लगातार पीठ दर्द जो आराम से कम न हो, हाथ या पैर में सुन्नपन, कमर से पैर तक जाने वाला दर्द, अचानक कमजोरी या गंभीर सिरदर्द होने पर तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट या स्पाइन स्पेशलिस्ट से संपर्क करना चाहिए। अंत में ऑनलाइन या ऑफलाइन परामर्श के लिए संपर्क नंबर दिए गए हैं।